राजस्थान: निकाय चुनाव का पहला नतीजा कांग्रेस के पक्ष में, बाड़मेर के वार्ड 12 से कांग्रेस प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित

भाजपा प्रत्याशी का नामांकन खारिज होने से स्थानीय भाजपा नेताओं ने कांग्रेस विधायक मेवाराम जैन के खिलाफ जमकर किया हंगामा, भाजपा ने 162 व कांग्रेस ने 60 वार्डों में नहीं उतारे प्रत्याशी

Barmer Local Body Eletions
Barmer Local Body Eletions

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान में 16 नवम्बर को होने वाले 49 नगर निकायों के चुनाव (Local Body Elections) का पहला नतीजा कांग्रेस के पक्ष में आ गया है. बाड़मेर के वार्ड नं0 12 में भाजपा प्रत्याशी का नामांकन खारिज होने से यहां कांग्रेस प्रत्याशी महावीर जैन को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया है. वहीं मंगलवार को 49 निकायों के 2105 वार्डों के होने वाले पार्षदों के चुनाव के लिए 10 हजार 942 उम्मीदवारों के 13 हजार 283 दाखिल किए नामांकन पत्रों की छंटनी का काम बुधवार को पूरा हो गया. बता दें, 2105 वार्डों में से भाजपा ने 162 और कांग्रेस ने 60 वार्डों में अपने प्रत्याशी नहीं उतारें हैं. 8 नवम्बर नाम वापस लेने की आखिरी तारीख है.

प्रदेश में होने वाले निकाय चुनावों (Local Body Elections) का पहला नतीजा कांग्रेस के पक्ष में आ गया है. बाड़मेर के वार्ड नं012 में भाजपा प्रत्याशी का नामांकन रदद होने के कारण यहां से कांग्रेस प्रत्याशी महावीर जैन निर्विरोध निर्वाचित हो गये हैं. ऐसे में कांग्रेस प्रत्याशी के निर्विरोध निर्वाचित होने से स्थानीय भाजपा नेताओं ने बुधवार को एसडीएम कार्यालय पर जमकर हंगामा किया और कांग्रेस विधायक मेवाराम जैन पर तानाशाही के आरोप लगाये. भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस विधायक मेवाराम जैन ने प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होने के कारण प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाया, इसलिए भाजपा प्रत्याशी का नामांकन खारिज हुआ है.

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बता दें, प्रदेश के 49 नगर निकायों (Local Body Elections) के 2105 वार्डों के लिए 1 से 5 नवंबर तक कुल 10 हजार 942 उम्मीदवारों ने 13 हजार 283 नामांकन पत्र दाखिल किए. नामांकन पत्रों की जांच का काम बुधवार को हो गया है. अब शु्क्रवार 8 नवंबर तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे. 9 नवम्बर को उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे और 16 नवम्बर पार्षद पदों कि लिए सुबह 7 से शाम 5 बजे तक मतदान होगा. वहीं 19 नवम्बर को मतगणना होगी. वहीं अध्यक्ष पद का चुनाव 26 नवंबर को होगा.

प्रदेश में 16 नवंबर को होने वाले 2105 वार्डों के चुनाव के लिए विश्व की सबसे बड़ी कही जाने वाली भारतीय जनता पार्टी को 162 वार्डों में पार्षद के किए प्रत्याशी नहीं मिले हैं. प्रदेश के निकाय चुनावों (Local Body Elections) के इस पहले चरण में 2105 वार्डों में से भाजपा ने 1946 वार्डों में ही अपने सिंबल पर प्रत्याशी उतारे हैं. जिन 162 वार्डों में जहां भाजपा ने प्रत्याशी नहीं उतारें है वहां पार्टी विचारधारा रखने वाले निर्दलीय प्रत्याशी को भाजपा समर्थन करेगी. मंगलवार को नामांकन का अंतिम दिन था निकाय चुनावों के प्रत्याशियों को चुनने के लिए भाजपा ने 11 सदस्यीय प्रदेश समिति गठित की थी. इस समिति में प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, अर्जुन मेंघवाल सहित सहित अन्य वरिष्ठ नेता शामिल थे. इस 11 सदस्यीय समिति ने जिला समिति व स्थानिय निकाय समिति से परामर्श कर कई मैराथन मिटिंग के बाद प्रत्याशियों की घोषणा की थी.

49 निकायों के 162 वार्डों में प्रत्याशी नहीं उतारने पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया का कहना है कि निकायों के सामाजिक व राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए इन वार्डों में प्रत्याशी नहीं उतारें हैं. जहां प्रत्याशी नहीं उतारें है वहां पार्टी की विचारधारा रखने वाले निर्दलीय प्रत्याशियों का भाजपा समर्थन करेगी. टिकट वितरण पर पूनिया ने कहा कि अधिकांश वार्डो में युवा कार्यकर्ताओं और नए चेहरों को मौका दिया गया है. सभी 49 निकायों में चुनाव अभियान शुरू करने के लिए चुनाव प्रभारी, महिला वर्ग प्रभारी, युवा वर्ग प्रभारी, अनुसूचित जाति, जनजाति किसान मोर्चा व आईटी प्रभारी नियुक्त कर दिए गये हैं.

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वहीं कांग्रेस पार्टी ने भी इस निकाय चुनाव (Local Body Elections) के पहले चरण में 60 वार्डों पार्षदों के लिए प्रत्याशी नहीं उतारें है. प्रदेश संगठन महासचिव महेश शर्मा के अनुसार 2045 वार्डों में ही पार्टी के प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा गया है. जिन वार्डों में किसी भी कारण से प्रत्याशी नहीं उतारें है वहां पर कांग्रेस विचारधारा वाले प्रत्याशियों को पार्टी की ओर से सपोर्ट किया जाएगा शर्मा ने बताया कि छोटे वार्ड में प्रत्याशी के चयन में सबसे ज्यादा दिक्कत आई है इसलिए ऐसे वार्डों में पार्टी ने प्रत्याशी नहीं उतारें हैं.

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