तेलंगाना की सियासी पिच पर किस तरह की ‘कलात्मक राजनीति’ करेंगे मोहम्मद अजहरुद्दीन?

mohammad azharuddin in telangana
28 Nov 2023
तेलंगाना में 119 सीटों के लिए होने वाले विधानसभा चुनाव में हैदराबाद की जुबली हिल्स विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार और पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन मैदान में है. इस सीट पर असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने मोहम्मद रशेद फ़राज़ुद्दीन को उतारा है. वहीं बीआरएस ने अपने मौजूदा विधायक एम गोपीनाथ को इस क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बनाया है. तीनों में ​टक्कर का मुकाबला बताया जा रहा है और यह सीट त्रिकोणीय समीकरणों में फंस गयी है. इसके बावजूद इस सियासी पिच पर मोहम्मद अजहरुद्दीन अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं. https://www.youtube.com/watch?v=Y25X5LYjVt4 मीडिया से बात करते हुए अज़हरुद्दीन ने कहा, 'हम अपना चुनाव खुद लड़ रहे हैं. हमें वास्तव में इसकी चिंता नहीं है कि कौन क्या कर रहा है. मैं अपना चुनाव खुद लड़ रहा हूं. यह मेरे लिए महत्वपूर्ण है और मैं जानता हूं कि जुबली हिल्स के लोग दृढ़ता से मेरे पीछे हैं. वे सभी मुझे चाहते हैं.' वैसे देखा जाए तो मो.अज़हरुद्दीन यहां अपनी जीत के लिए आश्वस्त नजर आ रहे है. वैसे उनका मुकाबला वर्तमान विधायक एम. गोपीनाथ से है लेकिन राजनीतिक जानकार मोहम्मद रशेद फ़राज़ुद्दीन को अज़हरुद्दीन का नजदीकी प्रतिद्वंद्वी बता रहे हैं. इस पर पूर्व क्रिकेटर मो.अज़हरुद्दीन ने कहा कि वह एआईएमआईएम द्वारा वहां उम्मीदवार खड़ा करने को लेकर चिंतित नहीं हैं और विश्वास जताया कि निर्वाचन क्षेत्र के लोग उनके साथ हैं. राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, एआईएमआईएम उम्मीदवार निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के वोट शेयर को विभाजित कर सकते हैं. यह भी पढ़ें: राजस्थान में 0.90 फीसदी ज्यादा मतदान, क्या कहता है फलौदी का सट्टा बाजार? पूर्व क्रिकेटर एवं कांग्रेस उम्मीदवार ने कहा कि 30 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए उनका अभियान अच्छा चल रहा है और लोगों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है. एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में निर्वाचन क्षेत्र में कोई विकास नहीं हुआ है. इसके अलावा असामाजिक तत्व भी पनप रहे हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस आगामी चुनाव में जीत हासिल करेगी और तेलंगाना में सरकार बनाएगी. राजनीतिक विश्लेषक के अनुसार, एमआईएम उम्मीदवार कांग्रेस के वोटों को विभाजित कर सकते हैं और अपने निर्वाचन क्षेत्र में बीआरएस को लाभ पहुंचा सकते हैं. ऐसे में यहां जीत दर्ज करना अज़हरुद्दीन के लिए आसान काम नहीं होगा और मुकाबला कड़ा होने जा रहा है.