किरोड़ी मीणा की दो टूक- CBI जांच के आदेश के बाद ही होगा धरना समाप्त, किसे बचा रही गहलोत सरकार?

किरोड़ी लाल मीणा के नेतृत्व में करीब 10 हजार गाड़ियों के काफिले के साथ हजारों युवाओं ने दौसा से विधानसभा के घेराव के लिए किया कूच, घाट की गूणी पर रोक दिया गया काफिले को, डॉ किरोड़ी के साथ हजारों युवाओं ने जयपुर-आगरा हाइवे पर धरना किया शुरू, नकल प्रकरण में मंत्री, विधायक, अधिकारी और कांग्रेस के पदाधिकारी हैं शामिल, पेपर लीक प्रकरण की CBI जांच से कांग्रेस सरकार की असलियत आ जाएगी जनता के सामने

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Kirori Lal Meena sitting on Dharna Demanding CBI Inquiry into Paper Leak Scandal. प्रदेश के सबसे चर्चित सियासी मुद्दे पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच की मांग सहित बेरोजगार युवाओं से जुड़ी अन्य मांगों को लेकर दिग्गज बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद डॉ किरोड़ी लाल मीणा के नेतृत्व में करीब 10 हजार गाड़ियों के काफिले के साथ हजारों युवाओं ने दौसा से जयपुर में विधानसभा के घेराव के लिए कूच किया. रास्ते में कई जगहों के बेरिकेट्स को पार करते सांसद किरोड़ी मीणा का काफिला जब जयपुर शहर के एंट्री पॉइंट घाट की गूणी पहुंचा तो पुलिस ने हज़ारों युवाओं को शहर में एंट्री से रोक दिया. इस पर सांसद डॉ किरोड़ी के साथ हजारों युवाओं ने वहीं जयपुर-आगरा हाइवे पर धरना शुरू कर दिया. इसके बाद बीजेपी के उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, विधायक रामलाल शर्मा और बीजेपी विधायक चंद्रभान सिंह आक्या घाट की गूणी पर सांसद किरोडी लाल मीणा की जयपुर कूच रैली में समर्थन देने पहुंचे.

इस दौरान सांसद डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने कहा आज सदन में सरकार ने पेपर लीक प्रकरण की CBI जाँच देने से माना कर दिया. जबकि पेपर लीक मामले में ही सरकार ने अपने जरोली और दूसरे बड़े अधिकारियों को हटाया था. ऐसे में जब तक पेपर लीक प्रकरण की CBI जांच नहीं दी जाएगी, तब तक हम यहीं धरने पर बैठे रहेंगे. सांसद मीणा ने कहा कि दौसा से जयपुर कूच में सवा लाख से ज्यादा युवा शामिल हुुए हैं. हमें पहले से पता था कि सरकार हमें रोकने की कोशिश करेगी. इसके बाद भी हम जयपुर आए हैं. डॉ किरोड़ी लाल ने कहा जिस तरह आमागढ़ मंदिर मामले में हमने खटका किया था, कुछ वैसा ही दोबारा किया है. वहीं कूच को समर्थन देने पहुंचे राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि आज विधानसभा में भी सरकार को हमने इस मुद्दे पर घेरा है. हमने कहा कि राजस्थान का एक ही लाल किरोडीलाल, जो युवाओं के मुद्दे पर बड़ा आंदोलन कर रहे हैं.

वहीं बीजेपी सांसद डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि 16 से ज्यादा भर्ती परीक्षा पेपर लीक कि वजह से रद्द हो चुकी हैं, जिससे प्रदेश के हजारों युवाओं का भविष्य खतरे में आ गया है. ऐसे में इस पेपर लीक प्रकरण की सिर्फ CBI से जांच होनी चाहिए. क्योंकि नकल प्रकरण में मंत्री, विधायक, अधिकारी और कांग्रेस के पदाधिकारी भी शामिल है, यही कारण है कि CM गहलोत खुद ही अपनी सरकार और राजनेताओं के पेपर लीक प्रकरण में क्लीन चीट दें रहे है, क्यों कि उन्हें भी पता है अगर पेपर लीक प्रकरण कि जाँच CBI ने शुरू की, तो इससे कांग्रेस सरकार की असलियत जनता के सामने आ जाएगी.

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सांसद किरोड़ी मीणा ने कहा कि पेपरलीक कांड के मुख्य आरोपी सुरेश ढाका जयपुर में लंबे समय से कोचिंग चला रहा था. इससे पहले भी भर्ती परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक के मामलों में उसका संबंध था. रसूख की वजह से पुलिस ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की. इससे उसके हौसले और बुलंद हो गए. इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ पूरा नकल गिरोह तैयार कर लिया. किरोड़ी मीणा ने कहा कि इसमें कई सरकारी कर्मचारी और बेरोजगार युवक शामिल हैं, जो प्रदेश के नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. ऐसे में जल्द से जल्द सुरेश ढाका की गिरफ्तारी होनी चाहिए, ताकि असली नकल गिरोह का भंडाफोड़ हो सके.

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वहीं धरना स्थल पर पहुंचे उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि अगर पेपर लीक की सीबीआई से जांच हो जाती, तो मंत्री सुभाष गर्ग जेल में होते, मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी जेल में होते और ‘नाथी का बाड़ा’ के संचालक गोविंद सिंह डोटासरा भी जेल में होते. राठौड़ ने कहा कि आज इस कांग्रेस सरकार के ताबूत में आखिरी कील ठोकने का वक्त आ गया है. सुरेश ढाका और भूपेंद्र सारण कौन हैं, किस मंत्री के फेसबुक पेज चला रहे हैं. सीएमओ में किस अधिकारी से लिंक जुड़े हैं, इनकी सीबीआई जांच होगी, तो इस सरकार के चेहरे से नकाब उतर जाएगा. राठौड़ ने कहा कि चाहे 2 दिन लगें या 4 दिन लगें, यहीं बैठे रहना है, यहां से कोई फैसला लेकर ही उठना है.

आपको बतादें कि इससे पहले सांसद किरोड़ी लाल मीणा के विरोध की चेतावनी को देखते हुए पुलिस प्रशासन पहले से ही अलर्ट हो गया था. जिसके चलते राजस्थान विधानसभा का सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया था. यहां आरएसी और पुलिस के जवान तैनात किए गए थे. दौसा-आगरा रोड से आने वाले रास्तों पर भी चेक प्वाइंट बनाए गए थे. जयपुर शहर में युवाओं के बड़ी संख्या में पहुंचने की सूचना पर अलग-अलग थानों की पुलिस भी तैनात की गई थी. विधानसभा के अलावा सिविल लाइंस क्षेत्र में भी मुख्यमंत्री निवास और मंत्रियों के बंगलों के आस-पास सुरक्षा भी बढ़ाई गई है.

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