Politalks.news/UP उत्तर प्रदेश बीजेपी के उम्मीदवार जयप्रकाश निषाद को राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुन लिया गया है. निषाद के खिलाफ किसी अन्य पार्टी ने अपना उम्मीदवार नहीं उतारा. सोमवार को विधानसभा निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें प्रमाण पत्र सौंप दिया. जयप्रकाश निषाद का राज्यसभा कार्यकाल 5 मई, 2022 तक करीब 19 महीने का रहेगा. समाजवादी पार्टी से राज्यसभा सांसद बेनी प्रसाद वर्मा के निधन के बाद ये सीट खाली हुई थी.
जयप्रकाश निषाद 2018 में बीजेपी में शामिल हुए थे. इससे पहले वे सपा और बसपा में रह चुके हैं. विपक्षी दलों में ब्राह्मण वोटों को लेकर मची खींचतान के बीच बीजेपी ने निषाद पर दांव आजमा कर एक तीर से कई निशाने साधे हैं. अति पिछड़ों में पकड़ मजबूत करने के साथ पूर्वांचल में पार्टी की ताकत देने की रणनीति को आगे बढ़ाया है. प्रदेश में 14 फीसदी निषाद समुदाय के लोग हैं. यह गोरखपुर और आसपास की कुछ सीटों पर अपना खासा प्रभाव रखते हैं.
जयप्रकाश निषाद के राज्यसभा सांसद चुने जाने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बधाई दी है. योगी ने कहा कि जनसेवा को समर्पित बीजेपी के कर्मठ कार्यकर्ता जयप्रकाश निषाद को संसद के उच्च सदन 'राज्य सभा' का सदस्य निर्वाचित होने की बधाई. राज्य सभा में आपकी गरिमामयी उपस्थिति जनकल्याणकारी सिद्ध होगी. आपके अनुभव का लाभ पार्टी व जनता को प्राप्त होगा
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जयप्रकाश निषाद के राजनीतिक करियर की बात करें तो निषाद गोरखपुर क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष भी हैं. वह बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर 2012 में चौरीचौरा सीट से विधायक निर्वाचित हुए थे. बीते 13 अगस्त को निषाद ने मुख्यमंत्री योगी की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल किया था. सोमवार को उनका लखनऊ के वीवीआईपी गेस्ट हाउस में भव्य स्वागत हुआ. राज्यसभा सांसद निर्वाचित होने के बाद जयप्रकाश ने कहा कि सभी वर्गों का हित भाजपा में ही सुरक्षित है.
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बता दें, 25 नवंबर को उत्तर प्रदेश के कोटे से 10 राज्यसभा सीटें खाली हो रही हैं. विधानसभा में स्थिति के अनुसार, 8 से 9 सीटें बीजेपी के खाते में जाना पक्का है. एक सीट समाजवादी पार्टी के कब्जे में आएगी. यूपी में राज्यसभा की कुल 31 सीटें हैं जिनमें से फिलहाल 30 सीटें भरी हुई हैं. 30 में से बीजेपी के पास 17, सपा के पास 8 और बसपा के पास तीन और कांग्रेस के पास दो राज्यसभा सीटें हैं.