देशभर में ईद का जश्न लेकिन वक्फ बोर्ड पर घमासान..बिहार में खेल बिगाड़ेंगे औवेसी!

सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने वक्फ बोर्ड के मुद्दे पर नीतीश कुमार, चिराग पासवान और चंद्रबाबू नायडू को दी चुनौती, केंद्र सरकार में अपनी ताकत का इस्तेमाल करने को कहा..सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने वक्फ बोर्ड के मुद्दे पर नीतीश कुमार, चिराग पासवान और चंद्रबाबू नायडू को दी चुनौती, केंद्र सरकार में अपनी ताकत का इस्तेमाल करने को कहा..

asaduddin owaisi on waqf board
asaduddin owaisi on waqf board

देशभर में आज ईद-उल-फितर (मीठी ईद) त्योहार मनाया जा रहा है. मस्जिदों और ईदगाहों में ईद की नमाज अदा फरमायी जा रही है. स्थानीय प्रशासन द्वारा इसके विशेष इंतजाम किए गए हैं. पीएम मोदी सहित अन्य सभी नेताओं ने मुस्लिमों को ईद की बधाई दी है. वहीं वक्फ बोर्ड पर घमासान भी चल रहा है. देश में कई जगह नमाज अदा करने के लिए लोग वक्फ बिल के विरोध में काली पट्टियां बांधकर पहुंचे. इसी बीच हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार की राजनीति में एक नया पासा फेंकते हुए वक्फ बोर्ड के मुद्दे पर नीतीश कुमार, चिराग पासवान और चंद्रबाबू नायडू पर निशाना साधा है. 

चूंकि आगामी 5 माह में बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में देशभर में वक्फ बोर्ड के गर्माते माहौल के बीच औवेसी इस मुद्दे को चुनाव में भुनाना चाह रहे हैं. औवेसी ने एनडीए में सहायक बने सीएम नीतीश कुमार, चिराग पासवान और चंद्रबाबू नायडू पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर ये नेता मुसलमानों के हितैषी होने का दावा करते हैं, तो उन्हें केंद्र सरकार में अपनी ताकत का इस्तेमाल करके वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक को रोकना चाहिए. ओवैसी ने चेताया है कि अगर यह विधेयक कानून बन गया, तो मुस्लिम समुदाय इन नेताओं को उनके ‘विश्वासघात’ के लिए माफ नहीं करेगा.

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नीतीश कुमार मोदी की केंद्र सरकार में संख्या बल के हिसाब से खासा दमखम रखते हैं और अपने आप को एक धर्मनिरपेक्ष नेता भी मानते हैं. वहीं चिराग पासवान अपने 5 सांसदों के संग सरकार का हिस्सा हैं और खुद भी मंत्री पद पर विराजमान हैं. चिराग पासवान को एक धर्मनिरपेक्ष छवि के राजनेता के रूप में देखा जाता है. ऐसे में औवेसी ने दोनों नेताओं को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वो अगर अल्पसंख्यकों के हितैषी हैं तो वे इस वक्फ बोर्ड बिल को संसद में पारित होने से रोकें.

विपक्ष पर लगे गुमराह करने के आरोप

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने वक्फ बिल को लेकर विपक्ष पर मुस्लिमों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सीएए के दौरान भी इस तरह की अफवाह फैलाई गई. सीएए से किसकी नागरिकता गई? हम पूरी प्रक्रिया के तहत वक्फ बिल ला रहे हैं. कानून मंत्री ने लोगों से अपील की कि झूठ फैलाने वालों को पहचानें. समाज में तनाव पैदा करने वालों पर नजर रखें.

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बता दें कि साल 2024 में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक को पेश किया था. 8 अगस्त को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास विधेयक को भेजा गया था. सरकार की ओर से पेश विधेयक का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों को विनियमित और प्रबंधित करने से जुड़े मुद्दों और चुनौतियों का समाधान करने के लिए वक्फ अधिनियम, 1995 में संशोधन करना है.

सीमांचल AIMIM का मजबूत गढ़

बिहार का सीमांचल क्षेत्र मुस्लिम बहुल इलाका है, जहां सभी पार्टियां अपनी पकड़ बनाने की कोशिश कर रही हैं. यह क्षेत्र ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) का मजबूत गढ़ बन गया है. पिछले विस चुनाव में यहां AIMIM के पांच विधायक जीतकर विधानसभा पहुंचे थे. हालांकि उनमें से चार विधायकों ने लालू के साथ हाथ मिलाकर राजद में शामिल हो गए जिससे पार्टी को बड़ा झटका लगा है.

इस बार AIMIM बिहार की सभी 243 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है. पार्टी मुस्लिम बहुल सीमांचल क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित कर रही है, साथ ही अन्य क्षेत्रों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश कर रही है. ऐसे में असदुद्दीन ओवैसी राज्य के सीएम नीतीश कुमार और राजद नेता तेजस्वी यादव के लिए चुनौतीपूर्ण चुनौती पेश करते दिखाई दे रहे हैं.

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