हेकड़ी न दिखाएं..खप गए सैकड़ों लोग – कटारिया ने किसको दे दी ये नसीयत

gulab chand kataria in sunder singh bhandari program at udaipur
13 Apr 2025
पंजाब के राज्यपाल और भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता रहे गुलाबचंद कटारिया ने कार्यकर्ताओं को एक बड़ी नसीयत देते हुए समर्पण और अनुशासन से पार्टी के लिए काम करने को कहा है. कटारिया ने कहा कि आज हम मजे कर रहे हैं. इसके पीछे भंडारी जैसे सैकड़ों लोग खप गए हैं. हमें हेकड़ी नहीं करनी चाहिए. जिन लोगों ने संगठन को जमाया, उनके लक्ष्य, समर्पण, सादगी और समय की पाबंदी जैसे गुणों का ही यह नतीजा है. कटारिया उदयपुर में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे सुंदर सिंह भंडारी (1921-2005) की जयंती कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. https://www.youtube.com/watch?v=TAN8H5X6SB8 अनुशासन और वक्त की पाबंदी को सर्वोपरी बताते हुए राज्यपाल कटारिया ने भंडारी की जीवनी पर चर्चा करते हुए बताया कि भंडारी बेहद अनुशासनप्रिय थे. किसी भी बैठक में तय समय पर पहुंचते और बैठक शुरू होते ही दरवाजे बंद करवा देते थे. एक बार मुख्यमंत्री के देर से आने पर उन्हें भी प्रवेश नहीं दिया. उनका मानना था कि मुख्यमंत्री और कार्यकर्ता में कोई भेद नहीं होता, सभी को समय का पाबंद होना चाहिए. भंडारी जिस बैठक में होते थे, उसमें अटल बिहारी वाजपेयी भी होते थे लेकिन किसी की हिम्मत नहीं होती थी कि एक शब्द भी व्यर्थ बोले. यह भी पढ़ें: ‘सीक्रेट फॉर्मूला’ के जरिए बीजेपी को टक्कर देने की तैयारी में कांग्रेस, अहम भूमिका में पायलट! कटारिया ने बताया कि सुंदर सिंह भंडारी को रोटी खिलाने वाला तक नहीं मिलता था. कभी मंदिर पर, कभी रेलवे स्टेशन तो कभी दुकान के बाहर तख्ती पर सो जाते थे. इतने संघर्ष के बावजूद वे अपने काम में अडिग रहे और उनका जीवन समर्पित रहा. भंडारी का रोचक प्रसंग साझा किया  राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने एक रोचक प्रसंग साझा करते हुए बताया कि भंडारी हमेशा रेल के थर्ड क्लास (सामान्य) डिब्बे में यात्रा करते थे. एक बार वे सामान्य श्रेणी से उतरे और उसी ट्रेन के फर्स्ट क्लास से तत्कालीन मुख्यमंत्री सुखाड़िया उतरे. सुखाड़िया ने स्वयं भंडारी के पास जाकर उनका आशीर्वाद लिया. वैचारिक मतभेदों के बावजूद सुखाड़िया भंडारी के आदर्शों का सम्मान करते थे.