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विधानसभा: कांग्रेस विधायक हरीश मीणा ने घेरा अपनी ही सरकार को तो गहलोत के नजदीकी संयम लोढ़ा वैल में बैठे धरने पर

10 फ़रवरी 2020
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विधानसभा: कांग्रेस विधायक हरीश मीणा ने घेरा अपनी ही सरकार को तो गहलोत के नजदीकी संयम लोढ़ा वैल में बैठे धरने पर

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान की 15वीं विधानसभा के बजट सत्र 2020 के दूसरे चरण की शुरूआत सोमवार से हुई. सत्र को लेकर आशंका जताई गई थी कि चौथे सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत हंगामेदार होगी. सदन में ऐसा तो देखने को नहीं मिला लेकिन राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के दौरान सत्ता पक्ष के ही देवली-उनियारा विधायक हरीश मीणा ने अपनी ही सरकार को कई मुददों पर घेरा तो वहीं शून्यकाल के दौरान निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा ने पिंडवाड़ा में एक युवक के गायब होने का मामला उठाते हुए सीबीआई जांच की मांग रखी, अध्यक्ष ने उन्हें टोका तो लोढ़ा अपराधियों को पकडऩे की मांग करते हुए वैल में धरने … Read more

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान की 15वीं विधानसभा के बजट सत्र 2020 के दूसरे चरण की शुरूआत सोमवार से हुई. सत्र को लेकर आशंका जताई गई थी कि चौथे सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत हंगामेदार होगी. सदन में ऐसा तो देखने को नहीं मिला लेकिन राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के दौरान सत्ता पक्ष के ही देवली-उनियारा विधायक हरीश मीणा ने अपनी ही सरकार को कई मुददों पर घेरा तो वहीं शून्यकाल के दौरान निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा ने पिंडवाड़ा में एक युवक के गायब होने का मामला उठाते हुए सीबीआई जांच की मांग रखी, अध्यक्ष ने उन्हें टोका तो लोढ़ा अपराधियों को पकडऩे की मांग करते हुए वैल में धरने पर बैठ गए. इस दौरान उनका साथ पिंडवाड़ा से भाजपा विधायक संभाराम गरासिया ने भी दिया.

देवली-उनियारा विधायक हरीश मीणा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा किसी भी अपराध में एफआईआर दर्ज करने को अनिवार्य किए जाने की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए. मीणा ने उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा द्वारा पिछले दिनों फरियादियों के साथ पीसीसी पहुंचकर ब्रह्मपुरी थाने पुलिस की शिकायत का हवाला देते हुए कहा कि हाल ही में परसादी लाल मीणा के साथ जो किस्सा हुआ वह चिंता का विषय है. अगर कैबिनेट मिनिस्टर की यह स्थिति है तो आम आदमी की क्या पीड़ा होगी इस पर भी सरकार को सोचना चाहिए.

विधायक हरीश मीणा ने आगे राजस्थान पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मैं मेरी बात करू तो मुझे भी एक मुकदमा दर्ज कराने के लिए आंदोलन करना पड़ा था. मुकदमा तो दर्ज हो गया लेकिन 8 महीने में उस मुकदमे का चालन नहीं हुआ. हरीश मीणा की मीणा ने गहलोत सरकार की निरोगी राजस्थान योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि अस्पातालों में डॉक्टर, नर्स और कमरे नहीं है इसके अभाव में निरोगी राजस्थान कैसे बनेगा? वहीं स्वास्थ्य मंत्री पर निशाना साधते हुए हरीश मीणा ने कहा कि आपके निर्वाचन क्षेत्र केकडी से ही सटा हुआ मेरा निर्वाचन क्षेत्र है, फिर भी वहां वो स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं हैं जो केकडी में है.

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साथ ही हरीश मीणा ने कहा कि मेरे क्षेत्र में दो उप तहसील है पिछले 2 साल से वहां कई पद रिक्त हैं. इसके लिए मैं व्यक्तिगत रूप से रेवेन्यू मिनिस्टर हरीश चौधरी को मिल चुका हूं. किसानों का अहित हो रहा है इसके लिए मैंने उनको आग्रह भी किया है कि कहीं से भी लाके रिक्त पदों को भरा जाए. वहीं परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास से उन्होंने कहा कि रोडवेज धीरे-धीरे ग्रामीण क्षेत्रों में बंद होती जा रही है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आना-जाना दूभर हो गया है. कई ग्रामीण क्षेत्रों में आने जाने के साधन भी नहीं है, इसलिए मैं आग्रह करता हूं कि रोडवेज बस सेवाओं से जोड़ दें.

वहीं शून्यकाल के दौरान निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा ने पिंडवाड़ा से गायब हुए एक युवक का मामला उठाया. लोढ़ा ने भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिंडवाड़ा पुलिस ने कार्यवाही नहीं की और दो दिन बाद युवक पंकज सुथार की लाश मिली. उन्होंने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग सरकार से की. यही नहीं, संयम लोढ़ा अपराधियों को पकडऩे की मांग करते हुए वैल में धरने पर बैठ गए इस दौरान उनका साथ पिंडवाड़ा से भाजपा विधायक संभाराम गरासिया ने भी दिया.

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इस पर नाराज हुए अध्यक्ष सी.पी. जोशी ने कहा कि वैल में आना गलत परंपरा है. पूरे देश में इस बात पर चर्चा चल रही है कि वैल में आने वालों को उस दिन के लिए सदन से बाहर कर दिया जाए. इस पर सदन में मौजूद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संयम लोढ़ा को आश्वासन देते हुए अपनी जगह जाने के लिए कहा. तब विधायक संयम लोढ़ा अपनी जगह जाकर बैठ गए. बता दें, पूर्व कांग्रेसी नेता संयम लोढ़ा मुख्यमंत्री गहलोत के काफी नजदीकी माने जाते हैं और अभी लोढ़ा ने कांग्रेस सरकार को समर्थन दिया हुआ है.

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