जीने की राह में बेशुमार मुश्किलें खड़ी हों लेकिन हालातों से लड़ना भी सिखा गया यह साल 2020

सबसे बड़ी बात की इस साल 2020 ने हमें अपनों के होने का अहसास कराया, कोरोना ने लोगों को स्वस्थ शरीर का महत्व समझा दिया, खुद को सिर्फ स्वस्थ ही नहीं, शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह फिट बनाना लोगों की प्राथमिकता बन गई, एक जनवरी 2021 को गुरु पुष्य के महायोग में नव वर्ष का आरंभ हो रहा है

हालातों से लड़ना भी सिखा गया यह साल 2020
हालातों से लड़ना भी सिखा गया यह साल 2020

Politalks.News/NewYear2021. आज की तारीख को देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में शायद ही कोई ऐसा होगा जो याद न करे, क्योंकि यह तारीख बदलाव की कड़ी मानी जाती है. इस तारीख के बाद वर्ष बदलता है, जबकि इस बार तो शताब्दी भी बदलती रही है. जी हां, आपने सही पहचाना आज 31 दिसंबर है. यानी ये साल 2020 अब चंद घंटों में आपसे विदा लेने के लिए तैयार है और नया वर्ष 2021 कई उम्मीदों के साथ शुरू होने जा रहा है. सही मायने में यह वर्ष बहुत ही दहशत भरा रहा, जिसने लोगों को एकदम बदल कर रख दिया.

अब हम आपको एक साल पीछे लिए चलते हैं. पिछले वर्ष जब 1 जनवरी को 2020 ने दस्तक दी थी तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं और बधाई देते हुए ट्वीट किया था कि, ‘यह एक अद्भुत साल है, यह साल खुशी और संपन्नता से भर देगा, इस नव वर्ष में सब स्वस्थ रहें और सबकी आकांक्षाएं पूरी हों.’ लेकिन 2020 ने पीएम मोदी की नहीं सुनी. खुशी और संपन्नता तो दूर, आटा-दाल से लेकर मूलभूत वस्तुओं तक के लिए लंबी-लंबी कतारें लगानी पड़ी. यही नहीं कोरोना महामारी को भगाने के लिए पूरा देश थाली और ताली पीटता रहा, उसके बावजूद सभी आकांक्षाएं धरी की धरी रह गईं. सही मायने में यह साल संकटों से भरा रहा.

इस महामारी ने हमें भले ही कितना भी डराया क्यों न हो लेकिन सिखाया भी बहुत है. कोरोना ने लोगों को स्वस्थ शरीर का महत्व समझा दिया, खुद को सिर्फ स्वस्थ ही नहीं, शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह फिट बनाना लोगों की प्राथमिकता बन गई. जो कसरत या योग को बोझ समझते थे, अब उन्होंने इसे अपनी जिंदगी में शुमार कर लिया है या कहें उसी के अनुरूप ढल गए हैं. इस साल ने जीने की राह में भी बेशुमार मुश्किलें खड़ी कीं. अर्थव्यवस्थाएं फेल हो गईं, नौकरी रोजगार छिन गए. साल भर भारत में बाढ़, तूफान, भूकंप के झटके डराते रहे. पड़ोसी मुल्क से सीमा पर खूनी झड़प हुई. इन सभी मुश्किल हालातों के बावजूद भी जिंदगी ने हमें बहुत कुछ सिखाया.

चाहे कितना भी मुश्किल दौर आ जाए जिंदगी तो चलती रहेगी

साल 2020 अब अंतिम पड़ाव पर है. चंद घंटों में इस साल को सब भूलना तो चाहते हैं, लेकिन भूल नहीं पाएंगे. कोरोना त्रासदी की कड़वी यादें ऐसा होने नहीं देंगी. खौफ, दर्द और गम के बीच कोरोना ने हमें मानवता का पाठ भी पढ़ाया. व्यवस्था को नए तरीके से परिभाषित किया. इस साल हर किसी ने कुछ न कुछ जरूर सीखा. बच्चों ने ऑनलाइन पढ़ना, तो टीचरों ने ऑनलाइन पढ़ाना सीखा. कई लोगों ने पहली बार डिजिटल पेमेंट किया. यह इस दौर की सबसे बड़ी सीख है. मुश्किलें आती हैं, कई बार अपने भी दूर हो जाते हैं. यही नहीं यह महामारी हजारों जिंदगी छीन ले गई, जिसकी लोग कल्पना भी नहीं कर रहे थे. डरे और सहमे लोगों को कुछ भी सूझ नहीं रहा था. यही नहीं लोग इतने डिस्टर्ब थे, उन्हें लगने लगा था कि कुछ ठीक नहीं हो रहा है इसके बावजूद रफ्तार थमी नहीं और जीवन पहले की तरह चलता रहा.

सबसे बड़ी बात की इस साल 2020 ने हमें अपनों के होने का अहसास कराया. इस दौड़भाग भरी जिंदगी में शायद बीते साल में सभी लोगों ने पहली बार अपने परिवार को इतना समय दिया. कई पुराने गेम बच्चों ने सीखे जो लुप्त हो गए थे, कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था कि आज के बच्चे अपने पूरे परिवार के साथ टीवी पर रामायण फिर से देखेंगे, लेकिन इस साल ने कुछ समय के लिए ही सही पुराना जमाना लोटा दिया. वहीं इस बात को भी साबित किया कि बिता समय लौट कर भी आता है.

अच्छी-बुरी यादों के साथ 2020 अब विदा ले रहा है और नया साल आने वाला है. इस नए साल से लोगों को बेहद उम्मीद है, हर किसी के मन में ढेर सारी आशाएं और सपने हैं कि साल 2021 चरमराई हुई व्यवस्था एक बार फिर पटरी पर आ जाएगी. आरंभ अच्छा हो तो अंत भी अच्छा होता है, इसलिए हर कोई अच्छे कार्यों से नए साल की शुरुआत करना चाहता है. नया साल सभी के लिए खुशियां लेकर आए, इसी उम्मीद से सभी लोग नव वर्ष का स्वागत करने के लिए तैयार हैं.

मानव समाज को नई स्फूर्ति और चेतना देने के लिए तैयार है वर्ष 2021

आज पूरे देश भर में नए वर्ष को लेकर उल्लास और उमंग का वातावरण छाया हुआ है. इस नए वर्ष को सेलिब्रेट करने के लिए देशवासी उत्साहित हैं. गोवा से लेकर उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और राजस्थान समेत अन्य स्थानों पर नव वर्ष के आगमन स्वागत के लिए लाखों लोग जमा हुए हैं. दूसरी ओर ज्योतिष भी नया साल को परिवर्तनकारी मान रहे हैं. ज्योतिषियों के अनुसार अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार नए साल का पहला दिन आधी रात के बाद तारीख बदलने से एक जनवरी 2021 को गुरु पुष्य के महायोग में नव वर्ष का आरंभ हो रहा है. ऐसे में दिन बृहस्पतिवार तथा पुष्य नक्षत्र होने से अति शुभ गुरु पुष्य के योग बन रहे हैं, ऐसा महायोग बहुत वर्षों बाद आ रहा है.

खास बात यह है कि काफी सालों के बाद ही वर्ष के पहले दिन मध्यरात्रि में गुरुवार एवं सूर्योदय के बाद शुक्रवार तथा पुष्य नक्षत्र आ रहा है. इस दिन भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की विशेष कृपा रहेगी. यह दिन तथा योग व्यापार में वृद्धि व लोगों को सुख-समृद्धि के साथ आर्थिक बल प्रदान करने वाला होगा. महायोग से भारत का आर्थिक पक्ष बहुत उज्जवल होगा तथा आध्यात्मिकता की दृष्टि से भारत में नवजागरण के नए-नए कार्यक्रम होंगे. भविष्य में भारत आर्थिक क्षेत्र में विश्व को नई चेतना देगा. दूसरी ओर नया साल सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला होगा, इसी आशा और विश्वास के साथ देशवासी नए वर्ष के स्वागत के लिए पलक बिछाए बैठे हैं.

पॉलिटॉक्स न्यूज़ परिवार की तरफ से आप सभी को नववर्ष और नव शताब्दी की हार्दिक शुभकामनाएं

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