महाराष्ट्र से शुरू हुए औरंगजेब विवाद की धधक अब देश के अन्य राज्यों में भी पहुंच रही है. इसी कड़ी में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने राज्य के हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल सहित कई जिलों और इनकी जगहों के नाम बदलने पर मुहर लगाई है. वहीं कांग्रेस ने इस फैसले को लेकर बीजेपी की धामी सरकार पर हमला बोला है.
चार जिलों का नाम बदला
उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल और उधमसिंह नगर जिलों में स्थित विभिन्न जगहों के नाम बदलने की घोषणा की है.
हरिद्वार जिले के औरंगजेबपुर का नाम अब शिवाजी नगर होगा. वहीं गाजीवाली का नाम आर्यनगर, चांदपुर का नाम ज्योतिबा फुले नगर, मोहम्मदपुर जट का नाम मोहनपुर जट, खानपुर कुर्सली का नाम अंबेडकर नगर, इदरीशपुर का नाम नंदपुर, खानपुर का नाम श्री कृष्णपुर और अकबरपुर फाजलपुर का नाम विजयनगर रखा गया है.
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देहरादून जिले के देहरादून नगर निगम ब्लॉक के मियांवाला का नाम रामजीवाला, विकासनगर ब्लॉक के पीरवाला का नाम केसरी नगर, विकासनगर के ही चांदपुर खुर्द का नाम पृथ्वीराज नगर और सहसपुर ब्लॉक के अब्दुल्लापुर का नाम दक्षनगर रखा गया है.
इसी तरह से नैनीताल जिले के नवाबी रोड का नाम अटल मार्ग, पनचक्की से आईआईटी मार्ग का नाम गुरु गोलवरकर मार्ग रखा गया है. आगे उधम सिंह नगर जिले की नगर पंचायत सुल्तानपुर पट्टी का नाम बदल कर कौशल्यापुरी कर दिया गया है.
जनभावना के अनुरूप लिया फैसला
राज्य में कई जगहों के नामों को बदलने के फैसले पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विभिन्न स्थानों के नाम बदलने का काम जनभावना और भारतीय संस्कृति एवं विरासत के अनुरूप किया जा रहा है ताकि लोग भारतीय संस्कृति और इसके संरक्षण में योगदान देने वाले महापुरुषों से प्रेरणा ले सकें.
हम न तो पक्ष में, न ही खिलाफ – कांग्रेस
उत्तराखंड सरकार के इस फैसले पर कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा कि हम न तो इसके पक्ष में हैं और न ही इसके खिलाफ. हम बस यह बताना चाहते हैं कि नाम बदलना भाजपा का एजेंडा बन गया है क्योंकि उनके पास असली काम दिखाने के लिए कुछ नहीं है. पिछले साढ़े आठ साल पूरी तरह से विफल रहे हैं. अब जनता उनसे सवाल कर रही है. इन सवालों से ध्यान हटाने के लिए वे नाम बदलने का नाटक कर रहे हैं.