PoliTalks News
बायोग्राफी

प्रशांत किशोर की जीवनी | Prashant Kishor Biography in Hindi

04 अगस्त 2026
साझा करें:
प्रशांत किशोर की जीवनी | Prashant Kishor Biography in Hindi

इस लेख में हम आपको श्री प्रशांत किशोर की जीवनी (Prashant Kishor Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.

Prashant Kishor Latest News – प्रशांत किशोर बिहार के ऐसे रणनीतिकार है जिन्होंने समय समय अलग अलग राजनीतिक पार्टी को सत्ता में लाने के लिए रणनीति बनाया है, जिससे उस राजनीतिक पार्टी की या तो जीत हुई है या फिर उसकी पहले से स्थिति अच्छी हुई है. उन्हें चुनावी कैम्पेन का मास्टर भी कहा जा सकता है. भाजपा हो या फिर जनता दल यु हो या फिर कांग्रेस, इनमे से सभी पार्टियों ने कभी न कभी अपने चुनावी कैम्पेन में प्रशांत किशोर से सहयोग लिया है और प्रशांत के रणनीति पर चुनाव लड़ा है. भाजपा ने 2014 के लोक सभा चुनाव में प्रशांत किशोर के कैम्पेन का सहयोग लिया था, उसी के बाद नरेंद्र मोदी सत्ता में आये और दस वर्ष से सत्ता में बैठी कांग्रेस की विदाई हुई थी. 

2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज को अपेक्षित चुनावी सफलता नहीं मिली. इसके बावजूद प्रशांत किशोर ने बिहार में अपनी राजनीतिक सक्रियता जारी रखी.

और अब 2026 में उनकी राजनीतिक यात्रा ने नया मोड़ लिया है. प्रशांत किशोर ने पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़कर खुद चुनावी मैदान में कदम रखा और जीत दर्ज की. इसके साथ ही कभी दूसरे नेताओं को चुनाव जिताने की रणनीति बनाने वाले प्रशांत किशोर अब खुद एक निर्वाचित नेता बन चुके हैं.
इस लेख में हम आपको श्री प्रशांत किशोर की जीवनी (Prashant Kishor Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.

प्रशांत किशोर की जीवनी (Prashant Kishor Biography in Hindi)

पूरा नाम प्रशांत किशोर पांडे
उम्र 49 साल
जन्म तारीख 1977
जन्म स्थान कोनार, बिहार, भारत
शिक्षा ग्रेजुएशन
कॉलेज
वर्तमान पद विधायक (बांकीपुर, पटना)
व्यवसाय राजनीतिज्ञ, व्यापार
राजनीतिक दल जन सुराज
वैवाहिक स्थिति विवाहित
पिता का नाम श्रीकांत पांडे
माता का नाम सुशीला पांडे
पत्नी का नाम जाह्नवी दास
बच्चे एक बेटा
बेटें का नाम
बेटी का नाम
स्थाई पता बिहार
वर्तमान पता बिहार
फोन नंबर
ईमेल

प्रशांत किशोर का जन्म और परिवार (Prashant Kishor Birth & Family)

प्रशांत किशोर का जन्म बिहार के रोहतास जिले के सासाराम के पास स्थित कोनार गांव में 1977 को हुआ था. हालांकि उनका जीवन बक्सर में बीता. प्रशांत किशोर का पूरा नाम प्रशांत किशोर पांडे है.

उनके पिता का नाम श्रीकांत पांडे था जो एक डॉक्टर थे जबकि माता सुशीला पांडे एक गृहणी थी. प्रशांत किशोर की शादी जाह्नवी दास से हुई है. प्रशांत किशोर की पत्नी जाह्नवी दास डॉक्टर है, जिससे प्रशांत ने प्रेम विवाह किया था. जाह्नवी दास असम के गुवाहाटी की रहने वाली है और वह जाति से कायस्थ है. प्रशांत किशोर का एक बेटा है.

मीडिया जानकारी के अनुसार उनका परिवार अब दिल्ली में ही रहता है. बिहार में कोई नहीं रहता है जबकि उनकी पत्नी जाह्नवी डॉक्टरी छोड़कर बेटे के साथ बिहार में ही रहती है.

प्रशांत किशोर हिन्दू है और जाति से ब्राह्मण है. उनपर आपराधिक मुकदमा दर्ज है.

प्रशांत किशोर की शिक्षा (Prashant Kishor Education)

प्रशांत किशोर की पढाई बिहार के बक्सर से हुई थी. उन्होंने लखनऊ से ग्रेजुएशन किया है.

प्रशांत किशोर का शुरूआती जीवन (Prashant Kishor Early Life)

प्रशांत किशोर जीवन में अलग अलग शहरो में बीता. वह देश विदेश घूम चुके है. कम लोगो को मालूम होगा कि प्रशांत किशोर राजनीति में आने से पहले या फिर राजनीतिक रणनीतकार बनने से पहले यूएन में जॉब करते थे. वहां उन्होंने आठ वर्षो तक काम किया था. प्रशांत किशोर 2011 तक संयुक्त राष्ट्र द्वारा वित्तपोषित सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में काम किया. बताया जाता है कि वही पर उनकी मुलाकात डॉ जाह्नवी दास से हुई थी. दोनों के बीच प्रेम प्यार का दौर चला और फिर दोनों ने विवाह कर लिया. प्रशांत किशोर भारत के अलग अलग शहरो के अलावे अमरीका, साऊथ अफ्रीका, यूरोप के देशो में भ्रमण कर चुके है.

घुम्मकड़ स्वभाव वाले प्रशांत किशोर की पढाई भी अलग अलग शहरो में हुई है. एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया है कि कुछ समय वह पटना साइंस कॉलेज में जाकर पढाई की फिर जब तबियत ख़राब हुई तब वह पटना छोड़कर फिर से घर चले गए और बाद में कुछ समय बाद हिन्दू कॉलेज आ गए और अंत में ग्रेजुएशन लखनऊ से किया. फिर हैदराबाद चले गए और वहां से उन्हें किसी तरह से यूएन में नौकरी मिल गई. उन्होंने बताया कि उनकी पढाई लगातार नहीं हो पायी थी. उन्होंने हर दो वर्ष छोड़कर अगले क्लास में एडमिशन लिया था. उन्होंने कहा कि 12वीं के बाद तीन वर्ष छोड़ी और बीए के बाद दो वर्ष छोड़ी.

प्रशांत किशोर का राजनीतिक करियर (Prashant Kishor Political Career)

प्रशांत किशोर राजनीतिक सलाहकार है. उन्होंने अपना कैरियर चुनावी कैम्पेन तैयार करने के क्षेत्र में बनाया. आज के समय में चुनाव में जीत हासिल करने के लिए नेता हो या राजनीतिक पार्टियां हो, वे एक साथ कई रणनीति पर काम करते है. इसी कड़ी में चुनावी कैम्पेन भी आती है. प्रशांत किशोर को जनता का मूड बदलवाने में महारत हासिल है. वे अपने कैम्पेन के माध्यम से राजनीतिक पार्टियों को जीत हासिल करवाते है.

प्रशांत किशोर अब तक कई राजनीतिक पार्टियों को सत्ता में लाने के लिए अपनी कैम्पेन चला चुके है. इसके लिए उन्हें राजनीतिक पार्टियों की ओर से अच्छी खासी रकम मिलती है. उस चुनावी कैम्पेन को सफल करवाने के लिए किशोर अपने साथ कई दूसरे लोगो की भी सहायता लेते है. प्रशांत किशोर ने अब तक जिन राजनीतिक पार्टियों के लिए कैम्पेन चलाये है उनमे भाजपा, जद यू (जनता दल यू), कांग्रेस, वाईएस कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके शामिल है.

2014 में भाजपा ने तो 2015 में नितीश की पार्टी जदयू ने तो 2016 में कांग्रेस ने पंजाब की विधान सभा चुनाव में तथा 2017 में जगनमोहन रेड्डी की पार्टी वाईएस कांग्रेस ने जबकि 2020 में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में हुए विधान सभा चुनाव में, तो 2021 में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने और फिर उसी वर्ष यानि 2021 में ही DMK ने प्रशांत किशोर को अपना राजनीतिक सलाहकार बनाया था. इसके बाद अधिकांश पार्टियों को मत प्रतिशत और सीट में वृद्धि हुई थी. हालांकि वर्ष 2017 में यूपी के विधान सभा में कांग्रेस ने प्रशांत किशोर को अपना इलेक्शन कैम्पेन और स्ट्रेटजी की जिम्मेदारी दी थी पर इसके बाद भी कांग्रेस की हार हुई थी.

दुसरो के लिए चुनावी रणनीति बनाने वाले प्रशांत किशोर ने हाल ही में संकेत दिया कि अब वह प्रत्यक्ष राजनीति में आएंगे. इसी उद्देश्य से उन्होंने 2 अक्टूबर 2024 को जन सुरज नाम की राजनीतिक दल की औपचारिक घोषण की.

जन सुराज पार्टी के गठन के साथ ही प्रशांत किशोर चुनावी रणनीतिकार से सक्रिय राजनीति में उतर गए। उन्होंने बिहार को अपनी राजनीति का मुख्य केंद्र बनाया और शिक्षा, रोजगार, पलायन, स्वास्थ्य तथा विकास जैसे मुद्दों को लेकर जनता के बीच अपनी जगह बनाने की कोशिश की।

वर्ष 2025 का बिहार विधानसभा चुनाव प्रशांत किशोर और उनकी जन सुराज पार्टी के लिए पहली बड़ी चुनावी परीक्षा रहा. पार्टी ने बड़े स्तर पर उम्मीदवार उतारे, लेकिन एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हो सकी. चुनाव में मिली हार की जिम्मेदारी प्रशांत किशोर ने खुद स्वीकार की. हालांकि इसके बाद भी उन्होंने बिहार की राजनीति में अपनी सक्रियता जारी रखी.

अब बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने बड़ी जीत दर्ज की है. जन सुराज के प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे प्रशांत किशोर को कुल 63,946 वोट मिले. उन्होंने भाजपा के नीरज सिन्हा को 19,246 वोटों के अंतर से हराया। नीरज सिन्हा को 44,700 वोट मिले, जबकि राजद प्रत्याशी 14,241 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे.

इस जीत के साथ कभी दूसरे राजनीतिक दलों के लिए चुनावी रणनीति तैयार करने वाले प्रशांत किशोर ने खुद चुनावी मैदान में भी अपनी ताकत दिखाई है। अब उनकी सबसे बड़ी चुनौती इस जीत को जन सुराज के लिए बिहार में बड़े और स्थायी राजनीतिक जनाधार में बदलने की होगी.

प्रशांत किशोर की संपत्ति (Prashant Kishor Net Worth)

प्रशांत किशोर ने एक इंटरव्यू में कहा था कि किसी एक चुनाव में किसी को सलाह देने के लिए उनकी फ़ीस 100 करोड़ रुपये या उससे ज़्यादा से शुरू होती है. उन्होंने कहा कि वह राजनीतिक दलों या नेताओं को सलाह देने के लिए 100 करोड़ रुपये से अधिक शुल्क लेते हैं.

इस लेख में हमने आपको प्रशांत किशोर की जीवनी (Prashant Kishor Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.

PoliTalks News - Authoritative News Portal