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हरदा में खुदखुशी करने वाले किसान के घर पहुंचे जीतू पटवारी का विरोध, बचकर निकले

22 सितंबर 2020
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हरदा में खुदखुशी करने वाले किसान के घर पहुंचे जीतू पटवारी का विरोध, बचकर निकले

Politalks.News/MP. मध्य प्रदेश के हरदा जिले के अतरसमा गांव में कर्ज के बोझ तले दबे एक किसान ने अपनी जीवन लीला को समाप्त कर लिया. पीड़ित परिजन से मिलने जब कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी जब वहां पहुंचे तो स्थानीय लोगों ने उनका जमकर विरोध किया, यही नहीं कुछ तो इतने उग्र हो गए कि मामला धक्का मुक्की तक आ पहुंचा. लोगों को उग्र होता देख जीतू पटवारी सहित सभी नेता वहां से रवाना हो गए. सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह उन्हें बचाते हुए वहां से निकाला. वहां से लौटने के बाद पटवारी सहित कांग्रेस के अन्य नेताओं ने शिवराज सरकार को किसान विरोधी बताया. दरअसल, हरदा जिले के … Read more

Politalks.News/MP. मध्य प्रदेश के हरदा जिले के अतरसमा गांव में कर्ज के बोझ तले दबे एक किसान ने अपनी जीवन लीला को समाप्त कर लिया. पीड़ित परिजन से मिलने जब कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी जब वहां पहुंचे तो स्थानीय लोगों ने उनका जमकर विरोध किया, यही नहीं कुछ तो इतने उग्र हो गए कि मामला धक्का मुक्की तक आ पहुंचा. लोगों को उग्र होता देख जीतू पटवारी सहित सभी नेता वहां से रवाना हो गए. सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह उन्हें बचाते हुए वहां से निकाला. वहां से लौटने के बाद पटवारी सहित कांग्रेस के अन्य नेताओं ने शिवराज सरकार को किसान विरोधी बताया.

दरअसल, हरदा जिले के अतरसमा गांव में कर्ज के चलते किसान लक्ष्मीनारायण ने खुदखुशी कर ली. इसके बाद मृतक किसान के परिजनों से मिलने और उन्हें सांत्वना देने के लिए पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, पूर्व सांसद अरुण यादव और विधायक कुणाल चौधरी को किसान के घर पहुंचे. कथित तौर पर यहां भाजपा युवा मोर्चा के कुछ लोगों ने कांग्रेस नेताओं के पहुंचे ही उन पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए विरोध शुरु कर दिया. इसके बाद किसान के घर के आसपास भीड़ जमा हो गई और हंगामा तेज हो गया.

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कांग्रेस नेताओं ने वहां मौजूद लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन हंगामा खत्म होने की जगह बढ़ने लगा. यहां तक की बात धक्का मुक्की तक आ गई. कुछ लोगों ने कांग्रेस नेताओं को घेरने का प्रयास किया. लोगों को उग्र होता देख सभी नेता वहां से रवाना हो गए. सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह उन्हें बचाते हुए वहां से निकाला.

दरअसल, किसान की खुदकुशी और उसे बीमा की राशि नहीं मिलने के मामले में हकीकत जानने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक टीम बनाई थी. इसमें शामिल पूर्व पीसीसी अध्यक्ष अरुण यादव, पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, विधायक कुणाल चौधरी और पूर्व विधायक आरके दोगने समेत अन्य कांग्रेसी शामिल थे. वे यहां किसान के ससुर से मिले, उनसे चर्चा की और किसान पर कर्ज और उन्हें मिले बीमा के बारे में जानकारी ली. इसी दौरान लोगों ने उनका विरोध शुरू कर दिया. विरोध तेज हुए तो सुरक्षाकर्मियों की सलाह पर सभी नेता वहां से निकल गए.

बाद में कांग्रेस नेताओं ने शिवराज सरकार पर अन्नदाताओं के खिलाफ काम करने और अन्नदाता का अपमान करने का आरोप लगाया. कांग्रेस नेता अरुण यादव ने आरोप लगाया कि खुद को किसान हितैषी बताने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और कृषि मंत्री दो-चार रुपए बीमा दिला कर अन्नदाता का अपमान कर रहे हैं. उन्होंने कहा किहम यहां पर इसी की हकीकत जानने आए थे और सच सामने लाकर रहेंगे. पूर्व मंत्री जीतू पटवारी का कहना था कि सीएम और कृषि मंत्री भाषणों में ही किसानों के प्रति चिंता जताते हैं, यदि उन्हें किसानों की इतनी ही चिंता है तो सरकार खुद 3 नए अध्यादेशों का विरोध क्यों नहीं करती.

हालांकि जब मीडिया से जुड़े लोगों ने अतरसमा गांव में कांग्रेस नेताओं के विरोध और वहां हुई घटना के बारे में पूछा तो किसी ने कुछ नहीं कहा. सभी नेता इस मामले पर वे बचते नजर आए.

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