प्रल्हाद जोशी की जीवनी (Pralhad Joshi Biography in Hindi)
Pralhad Joshi Latest News - देश में नीट पेपर मामले को लेकर मचे बबाल के बाद आख़िरकार धर्मेंद्र प्रधान को अपना इस्तीफा देना पड़ा और उनके इस्तीफे ठीक दूसरे दिन ही प्रल्हाद जोशी ने शिक्षा मंत्री का कार्यभार संभाल लिया है. कर्णाटक के धारवाड़ से पांच बार के सांसद रहे प्रह्लाद जोशी मोदी सरकार के दूसरे व तीसरे कार्यकाल में भी मंत्री पद संभाल चुके हैं. जोशी 2019 से लेकर 2024 तक पुरे पांच वर्षो के कार्यकाल के लिए संसदीय कार्य मंत्री, कोयला मंत्री और खान मंत्री रहे हैं, तो वही 2024 में उन्हें उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालयों की जिम्मेदारी दी गई और अब उनके पास शिक्षा मंत्रालय भी हैं. इस लेख में हम आपको प्रल्हाद जोशी के जीवन परिचय (Pralhad Joshi Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.
प्रल्हाद जोशी जन्म और परिवार (Pralhad Joshi Birth & Family)
प्रल्हाद जोशी (Pralhad Joshi) का जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुर (पहले, बीजापुर) जिले में हुआ था. उनके पिता का नाम श्री वेंकटेश जोशी (Shri Venkatesh Joshi) और माता का नाम श्रीमती मालतीबाई (Smt. Malatibai) हैं. उनके पिता भारतीय रेलवे में कर्मचारी थे और वे अपने माता-पिता की तीसरी संतान हैं.
उनका विवाह 26 नवंबर 1992 को ज्योति जोशी (Jyoti Joshi) से हुआ था. उन्हें तीन संतान है. तीनो बेटियाँ हैं. चुनाव में दिए गए हलफनामें के अनुसार उनकी पत्नी के आय का जरिया निजी नौकरी एवं व्यवसाय से प्राप्त आय है.
प्रल्हाद जोशी हिन्दू है, जबकि जाति से वे ब्राह्मण है.
उनपर 0 आपराधिक मुकदमा दर्ज है. (स्रोत: myneta.info – 2024)
स्थायी पता : 122-डी, मयूरी एस्टेट, केशवपुर, हुबली कर्नाटक 580023 टेल्स। : (0836) 2251055, 2258955
Mob. 09448283555
वर्तमान पता : 11 अकबर रोड, नई दिल्ली, दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र 110001
दूरभाष: (011) 23014097, 23094098, 23094650 (घर)
(011) 23070522, 23070524, 23387277, 23383109 (ऑफिस)
फैक्स: (011) 23070529 (ऑफिस)
प्रल्हाद जोशी की शिक्षा (Pralhad Joshi Education)
प्रल्हाद जोशीने वर्ष 1983 में कदाससिद्धेश्वर आर्ट्स कॉलेज, हुबली, कर्नाटक विश्वविद्यालय, धारवाड़ से बीए किया.
प्रल्हाद जोशी राजनीतिक करियर (Pralhad Joshi Political Career)
देश के शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत नब्बे के दशक के आरम्भ में की थी. राजनीति में आने से पहले वे पेशे से उद्योगपति रहे है. हालांकि वह युवावस्था से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सदस्य भी बन गए थे. इसके बाद वह लगातार आरएसएस के प्रशिक्षण शिविरों में भी भाग लेते रहे और संघ के सक्रिय सदस्य की भांति उसके साथ जुड़े रहे. प्रल्हाद जोशी ने वर्ष 1992 से 1994 तक कर्नाटक के हुबली स्थित इदागाह मैदान में तिरंगा झंडा फहराने के आंदोलन का आयोजन करके राजनीति में अपना स्थान बनाया. उन्ही वर्षो में जब कश्मीर जल रहा था और केंद्र की सरकार वहां के हिन्दुओ के लिए कुछ भी नहीं कर रही थी तब उसी के विरोध में जोशी ने उन्ही वर्षों के दौरान "कश्मीर बचाओ आंदोलन" का भी नेतृत्व किया, जिसने उन्हें राज्य के उन क्षेत्रों में एक जाना-पहचाना चेहरा बना दिया. इसके बाद वे धारवाड़ जिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष चुने गए.
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रल्हाद जोशी को पहली बार वर्ष 2004 में 14वें लोकसभा चुनाव में कर्नाटक के धारवाड़ लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया. उस चुनाव में प्रल्हाद जोशी का सामना कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार बीएस पाटिल से था और वे अपने पहले ही प्रयास में विजय रहे. उन्होंने कांग्रेस के बीएस पाटिल को हराकर धारवाड़ लोकसभा सीट जीत ली. उसके बाद तो जोशी धारवाड़ निर्वाचन क्षेत्र से लगातार 5 चुनाव जीत चुके हैं. वर्तमान में भी वह वही से सांसद है. वर्ष 2009 में हुए 15वीं लोकसभा चुनाव में प्रह्लाद जोशी ने कर्नाटक के 28 निर्वाचन क्षेत्रों में दूसरे सबसे बड़े अंतर से जीत हासिल की थी, जबकि भाजपा के अधिकांश मंत्रियों और सांसदों को उसी चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था.
मई 2019 में हुए 17वीं लोकसभा चुनाव में प्रल्हाद जोशी को धारवाड़ लोकसभा सीट पर 2,05,072 के भारी मतों के अंतराल से जीत हासिल हुई. इस सीट से और लोकसभा चुनाव में यह उनकी चौथी जीत थी. उन्होंने कांग्रेस के विनय कुलकर्णी को पराजित किया था. उनके जीत का सिलसिला जून 2024 में हुए आम चुनाव में भी जारी रहा. इस बार के चुनाव में उन्हें 7,16,231 मत प्राप्त हुए, जो कुल मतों के अकेले 52 प्रतिशत से भी अधिक हैं. वही उनके निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के विनोद असूती को कुल 6,18,907 मत हासिल हुए. इस बार के लोकसभा चुनाव में प्रल्हाद जोशी को 97,324 मतों के अंतर से जीत हासिल हुई.
प्रल्हाद जोशी को पहली बार मोदी सरकार दूसरे कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री बनाया गया. उन्हें 30 मई 2019 को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई और उन्हें संसदीय कार्य मंत्री, कोयला मंत्री और खान मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई. इसके बाद, उन्होंने अपना पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा किया. वह जून 2024 तक केंद्रीय मंत्री बने रहे. 2024 में हुए
18वीं लोकसभा में पांचवी जीत के बाद उन्हें पुनः मोदी मंत्रिमंडल में स्थान मिला और उन्हें फिर से केंद्रीय मंत्री बनाया गया. प्रल्हाद जोशी को जून 2024 में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री नियुक्त किया गया. 2026 नीट पेपर लीक विवाद को लेकर देशव्यापी छात्र विरोध प्रदर्शन के बाद आखिरकार 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद खाली हुए शिक्षा मंत्रालय का पद भार जोशी को अतिरिक्त प्रभार के तौर पर सौंपा गया.
प्रल्हाद जोशी की संपत्ति (Pralhad Joshi Property)
2024 में लोकसभा चुनाव में दाखिल किये गए घोषणापत्र के अनुसार प्रल्हाद जोशी की कुल संपत्ति 21.09 करोड़ रूपये हैं, जबकि उनपर 8 करोड़ रूपये का कर्ज भी है.
इस लेख में हमने आपको प्रल्हाद जोशी जीवनी (Pralhad Joshi Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.












