सियासी चर्चा-पंजाब और उत्तराखंड में आप की दोहरी रणनीति, एक तरफ जनता की पसंद का ‘दूल्हा’ दूसरी तरफ…

पंजाब में आप का दांव, कल दोपहर आम आदमी पार्टी बताएगी कौन होगा सीएम फेस, केजरीवाल खुद करेंगे ऐलान, कांग्रेस में बढ़ेगी कलह! सियासी चर्चा- पंजाब में जनता से पूछा गया सीएम का फेस, उत्तराखंड में बंद कमरों में हुआ तय, पंजाब और उत्तराखंड में दोहरे मापदंड क्यों?

पंजाब और उत्तराखंड में केजरीवाल के दोहरे मापदंड!
पंजाब और उत्तराखंड में केजरीवाल के दोहरे मापदंड!

Politalks.News/PunjabAssemblyElection. पंजाब चुनाव का घमासान तेज होता जा रहा है. मतदान से पहले आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) अपने मुख्यमंत्री उम्मीदवार का ऐलान करने जा रही है. बताया गया है कि मंगलवार को दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल  (Arvind Kejriwal) खुद चंडीगढ़ (Chandigarh) में इसका ऐलान करने जा रहे हैं. मंगलवार 18 जनवरी की दोपहर तक इसका ऐलान कर दिया जाएगा. पार्टी ने पहले ही ये बात साफ कर दी थी कि चुनाव में उतरने से पहले जनता के सामने मुख्यमंत्री का चेहरा लाया जाएगा. बात अगर मुख्यमंत्री उम्मीदवार की करें तो पार्टी पंजाब (Punjab) के लिए भगवंत मान को सीएम फेस बना सकती है. पार्टी में सीएम चेहरे की रेस में भगवंत मान (Bhagwant Maan) ही सबसे आगे चल रहे हैं. सियासी गलियारों में इसको लेकर चर्चा है कि, क्या केजरीवाल की पार्टी के लिए पंजाब और उत्तराखंड (Uttarakhand) में दो नियम हैं? उत्तराखंड में पार्टी ने बिना किसी से पूछे अजय कोठियाल (Ajay Kothiyal) के नाम का ऐलान कर दिया और पंजाब में लोगों से पूछने का ढोंग किया जा रहा है. दूसरी चर्चा यह है कि आप के इस दांव से कांग्रेस पर भी अपना ‘दूल्हा’ घोषित करने का दबाव बनेगा.

72 घंटे में आए 7 लाख कॉल, 5.5 लाख व्हाट्सएप, 1.5 लाख वॉइस मैसेज
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पंजाब में एक नया दांव चला है. उन्होंने एक मोबाइल नंबर जारी करके पंजाब के लोगों से पूछा है कि विधानसभा चुनाव में किसको मुख्यमंत्री पद का दावेदार बनाया जाए. वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि, ‘इस नंबर पर पिछले 72 घंटे में साढ़े पांच लाख से ज्यादा लोगों ने व्हाट्सएप, 7 लाख के करीब लोगों ने कॉल और डेढ़ लाख लोगों ने वॉइस मैसेज और डेढ़ लाख लोगों ने टेक्स्ट मैसेज के जरिए अपनी राय दी है’.

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कांग्रेस पर भी बनेगा चेहरा घोषित करने का दबाव
सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा है कि, केजरीवाल ने पंजाब में ऐसा क्यों किया, यह समझना जरा मुश्किल है. लेकिन केजरीवाल ने सिर्फ लोगों से पूछा ही नहीं, बल्कि इसको एक सैद्धांतिक जामा भी पहनाया. केजरीवाल ने कहा कि, ‘बंद कमरे में मुख्यमंत्री तय करने की परंपरा बंद होनी चाहिए’. आपको बता दें कि केजरीवाल ने कई महीने पहले कहा था कि पंजाब में वे सीएम का चेहरा पेश करेंगे. केजरीवाल बार बार भाजपा, कांग्रेस से पूछते थे कि आपका दूल्हा कौन है? जब उन्होंने महीनों पहले तय किया था कि सीएम का चेहरा पेश करेंगे तो लोगों से पूछने के लिए चुनाव की घोषणा का इंतजार क्यों कर रहे थे? एक चर्चा औऱ है कि आप के इस दांव के बाद कांग्रेस पर भी सीएम का चेहरा घोषित करने का दबाव बढ़ेगा.

उत्तराखंड में बंद कमरे में क्यों लिया गया फैसला?
पंजाब में केजरीवाल के इस दांव को लेकर बड़ा सवाल यह भी है कि उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी ने कैसे रिटायर सैन्य अधिकारी अजय कोठियाल को सीएम का दावेदार बनाया? वहां क्यों नहीं उत्तराखंड के लोगों से पूछा गया कि, ‘आम आदमी पार्टी को किस नेता को सीएम का दावेदार बनाना चाहिए? वहां तो सीएम का दावेदार बंद कमरे में तय कर लिया और पंजाब में लोगों से पूछा जा रहा है. दूसरी ओर एक चर्चा यह भी है कि केजरीवाल ने पहले ही कहा हुआ है कि, ‘आम आदमी पार्टी की सरकार बनी तो कोई सिख ही सीएम बनेगा. अब अगर पंजाब के लोगों ने किसी गैर सिख पर मुहर लगा दी तो क्या होगा? या क्या केजरीवाल को पता है कि पंजाब के लोग किसी सिख के नाम पर ही मुहर लगाएंगे? वैसे दिल्ली में भी जितनी बार आप ने जनमत संग्रह कराया है, हर बार नतीजे उसके नेता के मनमाफिक ही आए हैं.

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रेस में आगे हैं भगवंत मान
दूसरी तरफ बात कि जाए जनता से मिल रहे फीडबैक की तो पंजाब में आम आदमी पार्टी के सीएम कैंडिडेट की रेस में भगवंत मान आगे बताए जा रहे हैं. आपको बता दें कि, 2017 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी 20 सीटें जीतकर मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी थी. सत्ताधारी शिरोमणि अकाली दल (15 सीटें) को केजरीवाल की पार्टी ने तीसरे नंबर पर धकेल दिया था, जबकि कांग्रेस ने 77 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया था. इस बार कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब लोक कांग्रेस के नाम से नई पार्टी बनाई है. उनकी पार्टी का बीजेपी के साथ गठबंधन है.

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