



इससे पहले भी प्रियंका ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा, 'अभी तक औद्योगिक संस्थाएं विज्ञापन देती थीं कि हम आगे बढ़ रहे हैं. लेकिन अब भाजपा सरकार के शासन में कईयों को विज्ञापन देकर कहना पड़ रहा है कि हम डूब रहे हैं, हमें बचाओ.'भाजपा सरकार को अब देश को साफ-साफ बताना चाहिए कि अर्थव्यवस्था की दुर्दशा ऐसी क्यों हो रही है?
व्यापार टूट रहा है, उद्योग डगमगा रहे हैं, रुपया कमजोर होता जा रहा है, नौकरियाँ खत्म हो रही हैं। इससे हो रहे नुकसान की भरपाई कौन करेगा? pic.twitter.com/yheNRbHy8x — Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) August 23, 2019
ये विज्ञापन अर्थव्यवस्था के बारे में भाजपा सरकार के दावों की असलियत की पोल खोल रहे हैं। अभी तक औद्योगिक संस्थाएँ विज्ञापन देती थीं कि हम आगे बढ़ रहे हैं। भाजपा सरकार के शासन में कईयों को विज्ञापन देकर कहना पड़ रहा है कि हम डूब रहे हैं, हमें बचाओ। बाकी आप समझ सकते हैं! pic.twitter.com/oTFt3g5bC9 — Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) August 21, 2019इसके अलावा पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी को लेकर भी प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया है.
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) August 21, 2019वहीं कांग्रेस नेता और पूर्व पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा, 'सरकार के स्वयं के आर्थिक सलाहकारों ने आखिरकार स्वीकार किया कि हमने लंबे समय तक क्या सावधानी बरती है - भारत की अर्थव्यवस्था एक गहरी गड़बड़ी में है. अब, हमारे समाधान को स्वीकार करें और जरूरतमंदों के हाथों में पैसा वापस करके अर्थव्यवस्था को फिर से संगठित करें.' दरअसल उन्होंने इशारों-इशारों में नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार के उस बयान की ओर संकेत किया जिसमें राजीव कुमार ने कहा था, 'देश की अर्थव्यवस्था 70 सालों में सबसे खराब दौर में है. इसके लिए नोटबंदी और जीएसटी जिम्मेदार है. गंभीर आर्थिक संकट को देखते हुए और कदम उठाने की जरूरत है.'
Govt’s own economic advisors have finally acknowledged what we cautioned for long - India’s economy is in a deep mess. Now, accept our solution and remonetise the economy, by putting money back in the hands of the needy & not the greedy. https://t.co/pg89JX2RDn — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 23, 2019कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी अपने ट्वीट के जरिए केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण पर सीधा निशाना साधा. उन्होंने अपना ट्वीट वित्तमंत्री को समर्पित करते हुए कहा, 'वित्त मंत्री जी, अर्थव्यवस्था की जो भयानक दुर्दशा भाजपा ने की है, उस पर सरकारी पॉवर पाईंट की 32 स्लॉईडों से पर्दा नहीं डल सकता. देश मंदी से झूझ रहा है. मोदी सरकार पहले बजट में आधा अधूरा रोलबैक कर रही है. GDP औंधे मुंह लुढ़क रहा है और NPA दिन-रात ऊफान पर है पर पर ठोस हल कहां है?'
सुरजेवाला इससे पहले भी पीएम मोदी पर इंडियन इकॉनोमी को लेकर कटाक्ष कर चुके हैं. अपने ट्वीट में उन्होंने कहा, 'अगर मोदीजी ने अर्थव्यवस्था को अपनी पसंद, विदेशी परेड और जंगल फोटो शूट पर प्राथमिकता दी होती तो यह दिन नहीं आता.' दरअसल उन्होंने इस ट्वीट के जरिए प्रधानमंत्री के मेन इक वाइल्ड कार्यक्रम में भाग लेने को लेकर चुटकी ली.वित्त मंत्री जी,
अर्थव्यवस्था की जो भयानक दुर्दशा भाजपा ने की है, उस पर सरकारी पॉवर पाईंट की 32 स्लॉईडों से पर्दा नहीं डल सकता। देश मंदी से झूझ रहा है। मोदी सरकार पहले बजट में आधा अधूरा रोलबैक कर रही है। GDP औंधे मुँह लुढ़क रहा है। NPA दिन-रात ऊफान पर है। पर ठोस हल कहाँ है? pic.twitter.com/pQWPUO3PGS — Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) August 24, 2019
3 years after the introduction of the faulty GST, India continues to suffer massive shortfalls in revenue. If PM Modi had prioritised the economy over his sartorial choices, foreign parades and jungle photo shoots, this day would not have come.https://t.co/hrCGIh0uU3 — Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) August 23, 2019एक अन्य ट्वीट में सुरजेवाला ने कहा कि चौपट अर्थव्यवस्था से एक दिन में निवेशकों के 2,00,000 करोड़ डूब जाते हैं. उद्यमी रोज आंसू बहाते हैं लेकिन बर्बादी के मंज़र पर भाजपाई चुप्पी साध जाते हैं. यही हैं अच्छे दिन पार्ट 2.0?'
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी अर्थव्यवस्था को लेकर मोदी सरकार पर तंज कसा. उन्होंने मीडिया को बताया, 'एफएम द्वारा कल घोषित किए गए उपाय केवल एक चेहरा बचाने की कवायद है. ये कदम अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए अपर्याप्त हैं. विभिन्न क्षेत्रों के सामने आने वाली समस्याओं पर गौर करने की जरूरत है. उन्हें मंदी, धीमी वृद्धि, कम बिक्री और इतने पर लाने के लिए अलग से उपायों की घोषणा करें.'चौपट अर्थव्यवस्था से 1 दिन में निवेशकों के 2,00,000 करोड़ डूब जाते हैं ,
रुपए के भाव धराशायी हुए जाते हैं, (71.81 रुपये प्रति डाॅलर), उद्यमी रोज़ जार-जार आँसू बहाते हैं, बर्बादी के मंज़र पर भाजपाई चुप्पी साध जाते हैं। अच्छे दिन पार्ट - 2.0? pic.twitter.com/kxsmuheHJr — Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) August 23, 2019
Measures announced by FM yesterday are just a face saving exercise. These steps r inadequate to bring back economy on track.There is a need to look into problems faced by different sectors n announce measures separately to bring them out of recession,slow growth,low sales & so on pic.twitter.com/riD5vBBdkU
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) August 24, 2019


