शिवराज की हिम्मत कैसे हुई मुझसे हिसाब मांगने की, पहले अपने 15 सालों का हिसाब दें: कमलनाथ

कमलनाथ ने भरी ग्वालियर में हुंकार, शिवराज को दी चुनौती, कहा- आमने-सामने बैठ जाएं, 26 लाख किसानों के नाम और कर्जमाफी की राशि का रिकॉर्ड देने को तैयार, सिंधिया को भी जमकर सुनाई खरी खोटी

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Kamalnath Vs Shivraj Singh
Kamalnath Vs Shivraj Singh

Politalks.News/MP. मध्यप्रदेश में 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के तहत चुनावी प्रचार के दौरान कमलनाथ सिंधिया के गढ़ ग्वालियर पहुंचे. यहां उन्होंने हुंकार भरते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधा. बार बार शिवराज सरकार के द्वारा कांग्रेस सरकार के 15 महीनों के काम काज का हिसाब मांगने पर भड़के कमलनाथ ने शिवराज को आमने सामने बैठने की चुनौती दी. कमलनाथ ने कहा कि मुझ पर आज तक कोई उंगली नहीं उठा सका क्योंकि मेरा राजनीतिक जीवन बेदाग है. हमने 26 लाख किसानों का कर्ज माफ किया. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं शिवराज को चुनौती देता हूं कि आमने-सामने बैठ जाएं. मैं उन्हें 26 लाख किसानों के नाम, उनके गांव का नाम, माफ कर्ज की राशि का रिकॉर्ड देने को तैयार हूं.

कमलनाथ ने अपनी सरकार के 15 महीने के कार्यकाल को पाक साफ बताते हुए कहा कि कहा कि अपनी 15 महीने की सरकार में अपनी नीति और नियत का परिचय दिया. मुझे शिवराज और भाजपा से सर्टिफिकेट नहीं चाहिए, जनता इसकी गवाह है. सत्ताधारी पार्टी पर भड़कते हुए कमलनाथ ने कहा कि भाजपा में हिम्मत कैसे हुई जो मुझसे 15 माह का हिसाब मांगते हैं. आज तक मुख्यमंत्री अपने 15 साल का हिसाब नहीं दे रहे हैं. पहले वे अपना हिसाब दें.

शिवराज सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कमलनाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर किसी निवेशक को विश्वास नहीं है, क्योंकि भाजपा सरकार में प्रदेश की पहचान माफिया से थी, मिलावट से थी, भ्रष्टाचार से थी. कमलनाथ ने कहा कि मुझे इस बात का दुख है कि आज से 50 वर्ष पहले प्रदेश की पहचान ग्वालियर से होती थी. कोई इंदौर-भोपाल-जबलपुर की बात नहीं करता था. लेकिन अब हालात कुछ और हो चुकी है.

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पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिवराज सिंह की राजनीति को झूठा बताते हुए कहा कि अब यह चलने वाली नहीं है. सांसद-विधायक के निधन पर उपचुनाव का प्रावधान तो किया लेकिन सौदा हो जाएगा, बोली लग जाएगी और उपचुनाव होंगे, यह भी भाजपा करेगी? आज भाजपा ने संविधान और प्रजातंत्र को ही दांव पर लगा दिया. कमलनाथ ने जनता से संविधान की रक्षा करने और अपने भविष्य की रक्षा करने का आव्हान किया.

कमलनाथ ने कहा कि सरकार में प्रदेश किसानों की आत्महत्या में नं. 1, बेरोजगारी में नंबर वन, महिलाओं से अत्याचार में नं वन बन गया है. उन्होंने कहा कि कभी गुजरात-केरल-तमिलनाडु का मजदूर देखा, अब मध्य प्रदेश सबसे ज्यादा मजदूरों के उत्पादन वाला प्रदेश बन गया है. कांग्रेस नेता ने जवाब पूछते हुए सवाल किया- कितनी इन्वेस्टर्स समिट हुई, लाखों करोड़ों के निवेश के वादे किए गए, दावे किए गए, कहां गया निवेश?

कमलनाथ ने कहा कि आज शिवराज सिंह नारियल अपनी जेब में लेकर चलते हैं, जहां मौका मिलता हैं फोड़ देते हैं, घोषणा करने लग जाते हैं लेकिन कितनी घोषणाएं हुई बीते 15 साल के दौरान ग्वालियर-चंबल में, कितनी आज तक पूरी हुई, इसकी सच्चाई जनता जानती है. संभाग में कृषि क्षेत्र, उत्पादन, मंडियां औ खरीदी की आज क्या हालत है, जनता सब कुछ जानती है. कमलनाथ ने कहा कि चुनाव प्रदेश के साथ ही ग्वालियर-चंबल के भविष्य का चुनाव भी, मेरा प्रयास रहेगा कि हम ग्वालियर-चंबल में विकास कार्य में एक नया इतिहास बनाएं.

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कमलनाथ ने बीजेपी के राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी आड़े हाथ लिया. बिना नाम लिए कमलनाथ ने उन पर ग्वालियर-चंबल को उपेक्षित रखने का आरोप लगाया. कमलनाथ ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में ग्वालियर-चंबल उपेक्षित क्यों रहा? बुनियादी सुविधाएं तक ग्वालियर को नहीं मिलीं? चाहे ग्वालियर की सड़कों की बात करें, फ्लाईओवर की बात करें, ग्वालियर क्यों उपेक्षित रहा? इसका जिम्मेदार कौन? कमलनाथ ने तंज कसते हुए कहा कि जो कह रहे है कि उन्हें सीएम नहीं बनाया तो यह सभी जानते है कि विधायकों ने किसे अपना नेता चुना और किसे मात्र 18 वोट मिले? कौन सौदागर है, किसने सौदा किया, यह भी सभी जानते हैं?

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