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सबसे छोटे सत्र के साथ पुराने लोकसभा भवन को दी विदाई, नई इमारत में आज से गढ़ी जाएगी नई इबादत

19 सितंबर 2023
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सबसे छोटे सत्र के साथ पुराने लोकसभा भवन को दी विदाई, नई इमारत में आज से गढ़ी जाएगी नई इबादत

भारतीय इतिहास के सबसे कम समयावधि के विशेष सत्र के साथ लोकसभा के पुराने भवन को विदाई दे दी गयी. सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भावुक होते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, पंडित जवाहर लाल नेहरू, पीवी नरसिम्हा राव और डॉ. मनमोहन सिंह को भी पूरे मन से याद किया. अपने राजनीतिक गुरू लाल कृष्ण आडवाणी और 43 साल तक संसद के सदस्य रहे इंद्रजीत गुप्ता का भी यहां उन्होंने जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इन सबने इस संसद में नेतृत्व धर्म को बखूबी निभाया है इसलिए इन्हें हमेशा याद किया जाएगा. आज से लोकसभा की कार्यवाही लोकतंत्र के नए मंदिर नए संसद भवन में होगी. लोकसभा एवं … Read more

भारतीय इतिहास के सबसे कम समयावधि के विशेष सत्र के साथ लोकसभा के पुराने भवन को विदाई दे दी गयी. सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भावुक होते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, पंडित जवाहर लाल नेहरू, पीवी नरसिम्हा राव और डॉ. मनमोहन सिंह को भी पूरे मन से याद किया. अपने राजनीतिक गुरू लाल कृष्ण आडवाणी और 43 साल तक संसद के सदस्य रहे इंद्रजीत गुप्ता का भी यहां उन्होंने जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इन सबने इस संसद में नेतृत्व धर्म को बखूबी निभाया है इसलिए इन्हें हमेशा याद किया जाएगा.

आज से लोकसभा की कार्यवाही लोकतंत्र के नए मंदिर नए संसद भवन में होगी. लोकसभा एवं विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव रखकर नए संसद भवन की कार्यवाही शुरू की जाएगा. दर्शक दीर्घा को भी महिलाओं से भरा जाने की तैयारी चल रही है. लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 1:30 बजे से शुरू होगी. उससे पहले नई संसद के सेंट्रल हॉल में एक कार्यक्रम होगा.

पीएम मोदी ने नेहरू की तारीफ़ की तो कांग्रेस ने अटल की

लोकतंत्र के 75 साल पुराने मंदिर की विदाई का दिन भी राजनीति में कुछ खास रहा. इस दिन की खूबी यह रही कि मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री पं​.जवाहर लाल नेहरू की तारीफ की और कांग्रेस ने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की. राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी सभी राजनीतिक दल एकमत दिखाई दिए. हलके फुलके हंगामे के बाद विपक्ष ने भी इस सत्र के पहले दिन सकारात्मक रवैया ही अपनाया. यही परंपरा और सकारात्मक माहौल नए संसद भवन में भी जारी रह सकता है. यह लोकतंत्र के लिए और संसदीय परम्परा के लिए भी शुभ है. महिला आरक्षण विधेयक, जो वर्षों से अटका पड़ा है, उसके भी बिना किसी शोर शराबे के पास होने की पूरी संभावना है. अगर ऐसा होता है तो यह सत्र संसदीय इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा.

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इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने पुराने भवन में 50 मिनट की आखिरी स्पीच दी. उन्होंने कहा कि सदन ने कैश फॉर वोट और 370 को भी हटते देखा है. वन नेशन वन टैक्स, जीएसटी, वन रैंक वन पेंशन, गरीबों के लिए 10% आरक्षण भी इसी सदन ने दिया है.

अधीर रंजन ने की अटल और मनमोहन की तारीफ

लोकसभा के पुराने भवन में अंतिम सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि पोखरण के समय विदेशी ताकतों ने हमें रोकने की बहुत कोशिशें की लेकिन हम रुके नहीं. अटल जी ने पूरी दुनिया को एक संदेश दिया. उस परमाणु परीक्षण के बाद हम पर प्रतिबंध लगाए थे, उसको हटाने का काम मनमोहन सिंह ने किया. जिन पर बीजेपी मौन रहने का आरोप लगाती थी. वो मौन नहीं रहते थे. दरअसल वो बात कम, काम ज्यादा करते थे.

राज्यसभा में बोले खड़गे – हमें 70 सालों में क्या किया

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में एक बार फिर कहा कि हमसे हर बार यही पूछा जाता है कि 70 साल में क्या किया? हमने वही किया जो आज आप लोग आगे बढ़ा रहे हैं, उसे शुरू किया. जब हमने 1950 में लोकतंत्र को अपनाया, तो कई विदेशी विद्वानों ने सोचा कि यहां लोकतंत्र विफल हो जाएगा क्योंकि यहां लाखों अशिक्षित लोग हैं. हमने उन्हें गलत साबित किया. हमने यही किया है 70 सालों में.

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 18 से 22 सितंबर तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है. स्पेशल सत्र में 5 बैठकें होंगी. इस दौरान 4 बिल पेश किए जाएंगे. उधर विपक्षी पार्टियों ने सरकार से सवाल-जवाब करने के लिए 9 मुद्दों की लिस्ट तैयार की है.

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