पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने हाल में दिए अपने बयान पर यूटर्न ले लिया. दीदी ने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि वह सभी धर्मों और संस्कृतियों का सम्मान करती हैं. धर्म किसी व्यक्ति का हो सकता है, लेकिन धार्मिक त्योहार सभी के लिए होते हैं. इससे पहले प्रयागराज में योगी सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए ममता ने महाकुंभ को 'मृत्यु कुंभ' बताया था. विवाद बढ़ता देख टीएमसी प्रमुख ने पूरे मामले को लेकर नया बयान जारी किया.
https://www.youtube.com/watch?v=ZChTpCHCSZE
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, 'मैं सभी धर्मों और संस्कृतियों का सम्मान करती हूं. धर्म किसी व्यक्ति का हो सकता है, लेकिन धार्मिक त्योहार सभी के लिए होते हैं.' गौरतलब है कि बीते मंगलवार को सीएम ममता बनर्जी ने प्रयागराज में चले महाकुंभ में व्यवस्थाओं को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को घेरा था.
यह भी पढ़ें: रेखा गुप्ता कौन हैं, जिन्हें दी जा रही है दिल्ली सत्ता की बागड़ोर?
विधानसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, 'यह आयोजन ‘मृत्यु कुंभ’ में बदल गया है, जिसमें भगदड़ की घटनाओं में लोगों की जान चली गई है.' बंगाल सीएम ने अधिकारियों पर मृतकों की संख्या को दबाने का भी आरोप लगाया. उनके इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी सहित कई सियासी दलों ने ममता की घेराबंदी करनी शुरू कर दी थी. राजनीतिक दलों के अनुसार, ममता बनर्जी ने ऐसा बयान देकर महाकुंभ और हिंदू धर्म का अपमान किया है. इसके बाद मजबूरन दीदी को बयान पर सफाई देनी पड़ी.
गौरतलब है कि 12 साल बाद प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 40 करोड़ से अधिक लोगों के शामिल होने का अनुमान है. मौनी अमावस्या के मौके पर महाकुंभ में स्नान के दौरान भगदड़ मच गई थी. यूपी सरकार के अनुसार, इस हादसे में 30 लोगों की मौत हुई थी. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, तृणमूल, आप सहित अन्य विपक्षी दलों ने यूपी सरकार की ओर से की गयी व्यवस्थाओं पर सवालिया निशान लगाया था. उसके बाद निगम की ओर से वीआईपी मूवमेंट को सांकेतिक तौर पर बंद कर दिया गया.