कर्नाटक की इन सीटों पर होगा दिलचस्प मुकाबला, जानें इन विधानसभा सीटों का समीकरण

कहीं जेठ-बहु तो कहीं सगे भाई चुनावी दंगल में दो-दो हाथ कर रहे, किसी सीट पर कांग्रेस का सालों का कब्जा तो कोई बीजेपी का गढ़, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की शिगगांव विस सीट पर भी चल रही कांटे की टक्कर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की साख भी लगी है दांव पर

karnataka
karnataka

Karnataka Election 2023: कर्नाटक विधानसभा चुनावों में चुनावी प्रचार का दौर थमने के बाद वोटिंग का दौर शुरू हो गया है. आज शाम 5 बजे के बाद चुनावी समर में किस्मत आजमा रहे चुनावी उम्मीदवारों का भाग्य मशीन में बंद हो जाएगा. राज्य की सभी 224 सीटों पर नतीजे 13 मई को घोषित किए जाएंगे. राज्य में एक तरफ जहां बीजेपी फिर से कमल खिलाने के लिए पूरी कोशिश करती दिख रही है तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस सहित अन्य राजनैतिक दल ने भी चुनावी प्रचार में जमकर पसीना बहाया है. कर्नाटक में कांग्रेस और बीजेपी सहित अन्य दल अपनी पार्टी की सरकार बनने का दावा कर रहे हैं.

राज्य में कई वीआईपी सीटों पर समीकरण बहुत दिलचस्प है. इस चुनाव में दिग्गज नेताओं के साथ साथ उनके बहु, बेटे भी ताल ठोक रहे हैं. आइए जानते हैं कि राज्य में वीआईपी सीटों की क्या स्थिति है…

बेल्लारी के लिए जेठ-बहू में लड़ाई, जनार्दन रेड्डी की पत्नी को मिला टिकट 

बेल्लारी के खनन कारोबारी जी. जनार्दन रेड्डी की पत्नी अरुणा लक्ष्मी यहां से चुनावी दंगल में दांव लगा रही हैं. अपनी बेटी की शादी में 500 करोड़ रुपया लगाकर रेड्डी एकदम से हाईलाइट हुए थे. 16 हजार करोड़ के अवैध खनन मामले में जेल गए जनार्दन रेड्डी 2016 में बेल पर बाहर आए थे. जनार्दन रेड्डी ने बीजेपी से बगावत कर तीन महीने पहले कल्याण राज्य प्रगति पार्टी बनाई है और इसी से अपनी पत्नी को टिकट दिया है. उनके खिलाफ बीजेपी ने वर्तमान विधायक सोमशेखर रेड्डी को मैदान में ही उतारा है. सोमशेखर जनार्दन रेड्डी के बड़े भाई और अरुणा के जेठ हैं. एक वक्त वे जनार्दन को बचाने के लिए खुद जेल चले गए थे, पर अब भाइयों के रिश्ते बिगड़ चुके हैं.

बेल्लारी सीट पर कुल वोटर्स की संख्या 2,14,975 है. इनमें पुरूष 1,05,945 और महिला 1,08,995 हैं. ट्रांसजेंडर की संख्या 35 है. इस सीट पर विस चुनाव 2018 में सोमशेखर रेड्डी ने कांग्रेस के अनिल लाड को करीब 16 हजार वोटों से हराया था. इस बार कांग्रेस की ओर से नारा भरत रेड्डी और कांग्रेस से जेडीएस में गए अनिल एच.लाड से मैदान में हैं. जनार्दन रेड्डी की पत्नी अरुणा लक्ष्मी चुनाव प्रचार के दौरान अपने पति के नाम और काम पर ही वोट मांग रही हैं.

कांटे की टक्कर है शिगगांव सीट पर, बोम्मई हैं उम्मीदवार –

हावेरी जिले के शिगगांव सीट से कर्नाटक के वर्तमान मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई बीजेपी के उम्मीदवार हैं. इस सीट से उनके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस उम्मीदवार यासिर अहमद खान पठान हैं. ऐसे में दोनों के बीच का मुकाबला देखना दिलचस्प है. 2018 में इस सीट पर बसवराज बोम्मई ने जीत हासिल की थी. बोम्मई को 83868 वोट मिले थे, वहीं कांग्रेस के सईद अज़ीमपीर खदरी को 74603 मत प्राप्त हुए थे. इस बार दोनों के बीच कांटे की टक्कर होने की पूरी पूरी संभावना जताई जा रही है.

मल्लिकार्जुन खरगे की साख दांव पर है चित्तपुर सीट पर –

चित्तपुर विस सीट पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यख मल्लिकार्जुन खरगे की साख दांव पर लगी हुई है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे को चित्तपुर एससी सीट से इस बार उम्मीदवार बनाया गया है. वहीं बीजेपी ने इस सीट से मणिकांता राठौड़ को मैदान में उतारा है. 2018 में इस सीट से प्रियांक खरगे ने जीत हासिल की थी. कांग्रेस के प्रियांक को 69700 वोट मिले थे.

सिद्धारमैया का गढ़ है वरूणा विधानसभा सीट –

कांग्रेस के दिग्गज नेता सिद्धारमैया की यह सीट गढ़ मानी जाती है. हालांकि 2018 चुनाव में उन्होंने अपनी यह सीट अपने बेटे यतींद्र को दे दी थी. इस विधानसभा चुनाव में वरुणा सीट से कांग्रेस ने सिद्धारमैया को खड़ा किया है. वहीं बीजेपी ने मंत्री वी. सोमन्ना को मैदान में उतारा है. एक जनरैली में सिद्धारमैया ने इसे अपना आखिरी चुनाव बोलकर संवेदना कार्ड खेल दिया है जिससे उनकी उपस्थिति इस सीट पर पहले से भी मजबूत हो गई है. 2018 चुनाव में यहां कांग्रेस के डॉ. यतींद्र सिद्धारमैया ने 96,435 वोट प्राप्त कर जीत हासिल की थी. वहीं उनको टक्कर देने वाले बीजेपी के तोतदप्पा बसवराज को केवल 37,819 मिले थे.

पिछले सात बार से अजेय है कनकपुरा विधानसभा सीट –

प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार की वजह यह सीट चर्चित है. शिवकुमार इस सीट से सात बार से विधायक हैं, जिसके चलते कांग्रेस ने उन्हें इस बार भी इसी सीट से टिकट दिया है. 2018 चुनाव में इस सीट से कांग्रेस के डीके शिवकुमार ने 1,27,552 वोट प्राप्त कर जीत हासिल की थी. दूसरे नंबर पर रहे जेडीएस के नारायण गौड़ा को केवल 47,643 वोट मिले थे.

इन सीटों पर सबसे ज्यादा था जीत का अंतर –

पुलकेशीनगर विधानसभा सीट:

2018 के चुनाव में इस सीट पर सबसे ज्यादा वोटो के अतंर से जीत-हार तय हुई थी. इस सीट से कांग्रेस के अखंड श्रीनिवास मूर्ति को 97,574 वोट मिले थे वही जेडी एस बी प्रसन्ना कुमार को 15,948 वोट मिले थे. दोनों के बीच वोटों का अतंर 81,626 वोटों का था.

मद्दुर विधानसभा सीट:

जेडीएस के डी सी थमन्ना को 109,239 वोट मिले थे वहीं कांग्रेस के जीएम मधु को इस सीट से 55,209 वोट मिले थे. दोनों के बीच वोटों का अंतर 54,030 वोटों का था.

Leave a Reply