केंद्र सरकार की आर्थक नीतियां नहीं है देश हित में, पॉलिसीज को है फाइन ट्यून करने की जरूरत- चिदंबरम

सरकार इस देश में देती है सबसे ज्यादा रोजगार लेकिन मोदी सरकार ने नई भर्तियों के कर दिए हैं दरवाजे बंद, मोदी सरकार युवा, गरीब, दलित—आदिवासी विरोधी सरकार है, केंद्र महंगाई के लिए रूस-यूक्रेन वॉर को नहीं ठहरा सकती जिम्मेदार, यूक्रेन वॉर से पहले ही तेल की कीमतें हैं ज्यादा, कीमतें ज्यादा होने का कारण पेट्रोल-डीजल पर हाई टैक्स है, आज महंगाई बढ़ रही है, लेकिन केंद्र की नहीं है कोई तैयारी- पी चिदंबरम

0
‘आर्थिक नीतियों पर किया जाए फिर से विचार’
‘आर्थिक नीतियों पर किया जाए फिर से विचार’
Advertisement2

Politalks.News/CongressChintanShivir/PChidambaram. आगामी विधानसभा चुनाव और 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी मंथन में लग चुकी है. राजस्थान के उदयपुर में कांग्रेस का नव संकलप चिंतन शिविर जारी है. चिंतिन शिविर का आज दूसरा दिन है. कांग्रेस के इस चिंतन शिविर में आज पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी कई अहम बैठक लेंगे जिसमें, पार्टी प्रदेशाध्यक्ष, पार्टी महासचिव, नेता प्रतिपक्ष सहित कई गणमान्य मौजूद रहेंगे. वहीं चिंतन शिविर के दूसरे दिन की शुरुआत भारतीय अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर शुरू हुई. पूर्व वित्त मंत्री एवं कांग्रेस के दिग्गज नेता पी चिदंबरम ने आज एक पत्रकार वार्ता करते हुए बीजेपी पर जमकर निशाना साधा. पी चिदंबरम ने कहा कि, ‘केंद्र सरकार की आर्थक नीतियां देश हित में नहीं है. सरकार इस देश में सबसे ज्यादा रोजगार देती है, लेकिन मोदी सरकार ने नई भर्तियों के दरवाजे बंद कर दिए हैं.’

शुक्रवार को कांग्रेस के नव चिंतन संकल्प शिविर में अर्थव्यवस्था को लेकर अहम बैठक हुई. इस बैठक में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के साथ पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी एवं राजस्थान कांग्रेस के दिग्गज नेता एवं टोंक विधायक सचिन पायलट भी मौजूद रहे. शुक्रवार को हुई इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. बैठक में हुई चर्चा के बाद आज शनिवार को पी चिदंबरम ने अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दे पर सरकार को जमकर कोसा. चिदंबरम ने प्रेसवार्ता कर कहा कि, ‘केंद्र सरकार की आर्थक नीतियां किसी भी तरह से देश हित में नहीं है. जीएसटी के गलत इंप्लीमेंटेशन की वजह से देश के सभी राज्यों की हालत खराब हो गई है. राज्यों को जीएसटी का पैसा समय पर नहीं दिया जा रहा है. आर्थिक मोर्चे पर केंद्र सरकार गलत कदम उठाते ही जा रही है. हमने चिंतन शिविर में देश के आर्थिक हालात और आगे के कदमों पर विस्तार से चर्चा की है.’

यह भी पढ़े: सत्ता के लिए समाज को बांटने वाली कांग्रेस के इस शो से और बढ़ेगी चिंता- चिंतन शिविर पर भाजपा का तंज

पी चिदंबरम ने आगे कहा कि, ‘वैश्विक और स्थानीय घटनाक्रमों के मद्देनजर यह जरूरी हो गया है कि उदारीकरण के 30 साल के बाद अब आर्थिक नीतियों को फिर से तय करने पर विचार किया जाए. लेकिन हमारी इस मांग का यह मतलब यह नहीं है कि कांग्रेस उदारीकरण से पीछे हट रही है, बल्कि उदारीकरण के बाद पार्टी आगे की ओर कदम बढ़ा रही है.’ चिदंबरम ने कहा कि, ‘भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति गंभीर चिंता का विषय है. पिछले आठ वर्षों में धीमी आर्थिक विकास दर केंद्र में सत्तारूढ़ नरेंद्र मोदी सरकार की पहचान रही है. आज महंगाई बढ़ रही है, लेकिन केंद्र की इसे लेकर कोई तैयारी नहीं है. केंद्र सरकार गेहूं का निर्यात कर रही है जबकि देश में स्टोरेज की व्यवस्था ही नहीं है. केंद्र सरकार किसान हितैषी नहीं है. मुझे 1991 की पॉलिसी बनाने का फस्ट हैंड एक्सपीरियंस हैं, आज पॉलिसीज को फाइन ट्यून करने की जरूरत है, अब रिसेट करने की जरूरत है.’

कोरोना महामारी का जिक्र करते हुए पी चिदंबरम ने कहा कि, ‘महामारी के बाद अर्थव्यवस्था की स्थिति में सुधार बहुत साधारण और अवरोध से भरा रहा है. पिछले पांच महीनों के दौरान समय समय पर 2022-23 के लिए विकास दर का अनुमान कम किया जाता रहा है. आज पुरे देश में महंगाई अस्वीकार्य स्तर पर पहुंच गई है और आगे भी इसके बढ़ते रहने की आशंका है और साथ ही रोजगार की स्थिति कभी भी इतनी खराब नहीं रही.’ बढ़ती महंगाई का जिक्र करते हुए पी चिदंबरम ने कहा कि, ‘केंद्र सरकार महंगाई के लिए रूस-यूक्रेन वॉर को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकती. यूक्रेन वॉर से पहले ही तेल की कीमतें ज्यादा है. कीमतें ज्यादा होने का कारण पेट्रोल-डीजल पर हाई टैक्स है. आज महंगाई बढ़ रही है, लेकिन केंद्र की कोई तैयारी नहीं है.’

यह भी पढ़े: 10 मिनिट के लिए हटा लें पुलिस, ओवैसी को भी औरंगजेब के पास नहीं भेज दें तो…- राणे का बड़ा बयान

चिंदबरम ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि,’ सरकार इस देश में सबसे ज्यादा रोजगार देती है, लेकिन मोदी सरकार ने नई भर्तियों के दरवाजे बंद कर दिए हैं. मोदी सरकार युवा, गरीब, दलित—आदिवासी विरोधी सरकार है. आज सेना में 3 साल से कोई भर्ती नहीं हुई है जिसके कारण इस देश का युवा आत्महत्या के लिए आतुर हो रहा है.’ आपको बता दें कि कांग्रेस में आगे आने वाले दिनों में बड़े बदलावों का खाका तैयार किया जा रहा है. उदयपुर में चल रहे चिंतन शिविर में आज पुरे दिन पार्टी के दिग्गज नेता अलग अलग ग्रुप में बैठकर बदलावों की सिफारिशों को फाइनल करेंगे. आज पूरे दिन केवल ग्रुप डिस्कशन चलेंगे, शाम तक नेता मंथन करेंगें. तो वहीं कल कांग्रेस कार्य समिति की बैठक होगी जिसमें पार्टी के बदलावों को फाइनल किया जाएगा. चिंतन में तय हुए मुद्दों को फाइनल करके प्रस्ताव तैयार होंगे.

Leave a Reply