राम के नाम पर सियासी जंग: क्या भगवान राम के नाम पर था इसलिए लिया जा रहा फैसला?

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11 Jul 2024
कर्नाटक में एक बार फिर राम के नाम पर ​पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी जंग उबाल मार रही है. राजनीति इसलिए गर्म है क्योंकि प्रदेश के डिप्टी सीएम डीके शिव कुमार ने एक शहर का नाम बदलने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को सौंपा है. कांग्रेस नेता ने कहा कि नाम बदलने का उनका उद्देश्य बेंगलुरु की वैश्विक प्रतिष्ठा का इस्तेमाल करना है. सरकार के इस फैसले पर प्रमुख विपक्षी पार्टी बीजेपी और जेडीएस ने आपत्ति जाहिर की है. विपक्ष ने आरोप लगाया है कि शहर का नाम भगवान राम पर था, इसलिए यह फैसला लिया जा रहा है. https://www.youtube.com/watch?v=mRRhXdaqlIo दरअसल, प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कर्नाटक राज्य के 'रामनगर' जिले (रामनगरा) का नाम बदलने का प्रस्ताव बेंगलुरु दक्षिण करने का प्रस्ताव दिया है. विपक्ष ने इस फैसले के खिलाफ नाराजगी जाहिर की है. इस संबंध में भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने प्रदेश की सिद्धारमैया सरकार और कांग्रेस पार्टी को राम विरोधी करार दिया है. साथ ही हिंदू​ओं को गाली देने का आरोप लगाया है. यह भी पढ़ें: 4 लाख भर्ती सहित किसानों, पत्रकारों, सरकारी कर्मचारियों के लिए सरकार ने की ये बड़ी घोषणाएं बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा, 'वर्तमान की कांग्रेस पार्टी हिंदू से घृणा करती है और पार्टी की राम विरोधी मानसिकता चरम पर पहुंच गई है. राहुल गांधी ने हाल ही में कहा था कि उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन को हराया. अब डीके शिवकुमार को रामनगर का नाम भी पसंद नहीं है क्योंकि इसका नाम श्री राम के नाम पर रखा गया है. कांग्रेस कब तक हिंदुओं को गाली देती रहेगी?' प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीएस प्रमुख कुमारास्वामी ने भी सरकार के इस फैसले पर नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा है कि कर्नाटक में एनडीए सरकार बनते ही हम फिर से इसका नाम रामनगर कर देंगे. इधर, मुद्दे पर बवाल होते देख डीके शिवकुमार ने सफाई देते हुए कहा है कि रामनगर शहर का नाम बदलने का उनका उद्देश्य कोई द्वेष नहीं, बल्कि बेंगलुरु की वैश्विक प्रतिष्ठा का इस्तेमाल करना है. चूंकि अभी तक शहर के नाम बदलने का केवल प्रस्ताव आया है, बदला नहीं गया है. ऐसे में आगे भी इस मुद्दे पर हंगामा होना तय है