10 मिनिट के लिए हटा लें पुलिस, ओवैसी को भी औरंगजेब के पास नहीं भेज दें तो…- राणे का बड़ा बयान

मेरे पास एक सांसद है और तुम... तुम तो बेघर हो, लापता हो, अपने ही घर से बेदखल कर दिए गए हो, मैं तो सिर्फ ये कहूंगा कि जो भौंकते हैं, उन्हें भौंकने दो- ओवैसी, औरंगजेब को इसी मिट्टी में हमने गाड़ा है, उसके जो भक्त है जो राजनीति कर रहे है उनका भी होगा यही हश्र- राउत, ओवैसी को पता है कि वो औरंगजेब की मजार पर जाकर कुछ भी करें, वो अपने दोनों पैरों पर महाराष्ट्र में घूम तो पाएंगे ही, क्योंकि राज्य में... की है सरकार- राणे

महाराष्ट्र पहुंचे ओवैसी से गरमाई सूबे की सियासत
महाराष्ट्र पहुंचे ओवैसी से गरमाई सूबे की सियासत

Politalks.News/Maharashtra. महाराष्ट्र में पहले से लाउडस्पीकर पर अजान और हनुमान चालीसा को लेकर जारी सियासत में आज तड़का उस वक़्त लग गया जब AIMIM नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने मनसे प्रमुख का नाम लिए बगैर जमकर निशाना साधा और कहा कि, ‘मैं यहां किसी को जवाब देने आया नहीं हूं, ना ही किसी को बुरा कहने. मेरा तो फिर भी एक सांसद है लेकिन तुम तो बेघर हो, तुम लापता हो, तुम्हें घर से बेदखल किया गया है. मैं तो यह कहूंगा कि जो भी कुत्ता भौंकता है उसे भौंकने दो.’ बात यहीं तक सीमित रहती तो भी सही था लेकिन अकबरुद्दीन ने रैली से पहले औरंगजेब की कब्र पर जाकर चादर और फूल भी चढ़ाए, जिसने सूबे की राजनीति में एक नए ही विवाद को जन्म दे दिया है. इस पर न सिर्फ शिवसेना बल्कि बीजेपी ने भी जमकर औवेसी को आड़े हाथ लिया और अकबरुद्दीन औवेसी को भी औरंगजेब के पास ही भेजने की धमकी दे दी.

गुरुवार को औरंगाबाद में स्कूल ऑफ एक्सिलेंस की नींव रखने पहुंचे एआईएमआईएम नेता ने एक रैली को संबोधित करते हुए लाउडस्पीकर विवाद के बाद उपजे हालातों को लेकर मनसे प्रमुख राज ठाकरे पर जमकर निशाना साधा. अकबरुद्दीन ओवैसी ने राज ठाकरे का नाम लिए बिना ही कहा कि, ‘आज पुरे देश में नफरत की बात हो रही है, लेकिन हम नफरत से नहीं बल्कि प्यार से जवाब देंगे. कुछ लोगों को यहां लगता है कि मैं किसी को जवाब देने आया हूं, लेकिन मैं यहां किसी को जवाब देने नहीं आया हूं, न ही किसी को बुरा कहने आया हूं और ना ही मैं किसी को जवाब देना चाहता हूं. मेरे पास एक सांसद है और तुम… तुम तो बेघर हो, लापता हो, अपने ही घर से बेदखल कर दिए गए हो. मैं तो सिर्फ ये कहूंगा कि जो भौंकते हैं, उन्हें भौंकने दो.’

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अकबरुद्दीन ओवैसी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि, ‘देश में आज अजान की बात हो रही है, लिंचिंग और हिजाब की बात हो रही है, लेकिन महंगाई को लेकर कोई भी बात करने को तैयार नहीं है. लेकिन मैं आप लोगों से ये कहना चाहूंगा कि डरने की जरूरत नहीं है, बस मुसलमानों को एक साथ खड़े होने की जरूरत है.’ अकबरुद्दीन ओवैसी यहीं नहीं रुके उन्होंने आगे कहा कि, ‘मैं ये साफ कह देता हूं कि, ‘मैं एक दिन जवाब देने जरूर आऊंगा, आम और खास के मैदान पर अकबरुद्दीन ओवैसी लड़ेगा, अपने पसंदीदा जगह और पसंदीदा समय, तुम्हारी पसंदीदा जगह पर नहीं, जगह और समय मैं तय करूंगा, याद रखना.’

इसी बीच महाराष्ट्र पहुंचे ओवैसी ने राज ठाकरे पर तो निशाना साधा ही लेकिन रैली से पहले अकबरुद्दीन ने खुलदाबाद में मौजूद औरंगजेब की कब्र पर जाकर चादर और फूल भी चढ़ाए थे जिसने सूबे की राजनीति में एक नए ही विवाद को जन्म दे दिया है. AIMIM नेता अकबरुद्दीन ओवैसी के मुग़ल शासक ओरंगजेब की कब्र पर फूल चढाने को लेकर शिवसेना नेता संजय राउत ने निशाना साधा है. संजय राउत ने कहा कि, ‘औरंगजेब कोई महान संत नहीं, उन्होंने मंदिर तोड़े, मंदिरों को ध्वस्त किए, छत्रपति शिवाजी महाराज और बाद में मराठा योद्धाओं ने उनके साथ लड़ाई, अब महाराष्ट्र में आकर उसी औरंगजेब के कब्र पर चादर चढ़ाना. औरंगजेब को इसी मिट्टी में हमने गाड़ा है, उसके जो भक्त है जो राजनीति कर रहे है उनका भी यही हश्र होगा.’ वहीं अकबरुद्दीन ओवैसी को आड़े हाथ लेते हुए बीजेपी ने भी जमकर निशाना साधा है.

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बीजेपी नेता राम कदम ने कहा कि, ‘महाराष्ट्र सरकार को लोगों की आवाज दबाने और उनपर राजद्रोह के आरोप लगाने का शौक है. अगर वो इतने साहसी हैं तो उन्हें ओवैसी पर राजद्रोह का मुकदमा चलाना चाहिए. वहीं भाजपा विधायक और केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के बेटे नितेश राणे ने 2 विवादास्पद ट्वीट कर कहा, ‘ओवैसी को पता है कि वो औरंगजेब की मजार पर जाकर कुछ भी करें, वो अपने दोनों पैरों पर महाराष्ट्र में घूम तो पाएंगे ही, क्योंकि राज्य में…की सरकार है. इसी को कहते है सच्चा हिंदुत्व.’ अपने दूसरे ट्वीट में नितेश राणे ने धमकी देते हुए कहा, ‘मैं कहता हूं, पुलिस को 10 मिनट के लिए हटा दें, अगर हमने उन्हें औरंगजेब के पास नहीं भेजा तो हम भी शिवाजी महाराज के सैनिक नहीं.’

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