कोविड मरीजों के लिए फ्री एम्बुलेंस सेवा सहित हेल्पलाइन नंबर पर आधे घंटे में होगा हर समस्या का समाधान

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12 May 2021
Politalks.News/Rajasthan. प्रदेश में कोरोना संक्रमण के महाकहर की रफ्तार छोटे-मोटे उतार-चढ़ाव के साथ लगभग स्थिर बनी हुई है. मंगलवार को आई स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटे में राजस्थान राज्य के विभिन्न इलाकों में कोरोना संक्रमण के 16080 नए मामले सामने आए हैं, वहीं पिछले 24 घंटे में 169 कोरोना मरीजों की मौत हो गई है. प्रदेश में सबसे अधिक कोरोना संक्रमितों और मौतों के मामले में जयपुर नम्बर वन पर बना हुआ है. ये हालात तब हैं जब प्रदेश में अशोक गहलोत सरकार ने लॉकडाउन कर तहत सख्त पाबंदियां लगाई हुईं हैं, लेकिन इसके बाद भी कोरोना संक्रमण की रफ्तार लगातार बेकाबू है. इसी बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है जिसके तहत प्रदेश में कोरोना महामारी संकट से जूझ रहे मरीजों को अब कोविड अस्पतालों में भर्ती होने के लिए नि:शुल्क एंबुलेंस सेवा उपलब्ध करवाई जाएगी. इसके अलावा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 181 पर दर्ज होने वाली कोरोना पेशेंट की समस्याओं का आधे घंटे के भीतर समाधान करना होगा. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश के बाद आदेश जारी कर दिए हैं. यह भी पढ़ें: कोरोनाकाल में जरूरतमंद को हर संभव सहायता दिलाने के सचिन पायलट ने ट्वीटर पर शुरू की हेल्पलाइन कोरोना मरीजो के लिए 108 और 104 एंबुलेंस निशुल्क उपलब्ध रहेगी आदेश के मुताबिक सभी जिला स्तरीय वार रूम के साथ-साथ प्रदेश में उपखण्ड स्तर पर स्थापित कोविड कन्सल्टेंशन सेंटर और कोविड केयर सेंटर में मरीजों को भर्ती करने या फिर वहां से किसी डेडीकेटेड कोविड अस्पताल में रेफर करने के लिए नि:शुल्क 108 और 104 एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए है कि जरूरत पड़ने पर संबंधित कलेक्टर निजी एंबुलेंस का अधिग्रहण कर सकेंगे या फिर किराये पर लेकर एंबुलेंस सेवा का संचालन करेंगे. कोरोना मरीजों की समस्याओं का आधे घंटे में होगा समाधान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने निर्देश दिए हैं कि पूरे प्रदेश में कोविड-19 महामारी से संबंधित समस्याओं को जानने के लिए एक ही टेलीफोन नंबर रहेगा. यहां से निश्चित समयावधि में समस्याओं का समाधान किया जाए. साथ ही, कोरोना रोगियों को आवश्यक सलाह, दवा आदि उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया है. यह भी पढ़ें: क्या देश की जनता की जिंदगी से बढ़कर है प्रधानमंत्री मोदी का सेंट्रल विस्टा ‘ड्रीम’ प्रोजेक्ट? इस आदेश के तहत मरीजों को कोविड डेडीकेटेड अस्पतालों, कन्सल्टेशन सेंटर, उपचार केन्द्रों, निजी चिकित्सालयों में बेड, ऑक्सीजन सुविधा, वेंटिलेटर आदि की उपलब्धता की रियल टाइम जानकारी और मरीज को भर्ती, रेफर और डिस्चार्ज करने पर एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. साथ ही, अस्पताल में भर्ती की आवश्यकता वाले मरीज को किसी भी स्थिति में भर्ती करने से मना नहीं किया जाएगा. जिलों में भी हेल्पलाइन नंबर स्थापित करने के निर्देश मुख्यमंत्री के निर्देश पर जारी हुए चिकित्सा विभाग के आदेश पर 24x7 घंटे चालू रहने वाला राज्य स्तरीय वार रूम संचालित किया जा रहा है. जिसका हेल्पलाइन नंबर 181 है. इसके अलावा सभी जिलों के प्रमुख कोविड डेडीकेडेट अस्पतालों में भी 24x7 जिला स्तरीय वार रूम और हेल्पलाइन नंबर स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं. सभी वार रूम में अलग-अलग कार्यों जैसे बेड, ऑक्सीजन, दवा की उपलब्धता एवं अस्पतालों के साथ समन्वय के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों के नाम, पदनाम, मोबाइल नंबर सहित जानकारी रहेगी और नोडल अधिकारी एवं वार रूम आपस में लगातार संपर्क में रहेंगे. यह भी पढ़ें: बाड़मेर में कोविड सेंटर खोलने पर शुरू हुई सियासत, कैलाश चौधरी के आरोपों पर हरीश चौधरी का पलटवार होम आइसोलेशन वाले मरीज या परिजन की शिकायत और समाधान संपर्क पोर्टल पर होगा दर्ज होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड मरीज किसी चिकित्सकीय सलाह या दवा के लिए अथवा अस्पताल में उपचार या भर्ती के लिए राज्य स्तरीय अथवा जिला स्तरीय वार रूम पर संपर्क कर सकेंगे. हेल्पलाइन पर मरीज की समस्या की जानकारी वार रूम के प्रभारी अधिकारी के माध्यम से राजस्थान संपर्क पोर्टल और जिला स्तरीय नोडल अधिकारी को व्हाट्सएप पर भेजी जाएगी. जिला स्तर पर सहायता के लिए कॉल प्राप्त होने के बाद आधे घंटे के अंदर संबंधित नोडल अधिकारी द्वारा मरीज को आवश्यकता होने पर चिकित्सकीय सलाह, दवा, उपचार के लिए भर्ती करने की व्यवस्था करेगा. इसकी सूचना मरीज अथवा उसके परिजन को सूचना दी जाएगी और राजस्थान संपर्क पोर्टल पर समस्या का समाधान कर जानकारी दर्ज करवाई जाएगी. आपको बता दें, मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक राजस्थान के कई जिलों में कोरोना संक्रमण के16080 नए मामले सामने आए हैं. इसके साथ ही 169 कोरोना मरीजों की जान चली गई. राजधानी में कोरोना ने लोगों को काफी प्रभावित कर रखा है. जयपुर में सर्वाधिक 3613 नए मामले मिलने से सरकार की चिंता बढ़ रही है. कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के मामले में राजधानी जयपुर पहले स्थान पर है. यहां सबसे ज्यादा 3613 नए मामले सामने आए. इसके साथ ही जोधपुर में 1303, उदयपुर में 1506, जैसलमेर में 860 कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आए. कोरोना से जयपुर में 57 लोगों की मौत हुई है. इसके साथ ही जोधपुर में 18, उदयपुर में 14 कोरोना संक्रमितों की मौत हो गई.