महाराजा सूरजमल के ग़लत चित्रण को लेकर फिल्म ‘पानीपत’ का भारी विरोध, वसुंधरा राजे, विश्वेन्द्र सिंह और बेनीवाल ने जताई आपत्ति

(Film Panipat)
9 Dec 2019
पॉलिटॉक्स ब्यूरो. शुक्रवार को रिलीज हुई फ़िल्म 'पानीपत-द ग्रेट बिट्रेयल' को लेकर राजस्थान में भारी विरोध शुरू हो गया है. विरोध जताने वाले राजस्थान के दर्शकों का आरोप है कि फिल्म पानीपत (Film Panipat) में भरतपुर के महाराजा सूरजमल को गलत ढंग से प्रदर्शित किया गया है. उनकी दलील है कि फिल्म में महाराजा सूरजमल को हमलावर अफगानों के खिलाफ मराठों की मदद करते हुए दिखाया गया है. इसके बदले में उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो उन्होंने सदाशिव को लड़ाई में साथ देने से इनकार कर दिया. फिल्म में महाराज सूरजमल के बारे में दिखाए गए अंशों पर राजस्थान के जाट समाज में भारी नाराजगी है और फ़िल्म के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, वर्तमान सरकार में पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने फिल्म में महाराजा सूरजमल के बारे में गलत तथ्य दिखाए जाने पर आपत्ति जताई है. पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने ट्वीट के जरिए कहा कि स्वाभिमानी, निष्ठावान और हृदय सम्राट महाराजा सूरजमल का फ़िल्म 'पानीपत' (Film Panipat) में किया गया ग़लत चित्रण निदंनीय है. वहीं राजस्थान सरकार के पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह, जो कि खुद महाराजा सूरजमल की 14वीें पीढ़ी हैं, का कहना है कि ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ करते हुए फिल्म में महाराजा सूरजमल जैस महापुरुष का बहुत गलत ढंग से चित्रण किया गया है. मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए रविवार को कहा, "मेरा मानना है कि हरियाणा, राजस्थान और उत्तर भारत के जाट समुदाय में भारी रोष को देखते हुए इस फिल्म पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए, अन्यथा कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है." https://twitter.com/VasundharaBJP/status/1203581214931599360 मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने ट्वीट के जरिए कहा कि यह अत्यंत दुख की बात है कि फिल्म पानीपत (Film Panipat) में ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ करते हुए भरतपुर के महाराजा सूरजमल जाट जैसे महान पुरुष का चित्रण फिल्म पानीपत में बेहद गलत तरीके से किया गया है. उन्होंने कहा, "मैं महाराजा सूरजमल जाट की 14वीं पीढ़ी से हूं, वास्तविकता यह है कि पेशवा और मराठा जब पानीपत युद्ध हारकर और घायल होकर लौट रहे थे तो महाराजा सूरजमल और महारानी किशोरी ने छह माह तक सभी मराठा और पेशवाओं को अपने यहां पनाह दी थी. यहां तक कि खांडेराव होलकर की मृत्यु भी भरतपुर की तत्कालीन राजधानी कुम्हेर में ही हुई और आज भी वहां के गागरसोली गांव में उनकी छतरी भी बनी हुई है." पर्यटन मंत्री ने कहा कि एक समिति बनाई जानी चाहिए जो यह देखे कि यदि किसी वंश या महान व्यक्ति पर अगर कोई फिल्म बनाई जाती है तो ऐसी फिल्म को रिलीज करने से पहले उसके परिजनों और समाज से अनुमति ली जाए. https://twitter.com/vishvendrabtp/status/1203636103686737921 https://twitter.com/vishvendrabtp/status/1203630327408680960 नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी फिल्म का विरोध करते हुए ट्वीट कर कहा कि फिल्म में महाराजा सूरजमल के महान व्यक्तित्व को मजाकिया जैसा दिखाना राजस्थान की अस्मिता के साथ मजाक है, आखिर बार-बार क्यों फिल्मों में हमारे महान इतिहास का मजाक बनाया जाता है. सेंसर बोर्ड अपनी जिम्मेदारी समझे और फ़िल्म से विवादित दृश्य हटाए. सांसद हनुमान बेनीवाल फिल्म पानीपत को लेकर राजस्थान में कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई है. बेनीवाल ने ट्वीट करते हुए फिल्म के विवादित हिस्सों पर सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ़ फिल्म सर्टिफिकेशन अध्यक्ष प्रसून जोशी का ध्यान आकर्षित किया है. बेनीवाल ने ट्वीट में एक न्यूज़ आर्टिकल को शेयर करते हुए लिखा, 'मैं सीबीएफसी, प्रकाश जावड़ेकर और प्रसून जोशी से फिल्म पानीपत से जुड़े विवादित मामले को देखने की दरख्वास्त करता हूं, कृपया इसे देखें ताकि कानून व्यवस्था की स्थिति ना बिगड़े. कोई भी फिल्म और कला इतिहास को गलत तरीके से पेश नहीं कर सकती.' बेनीवाल ने कहा कि (Film Panipat) में इतिहास को ग़लत तथ्यों के आधार पर प्रस्तुत करने से समाज में रोष है. सूरजमल एक महान अजेय योद्धा थे, फ़िल्म निर्माताओं और सेंसर बोर्ड से अपील है कि जल्द से जल्द विवादित दृश्यों को हटाया जाए. https://twitter.com/hanumanbeniwal/status/1203700328148766720 फ़िल्म पानीपत (Film Panipat) को लेकर एक दलील ये भी दी गई है कि फिल्म में स्थानीय लोगों को राजस्थानी और हरियाणवी बोलते हुए दिखाया गया है, जबकि उस समय स्थानीय लोगों द्वारा ब्रज भाषा बोली जाती थी जो कि फ़िल्म में एक तथ्यात्मक गलती है. राजस्थान के पर्यटन जाट नेता नेम सिंह फौजदार ने शनिवार को सैकड़ों लोगों के साथ भरतपुर के सूरजमल चौराहे पर प्रदर्शन कर फिल्म निर्देशक आशुतोष गोवारिकर का पुतला दहन किया. जाट समाज के सहयोग से जीते 5 चुनाव, मेरी सफलता में जाट समाज का बड़ा योगदान- अशोक गहलोत गौरतलब है कि 'पानीपत-द ग्रेट बिट्रेयल' पानीपत (Film Panipat) की तीसरी लड़ाई पर आधारित फिल्म हैं. इस फिल्म में अर्जुन कपूर, संजय दत्त और कृति सनन की अहम भूमिका हैं. फिल्म में अर्जुन कपूर ने पेशवा सदाशिवराव भाऊ का किरदार निभाया है तो वहीं संजय दत्त ने अहमद शाह अब्दाली का रोल किया है जो कि एक नेगेटिव रोल है. 173.22 मिनट की इस फिल्म का निर्देशन आशुतोष गोवारिकर ने किया है.