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महाराष्ट्र: नहीं बन पाई सहमति, शायद अब शिवसेना की जरूरत नहीं बीजेपी को

07 सितंबर 2019
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महाराष्ट्र: नहीं बन पाई सहमति, शायद अब शिवसेना की जरूरत नहीं बीजेपी को

महाराष्ट्र (Maharashtra) में आगामी विधानसभा चुनाव 2019 (Maharashtra Assembly Elections 2019) के मद्देनजर शिवसेना (ShivSena) और बीजेपी (BJP) के बीच सीटों के बंटवारे (Seats sharing) को लेकर बुधवार रात हुई पहले दौर की बैठक (Meeting) बेनतीजा ही रही. दोनों पार्टियां में आपसी गठबंधन की सीटों के साथ ही सहयोगी छोटे दलों को आवंटित की जाने वाली सीटों पर सहमत नहीं हो पाईं हैं. शिवसेना चाहती है कि राज्य की 288 विधानसभा सीटों पर उसके और बीजेपी के बीच बराबर का यानि 144-144 सीटों का बंटवारा होना चाहिए. इसके साथ ही शिवसेना ने यह भी कहा है कि बीजेपी महाराष्ट्र में छोटे सहयोगी दलों को दी जाने वाली सीटें अपने हिस्से … Read more

महाराष्ट्र (Maharashtra) में आगामी विधानसभा चुनाव 2019 (Maharashtra Assembly Elections 2019) के मद्देनजर शिवसेना (ShivSena) और बीजेपी (BJP) के बीच सीटों के बंटवारे (Seats sharing) को लेकर बुधवार रात हुई पहले दौर की बैठक (Meeting) बेनतीजा ही रही. दोनों पार्टियां में आपसी गठबंधन की सीटों के साथ ही सहयोगी छोटे दलों को आवंटित की जाने वाली सीटों पर सहमत नहीं हो पाईं हैं. शिवसेना चाहती है कि राज्य की 288 विधानसभा सीटों पर उसके और बीजेपी के बीच बराबर का यानि 144-144 सीटों का बंटवारा होना चाहिए. इसके साथ ही शिवसेना ने यह भी कहा है कि बीजेपी महाराष्ट्र में छोटे सहयोगी दलों को दी जाने वाली सीटें अपने हिस्से से दे. इसके अलावा शिवसेना की ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद की मांग पर भी बीजेपी ने अपनी सहमति अभी तक नहीं दी है.

बता दें, महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव के दौरान शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) ने चुनाव पूर्व गठबंधन पर सहमित जताते हुए प्रदेश की कुल 48 सीटों में से बीजेपी ने 25 और शिवसेना ने 23 सीटों पर चुनाव लड़ना स्वीकार किया था. तभी से यह भी तय माना जा रहा था कि आने वाले विधानसभा चुनाव 2019 में भी बीजेपी-शिवसेना का यह गठबंधन जारी रहेगा. लेकिन वर्तमान हालात में ऐसी सम्भावना नजर नहीं आती. हालांकि, गठबंधन का भविष्य चुनाव से पहले तय होने वाले फॉर्मूले पर निर्भर करेगा. माना जा रहा है कि प्रदेश में चुनाव की घोषणा गणेशोत्सव बाद हो सकती है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल व शिवसेना के वरिष्ठ नेता सुभाष देसाई सीट बंटवारे पर बातचीत का नेतृत्व कर रहे हैं.

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बुधवार को बीजेपी (BJP) और शिवसेना (ShivSena) के बीच सीट बंटवारे को लेकर हुई पहली बैठक बेनतीजा रही. सूत्रों की मानें तो बीजेपी ने शिवसेना की विधानसभा की 144 सीटों और ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद की मांग को नकार दिया है. जल्द ही इस मुद्दे पर अब दूसरी बैठक होने की सम्भावना है. सीट बंटवारे की पहली बैठक में बीजेपी की तरफ से प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील, मंत्री गिरीश महाजन और सुधीर मुनगंटीवार और शिवसेना के वरिष्ठ नेता सुभाष देसाई शामिल थे.

बताया जा रहा है कि पहली बैठक में मुख्यत: उन संभावित सीटों पर चर्चा की गई जो सहयोगी दलों के लिए छोड़ी जानी है. प्रदेश में RPI (A) और राष्ट्रीय समाज पक्ष (RSP) जैसी छोटी पार्टियां बीजेपी-शिवसेना गठबंधन का हिस्सा हैं. शिवसेना के एक नेता का कहना है कि बीजेपी इस बात के लिए शिवसेना को तैयार करने में लगी हैं कि दोनों दलों की सीटिंग सीटों को छोड़ कर जो सीटें बचती हैं उसमें से छोटे मित्र दलों के लिए 18 सीटें देने के बाद ही बची हुई सीटें बीजेपी और शिवसेना के बीच आधी-आधी बांटी जाए.

दोनों पार्टियों के बीच हुई पहली बैठक के बारे में बीजेपी ने एक नेता ने बताया कि अभी, तो शिवसेना के नेता सीट बंटवारे की टेबल पर बैठे हैं इसलिए अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी. इसीलिए समय का इंतजार करिए, लेकिन इतना तय है कि सीट बंटवारे का अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और युवा नेता आदित्य ठाकरे ही लेंगे.

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वहीं महाराष्ट्र बीजेपी सूत्रों की मानें तो बीजेपी यहां 171 सीटों से बातचीत शुरू करना चाहती है, जबकि शिवसेना कुल सीटों की आधी चाहती है. इसके लिए वह लोकसभा चुनाव से पूर्व शाह, ठाकरे और देवेंद्र फड़नवीस के बीच की बातचीत का हवाला देती है. बीजेपी आधी-आधी सीटों की बात कभी नहीं स्वीकारती है. लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए बीजेपी के चुनावी उम्मीदवार भी नहीं चाहते हैं कि गठबंधन हो. उनका मानना है कि गठबंधन की स्थिति में कम ही लोगों को ही चुनाव लड़ने का मौका मिलेगा. हालांकि, वह पार्टी की तरफ से सभी सीटों के लिए की जा रही तैयारियों को लेकर आशान्वित जरूर हैं.

गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव 2014 के दौरान बीजेपी और शिवसेना ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था जिसमें बीजपी को 122 सीटों व शिवेसना को 63 विजयश्री प्राप्त हुई थी. हालांकि, तब कांग्रेस व राकांपा (NCP) ने भी अलग-अलग ही चुनाव लड़ा था जबकि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए 2019 कांग्रेस और रांकपा ने 50-50 सीटों पर चुनाव लड़ने की सहमतिके साथ गठबंधन की घोषणा कर दी है.

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