जासूसी-ऑक्सीजन मामले पर पायलट ने बोला मोदी सरकार पर जोरदार हमला, कहा- जिम्मेदारी ले सरकार

पायलट के निशाने पर मोदी सरकार, जासूसी मुद्दे पर बोले पायलट- ये गंभीर है मुद्दा, सरकार की जांच में सच नहीं आएगा सामने, सुप्रीम कोर्ट करवाए जांच, जासूसी में कहीं ना कहीं सरकार का हाथ होने की जताई आशंका, वहीं ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों पर बोले पायलट, सरकार मौतों का उड़ा रही मजाक

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पायलट के निशाने पर मोदी सरकार
पायलट के निशाने पर मोदी सरकार
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Politalks.News/Rajasthan. राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम और टोंक विधायक सचिन पायलट ने आज मोदी सरकार को जमकर घेरा, सचिन पायलट ने पेगासस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के अंडर में करवाने या JPC से जांच करवाने की मांग की. मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए पायलट ने कहा कि, ‘भारत सरकार की ओर से जांच की जाएगी तो कुछ सामने नहीं आने वाला है. जब राहुल गांधी का फोन टेप हो सकता है अब बात बहुत आगे बढ़ चुकी है. पायलट ने कहा कि कल राजभवन का घेराव किया जाएगा.

केन्द्र सरकार की जांच में कुछ सामने नहीं आएगा- पायलट
सचिन पायलट ने कहा कि, ‘PEGASUS जासूसी मामला बहुत ही गंभीर विषय है, और कांग्रेस ने इसे उठाया है. मामले में मोदी सरकार ने हल्के तरीके से लिया है. देश के लोग जानना चाहते हैं, इतने लोगों का अवैध तरीके से फोन टेप किया गया और फ्रांस, साउथ अफ्रीका, इराक और भारत में सभी वर्गों का जासूसी हुई है. फ्रांस सरकार इसकी जांच करवा रही है’. पायलट ने केन्द्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि, ‘केन्द्र सरकार इसकी जांच करे तो कुछ सामने आएगा नहीं. कांग्रेस की मांग है कि सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस के अंडर में इस मामले की जांच हो या JPC जांच करवाई जाए. औऱ इसकी तह तक पहुंचा जाना चाहिए, जवाबदेही तय करने के सच्चाई सामने आनी चाहिए. सरकार बोल रही है कि हमने इनलीगल नहीं किया, तो फिर किसके माध्यम से पेमेंट हुआ किसने किया जनता सब जानना चाहती है’.

‘छिपाने को कुछ नहीं है तो जांच से भाग क्यों रही है केन्द्र सरकार’

सचिन पायलट ने कहा कि, ‘कांग्रेस की मांग है इस मामले का खुलासा हो. राहुल गांधी का नाम आया, कई वर्गों की निजता का हनन हुआ है. संवैधानिक परंपराओं का हनन हुआ है. कांग्रेस पार्टी देशभर में आंदोलन करेगी, देशभर में राजभवन का घेराव किया जाएगा, जनता जानना चाहती है क्या हो रहा है अगर केन्द्र सरकार के पास नहीं है कुछ छिपाने को तो सरकार जांच से क्यों भाग रही है. यह एक गंभीर चिंता का विषय है. इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. किसको हुआ है फायदा ये हम सब जानते हैं, सरकार स्वेत पत्र जारी कर ये बताये की उन्होंने सॉफ्टवेयर खरीदने के लिए पैसे दिए हैं या नहीं, इस पूरे मामले की जांच ना कराने का सरकार के पास कोई कारण नहीं है’ सरकार का विपक्ष पर आरोप लगाना मानसून सत्र से पहले मामला लाया गया है, ये सरकार का अनर्गल बयान है, जब सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी कह रही है कि वो केवल सरकारों को ही बेचती है तो इससे साबित होता है कि केन्द्र सरकार का कहीं ना कहीं इनवॉल्वमेंट है’

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‘केन्द्र सरकार ने पैसे दिए या नहीं साफ करे’
ममता बनर्जी के ‘खेला दिवस’ के सवाल पर पायलट बोले- ‘बात एक मुख्यमंत्री की नहीं, पत्रकार और ब्यूरोक्रेट्स के अलावा कोई बचा ही नहीं, फोन हैकिंग क्यों हुई है. प्रोसेस पर सवाल उठ रहे हैं. भारत सरकार ये बता दे कि सरकार ने पैसे दिए या नहीं? भारत सरकार को मामले का खुलासा करना चाहिए. अभी और भी नामों की लिस्ट आने की बात सामने आ रही है.

‘जनता में डर का माहौल, केन्द्र सरकार खत्म करे’

राजस्थान के फोन टेपिंग के सवाल को टालते हुए पायलट ने सफाई से कहा कि, ‘आज मुद्दा देश की सरकार का है. राज्य सरकार अपना जवाब दे चुकी है. सरकार को लोगों को आश्वस्त करना चाहिए की उनकी निजता सुरक्षित है. जनता में जो डर का माहौल बना है कि कौन उनकी जासूसी तो नहीं कर रहा है उसको केन्द्र सरकार को खत्म करना चाहिए.

‘जरुरत ही क्यों पड़ी जासूसी की स्पष्ट करे सरकार’

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की जासूसी के सवाल पर पायलट ने कहा कि, ‘सवाल ये नहीं है कि किसका फोन टेप हुआ है. आज उनका हुआ है कल हमारा होगा फिर किसी ओर का, सवाल है निजता का क्या जरुरत पड़ गई की जासूसी की जाए’.

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‘ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों का मजाक बना रही केन्द्र सरकार’

ऑक्सीजन की किल्लत से मौत नहीं होने के केन्द्र सरकार के बयान पर पायलट ने वार करते हुए कहा कि, ‘ये कह देना राज्य सरकारों के आंकड़े में मौत का जिक्र नहीं है, ये कह देना कि राज्य सरकारों ने आंकड़े नहीं दिए ये केन्द्र सरकार का काम नहीं है. कोविड मैनेजमेंट केन्द्र सरकार के हाथ में था. केन्द्र सरकार को जिम्मेदारी निभानी चाहिए’. पायलट ने बड़ी की ईमानदारी से माना कि, ‘ऑक्सीजन की कमी थी. जो हमने सब लोगों ने देखा है. सरकार ने विदेशों से क्यों मंगवाई थी, प्लांट लगाने की तैयारी हुई, हाहाकार मचा, ये कह देना कि मौते नहीं हुई ये नाकाफी है. केन्द्र सरकार को जिम्मेदारी लेनी चाहिए. केन्द्र सरकार को ऑडिट करवानी चाहिए. ऑक्सीजन से जिन लोगों की मौत हुई है वो बहुत ही दुखद है, और केन्द्र सरकार का ये बोलना की मौत हुई ही नहीं ये उन मौतों के साथ मजाक है. केन्द्र सरकार के पास कोविड का कमांड सेंटर था. मौते हुई हैं इसको झुठलाया क्यों जा रहा है’. पायलट ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री को हटाए जाने पर भी तंज कसा.

हम राजनीति नहीं करना चाहते कोरोना पर लेकिन जिम्मेदारी तय हो

कोरोना पर राजनीति के किए जाने के सवाल पर पायलट ने कहा कि, ‘हम इस पर राजनीति नहीं करना चाहते, लेकिन भविष्य में वो भयावह तस्वीर नहीं देखनी पड़े इसकी तैयारी तो करनी ही पड़ेगी. जवाबदेही तय नहीं होगी तो भविष्य कैसे सुधरेगा?. मौतों से सबक लेनी चाहिए केन्द्र सरकार को. कोविड किसी पार्टी का विषय नहीं है. केन्द्र सरकार की ओर से सामंजस्य की कमी रही, अब आंकड़ों में जनता को उलझाया जा रहा है.

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‘केन्द्र सरकार हर मोर्चे पर विफल’

पायलट ने कहा कि, ‘जनता ने इनका 7 साल का राज देख लिया है. महंगाई, भ्रष्टाचार, पेट्रोल डीजल, किसान सभी वर्ग परेशान हैं. केन्द्र सरकार तो जनता ने मौका दिया था लेकिन वो हर मोर्चे पर विफल रही है. आज लोग समझ गए हैं, कांग्रेस का शासन इससे बेहतर था.

‘अपना एजेंडा थोप रही है केन्द्र सरकार’
मोहन भागवत के NRC CAA के बयान पर पायलट ने कहा कि, ‘केन्द्र सरकार अपना एजेंडा थोप रही है. किसानों को आंदोलन क्यों करना पड़ रहा है. बहुमत है इसका मतलब ये नहीं है कि मनमानी की जाए. देश के लोग अब बदलाव चाहते हैं.

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