कोरोना के खिलाफ जनांदोलन में विपक्ष करेगा गहलोत सरकार का पूरा सहयोग, राजे ने की सराहना

Awareness About Corona In Rajasthan No Mask No Entry
1 Oct 2020
Politalks.News/Rajasthan. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कोरोना के विरूद्ध जन आंदोलन की जयपुर के अल्बर्ट हाॅल से राज्य-स्तरीय आयोजन के माध्यम से 2 अक्टूबर को शाम 4ः30 बजे शुरूआत करेंगे. इसके बाद प्रभारी मंत्री अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में 3 अक्टूबर को कोरोना महामारी के संक्रमण से बचाव के लिए आमजन के बीच मास्क पहनने, उचित दूरी रखने और भीड़ से बचने के नियमों की पालना की समझाइश करेंगे. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि इस अभियान को जन आंदोलन का नाम दिया गया है, ताकि इसमें आम लोगों की अधिक भागीदारी हो सके. प्रदेश की राजधानी से लेकर गांव-ढ़ाणी तक यह लगना चाहिए कि यह जनता का आंदोलन है. इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए राज्य स्तर पर जारी दिशा-निर्देश के बावजूद स्थानीय माहौल के अनुसार आंदोलन के स्वरूप में बदलाव कर सकते है, ताकि अधिक से अधिक संगठन, संस्थाएं और लोग इससे जुड़ें. सीएम गहलोत ने कहा कि कोरोना संक्रमण से लोगों का जीवन बचाने के लिए सभी को अपना फर्ज निभाते हुए 2 अक्टूबर से शुरू हो रहे ‘कोरोना के विरूद्ध जन आंदोलन’ को सफल बनाना होगा. प्रदेश में कोरोना संक्रमण को नियंत्रण में रखने में अभी तक जो कामयाबी मिली है उसे बरकरार रखने के लिए राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर सभी दलों के नेता, जनप्रतिनिधि, सांसद, विधायक इस जन आंदोलन में पूरी भागीदारी निभाएं. [caption id="attachment_73332" align="alignleft" width="530"]Bihar Photo Bihar Election-2020[/caption] इस दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वीसी के माध्यम से विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों से जन आंदोलन को लेकर चर्चा की. मुख्यमंत्री ने सभी का आह्वान किया कि कोरोना के खिलाफ चल रही जंग में जन आंदोलन को प्रभावी हथियार बनाने का संकल्प लें और साथ मिलकर इस आंदोलन को कामयाब बनाएं. कोरोना पॉजिटिव की संख्या बढ़ी तो यह हमारे लिए बहुत बड़ी चुनौती होगी. सीएम गहलोत ने कहा कि जीवन बचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. कोरोना संक्रमण रोकने के लिए धन की कोई कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी. इस अभियान के दौरान लोगों को मास्क बांटे जाएंगे. सभी मंत्री अपने प्रभार वाले जिलों में जाकर अभियान की मॉनिटरिंग करेंगे. यह भी पढ़ें: नए कृषि बिलों पर आरएलपी भी किसानों के साथ, अन्नदाता के साथ अन्याय नहीं होने देंगे- बेनीवाल इस दौरान आवास पर मौजूद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र को मजबूत बनाते हुए राजस्थान में सभी दलों के नेता एवं जनप्रतिनिधि इस जन आंदोलन में भागीदारी निभा रहे हैं इसके लिए वे साधुवाद के पात्र हैं. जोशी ने कहा कि कोरोना के विरूद्ध इस जन आंदोलन की सफलता पूरे देश के समक्ष एक उदाहरण पेश करेगी. उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए आमजन को कोरोना से बचाव के प्रति जागरूक करें. वहीं वीसी के माध्यम से जुड़ीं पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने सभी दलों के जनप्रतिनिधियों के साथ लगातार संवाद कायम रखने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को धन्यवाद दिया. मैडम राजे ने कहा कि कोरोना संक्रमण अभी सबसे खतरनाक दौर में है. ऐसे में राजनीति एवं पार्टी हितों से ऊपर उठकर सभी को मिलकर काम करना होगा. मैडम ने सुझाव दिया कि ऐसे कोई भी कार्यक्रम आयोजित नहीं हों जिनमें ज्यादा लोगों के आने से संक्रमण बढ़ने की आशंका हो. पूर्व सीएम राजे ने यह भी कहा कि समाज में प्रभाव रखने वाले लोगों को कोरोना से बचाव का संदेश देने वाले वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने चाहिए जिससे जागरूकता बढ़ेगी. जन आंदोलन के नोडल विभाग नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग के मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि 2 अक्टूबर से शुरू हो रहे कोरोना के विरूद्ध जन आंदोलन में शुरूआती दौर में 11 जिला मुख्यालयों पर जागरूकता अभियान शुरू किया जाएगा जिसे बाद में अन्य जिलों में भी चलाया जाएगा. इसके तहत एक करोड़ मास्क आमजन को बांटे जाएंगे. [caption id="attachment_73334" align="alignleft" width="431"]Mp Photo MP By-Election-2020[/caption] नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि लक्ष्य तय कर संक्रमण को नियंत्रित करने की दिशा में आगे बढ़ना होगा. जनप्रतिनिधियों, सरकारी कर्मचारियों को भी सारे हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना करने का संकल्प लेना होगा. कटारिया ने कहा कि अभियान के दौरान प्रचार-प्रसार में पूरा सहयोग दिया जाएगा. इस दौरान जुड़े भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने भी आश्वस्त किया कि कोरोना के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान में उनकी पार्टी की ओर से मास्क वितरण सहित अन्य कार्यों में यथोचित सहयोग दिया जाएगा. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संक्रमण को नियंत्रण में रखने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए हैं. प्रदेश में रिकवरी रेट 84 प्रतिशत है जबकि मृत्यु दर न्यूनतम है। 6 मेडिकल कॉलेज सहित सात स्थानों पर प्लाज्मा थैरेपी की सुविधा है. उन्होंने कहा कि अभियान के तहत पोस्टर, बैनर, स्टीकर एवं होर्डिंग लगाकर जन जागरूकता फैलाई जाएगी. चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने कहा कि अगले एक माह तक कोई भी बिना मास्क घर से बाहर नहीं निकले हम सभी यह संकल्प लें. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं शिक्षा राज्यमंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि इस जन आंदोलन के माध्यम से आमजन को जागरूक करने में कोई कमी नहीं रखी जाएगी. सभी कार्यकर्ता, नेता, सांसद एवं विधायक दलगत राजनीति से ऊपर उठकर आमजन के प्रति अपना कर्तव्य निभाएंगे. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को अपने सरकारी आवास से वीसी के माध्यम से विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों, संभागीय आयुक्तों, रेंज पुलिस महानिरीक्षकों, जिलों के कलेक्टर तथा पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए. यह भी पढ़ें: 31 अक्टूबर तक निकाय चुनाव कराने के हाइकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी गहलोत सरकार मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि कोरोना के विरूद्ध यह जन आंदोलन पूरी तरह से गैर-राजनैतिक अभियान है. सभी राजनैतिक दलों के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक सरोकारों के लिए काम करने वाली संस्थाओं, कार्यकर्ताओं तथा आम लोगों की भागीदारी होने से ही यह अभियान सफल हो सकेगा. यह अभियान प्रदेशवासियों का जीवन एवं आजीविका बचाने का अभियान है. सीएम गहलोत ने सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मिलकर इस आंदोलन में भागीदारी करने एवं गति देने के निर्देश दिए.