किरोड़ी मीणा ने उठाई राज्यसभा में जनसंख्या नियंत्रण के लिए कठोर-प्रभावी कानून बनाए की मांग

देश की समस्याओं की असली वजह जनसंख्या विस्फोट- किरोड़ी मीणा
3 Dec 2021
Politalks.News/Rajasthan. राज्यसभा (Rajaysabha) में आज सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा (Kirodi Lal Meena) की ओर से 'भारत में समान नागरिक संहिता विधेयक, 2020' पेश किया गया. किरोड़ी मीणा ने सदन में 'समान नागरिक संहिता' की तैयारी और पूरे भारत में इसके कार्यान्वयन के लिए राष्ट्रीय निरीक्षण और जांच समिति के गठन की मांग की. किरोड़ी मीणा ने कहा कि, 'जनसंख्या नियंत्रण कानून के बिना देश आत्मनिर्भर होना मुश्किल है'. इस दौरान उन्होंने मजबूती से अपना पक्ष रखा. किरोड़ी मीणा ने बढ़ती जनसंख्या और डिमांड-सप्लाई के गड़बड़ाने और अन्य राष्ट्रों का उदाहरण तो दिया ही साथ ही भारत की बेटियों को सम्मान और पढ़ने और आगे बढ़ाने के लिए समान नागरिक संहिता की आवश्कता पर जोर दिया. https://www.youtube.com/watch?v=2nG9IxDUW2w समस्याओं की असली वजह जनसंख्या विस्फोट- किरोड़ी राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने जनसंख्या नियंत्रण कानून की पुरजोर वकालत करते हुए कहा है कि, 'इसके बिना आत्मनिर्भर भारत अभियान का सफल होना मुश्किल है. गरीबी, बीमारी और कुपोषण व प्रदूषण जैसी समस्याओं की असली वजह देश में हो रहा जनसंख्या विस्फोट ही है'. यह भी पढ़ें- दुर्रू मियां के वायरल ऑडियो पर सियासत तेज, पूनियां बोले- तुष्टिकरण, अपराध संरक्षण कांग्रेस का चरित्र 'प्रभारी जनसंख्या नियंत्रण कानून नितांत आवश्यक' सांसद किरोड़ी मीणा ने राज्यसभा में विशेष उल्लेख के दौरान कानून के पक्ष में तर्क रखते हुए कहा कि, 'आज देश में समान शिक्षा, समान नागरिक संहिता के साथ ही कठोर और प्रभावी जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाना नितांत आवश्यक है. जनसंख्या विस्फोट के कारण दूध, घी, फल और सब्जी की डिमांड ज्यादा बढ़ रही है दूसरी ओर इनकी सप्लाई कम हो रही है इसलिए जहरीला कैमिकल मिलाकर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रही है. इसके कारण कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां बढ़ रही है. जनसंख्या विस्फोट के कारण बहन बेटियों को समान अधिकार और समान सम्मान नहीं मिलता है'. यह भी पढ़ें- आप इतनी सुंदर हैं- नीतीश के बयान पर लालू की बेटी का तंज-‘इस उम्र में भी चच्चा बदनाम है…’ 'बेटियों को मिले बराबरी का दर्जा' अन्य राष्ट्रों का उदाहरण देते हुए किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि, 'रूस का क्षेत्रफल भारत से 5 गुना है और जनसंख्या मात्र 15 करोड़ है. रूस में प्रतिदिन मात्र 5000 बच्चे पैदा होते हैं जबकि भारत में प्रतिदिन 70000 बच्चे पैदा होते हैं. इसी तरह कनाडा का क्षेत्र भारत से 3 गुना है और जनसंख्या मात्र चार करोड है. चीन का क्षेत्रफल भारत से 3 गुना है और जनसंख्या 144 करोड है. इसी तरह अमेरिका का क्षेत्रफल भारत से 3 गुना है और जनसंख्या मात्र 33 करोड़ है. सबको बराबरी का दर्जा मिले, विशेषकर बेटियों को बराबरी का दर्जा मिले बेटियां स्वस्थ रहे बेटियां सम्मान सहित जिंदगी जिए तथा बेटियां पढ़े और आगे बढ़े इसके लिए समान शिक्षा समान नागरिक संहिता के साथ चीन की तर्ज पर देश में एक कठोर और प्रभावी जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाना बहुत जरूरी है'.