मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया चुनावी शंखनाद, एनडीए गठबंधन के 200 से ऊपर सीटें जितने का दावा

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेतृत्व में लड़ेंगे चुनाव, प्रदेश में एनआरसी लागू नहीं होगा, एनपीआर भी 2010 में हुआ उसी के आधार पर होगा, CAA पर रखना होगा धैर्य- नीतीश कुमार

Cm Nitish Kumar 1583071999
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पॉलिटॉक्स न्यूज़/बिहार. रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस साल के अंत तक होने वाले विधानसभा चुनावों का शंखनाद करते हुए दावा किया कि विधानसभा की कुल 243 सीटों में से हमारा एनडीए गठबंधन 200 से अधिक सीटों पर विजय होगा. इसके साथ ही नीतीश कुमार ने एक बार फिर साफ कर दिया कि हम राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे. नीतीश कुमार ने यह भी एक बार फिर से स्पष्ट कर दिया कि प्रदेश में एनआरसी लागू नहीं होगा, एनपीआर भी 2010 में हुआ उसी के आधार पर होगा. वहीं CAA पर नीतीश ने धैर्य रखने के लिए कहा है.

रविवार को बिहार की राजधानी पटना कई रंगों से सराबोर दिखी, पटना में गांधी मैदान की ओर आने वाले हर रास्ते पर यह रंग बिखरे थे. जदयू के झंडे का हरा रंग खासतौर से छाया रहा. रंग-बिरंगी साड़ियां पहने कतारबद्ध महिलाओं और साथ ही पुरुषों की भीड़ पूरी तरह अनुशासित और कतारबद्ध रूप में सड़कों पर नजर आई. 2020, फिर से नीतीश की गूंज के साथ हैप्पी बर्थडे टू यू की गूंज सड़क से मंच तक लगातार सुनाई दे रही थी. इसके साथ ही नीतीश कुमार जिंदाबाद के नारों के बीच-बीच में अपने-अपने स्थानीय क्षत्रपों की भी जयकार गूंज रही थी, जिनकी अगुवाई में लोग गांधी मैदान की ओर बढ़ रहे थे. चुनावी साल में अनुशासन का यह उपक्रम सड़क से लेकर मैदान और मंच तक दिखा. वो भी तब जब भीड़ में बड़ी संख्या में महिलाएं और युवा थे.

कार्यकर्ता सम्मेलन में मंच पर पहुंचे बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के सुप्रीमो नीतीश कुमार ने अपेक्षाकृत कम भीड़ को सम्बोधित करते हुए साफ़ कहा कि इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में लोकसभा की तरह हमारा गठबंधन 200 से अधिक सीटें जीतेगा. नीतीश के जन्मदिन पर आयोजित इस सम्मेलन में नीतीश कुमार क़रीब डेढ़ घंटे से अधिक बोले. जेडीयू ने इस सम्‍मेलन के जरिए रविवार को अपने विधानसभा चुनाव प्रचार की विधिवत शुरुआत की. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वादा किया कि अब अगर सत्ता में वापस आएंगे तो हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाएंगे. नीतीश ने अपने भाषण में पिछले 15 वर्षों के दौरान काम काज जा लेखा जोखा भी दिया. सीएम नीतीश कुमार के रुख़ से लगा कि वी सत्ता में वापसी को लेकर आश्‍वस्‍त हैं.

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भाषण की प्रमुख-प्रमुख बातें

  • मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस बात को रेखांकित किया कि राज्य विधानसभा ने एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया है, सीएए पर ‘धैर्य’ रखा जाना चाहिए और जब तक मामला अदालत में है, ‘विवादों’ से बचा जाना चाहिए. जेडीयू अध्यक्ष ने राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को लेकर कहा, “यह 2010 के फॉर्मेट पर कराया जाएगा और इसके लिए हमने विधानसभा से प्रस्ताव पारित किया है.” नीतीश कुमार ने दो टूक शब्दों में कहा कि, “अल्पसंख्यक समाज के साथ उपेक्षा या अन्याय बर्दाश्त नहीं कर सकते. लेकिन उन्होंने मुस्लिम समाज के लोगों से कहा कि अगर नया नागरिक क़ानून (CAA) ग़लत भी है तो सर्वोच्च न्यायालय के फ़ैसले का इंतज़ार करना चाहिए.”
  • जदयू राष्ट्रियाध्यक्ष नीतीश कुमार ने अपने कार्यकर्ताओं को कहा कि विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के साथ मुलाक़ात का कोई राजनीतिक अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि कुछ लोग कन्फ़्यूज़न फैलाते हैं लेकिन कभी लोग किसी से मिलते रहते हैं.
  • सीएम नीतीश कुमार के पटना के गांधी मैदान में दिए भाषण से साफ़ था कि वो एनडीए के नेता के रूप में चुनाव में जाएंगे जहां वो अपने 15 वर्षों के शासनकाल बनाम लालू-रबड़ी के 15 वर्षों के काम काज पर जनता से वोट मांगेंगे.
  • मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि अगली बार मौक़ा मिला तो हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने का संकल्प उन्होंने अभी से ले लिया है.
  • कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए नीतीश कुमार ने पहले के लालू-राबड़ी राज से आज की तुलना करते हुए कहा कि बिहार में अपराध का ग्राफ कम हुआ है. उन्‍होंने बिहार से जंगलराज हटाकर कानून का राज स्‍थापित करने की बात कही और बताया कि राज्‍य में संज्ञेय अपराध घटे हैं, देश के औसत से ये अपराध कम हैं. संज्ञेय अपराधों के मामले में बिहार का 23वां स्‍थान है.
  • नीतीश कुमार ने पटना के गांधी मैदान में जेडीयू कार्यकर्ताओं की रैली में कहा, ”आरजेडी और कांग्रेस ने अल्पसंख्यकों के वोट मांगे, लेकिन हमने उनके लिए काम किया. हमने भागलपुर दंगे के दोषियों को न्याय के कटघरे में लाकर पीड़ितों के लिए न्याय सुनिश्चित किया.” उन्होंने दावा किया कि कानून व्यवस्था बेहतर हुई है और देश में आबादी के हिसाब से अपराध का अनुपात बिहार में कम है.

इस सम्मेलन में आयोजकों द्वारा भीड़ के बारे में जो दावा किया गया था वो सच साबित नहीं हुआ, इससे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी बहुत ख़ुश नहीं दिखे इसलिए उन्होंने अगली बार से टेंट का इंतजाम करने की सलाह दी जिससे गर्मी के कारण लोग सभा से ना निकल जाएं.

बता दें कि बिहार में इसी साल सितंबर-अक्टूबर के महीने में विधानसभा चुनाव कराए जा सकते हैं. 2015 के चुनाव में जेडीयू आरजेडी और कांग्रेस के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ी थी और शानदार सफलता हासिल की थी हालांकि बाद में जेडीयू ने दोनों दलों से नाता तोड़ बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना ली. इस बार बीजेपी और जेडीयू मिलकर चुनाव लड़ने का एलान कर चुकी है. खुद गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि नीतीश कुमार ने नेतृत्व में ही चुनाव लड़ा जाएगा.

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