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कोरोना वायरस की पहली मरीज ‘पेशेंट जीरो’ का दावा- चीन चाहता तो फैलने से रोक सकता था वायरस को

31 मार्च 2020
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कोरोना वायरस की पहली मरीज ‘पेशेंट जीरो’ का दावा- चीन चाहता तो फैलने से रोक सकता था वायरस को

पॉलिटॉक्स न्यूज/दुनिया. कोरोना वायरस देश और दुनिया में अपना जानलेवा कहर बरपा रहा है. सबसे पहले बीमारी की शुरुआत चीन से हुई, उसके बाद इटली, अमेरिका और जर्मनी से होती हुई भारत सहित अन्य देशों में पहुंच गई. भारत में अब तक 38 मौतें कारोना वायरस की चपेट में आकर हो चुकी हैं और 1300 से ज्यादा लोग संक्रमित हैं. इसी बीच वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस के सबसे पहले मरीज का पता लगा लिया है. ऐसे मरीजों को ‘पेशेंट जीरो’ या ‘इंडेक्स केस’ कहा जाता है. कोरोना वायरस से सबसे पहले चपेट में आने वाली ‘पेशेंट जीरो’ एक चीनी महिला है जिसका नाम वेई गुइजियान है और वो वुहान के … Read more

पॉलिटॉक्स न्यूज/दुनिया. कोरोना वायरस देश और दुनिया में अपना जानलेवा कहर बरपा रहा है. सबसे पहले बीमारी की शुरुआत चीन से हुई, उसके बाद इटली, अमेरिका और जर्मनी से होती हुई भारत सहित अन्य देशों में पहुंच गई. भारत में अब तक 38 मौतें कारोना वायरस की चपेट में आकर हो चुकी हैं और 1300 से ज्यादा लोग संक्रमित हैं. इसी बीच वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस के सबसे पहले मरीज का पता लगा लिया है. ऐसे मरीजों को ‘पेशेंट जीरो’ या ‘इंडेक्स केस’ कहा जाता है. कोरोना वायरस से सबसे पहले चपेट में आने वाली ‘पेशेंट जीरो’ एक चीनी महिला है जिसका नाम वेई गुइजियान है और वो वुहान के सी-फूड मार्केट में झींगा मछली बेचती है. हालांकि इलाज के बाद वह एकदम स्वस्थ है.

इस ‘पेशेंट जीरो’ चीनी महिला ने दुनिया में फैले इस संक्रमण के लिए चीनी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. वेई गुइजियान ने दावा किया कि अगर चीनी सरकार ने समय पर कदम उठाए होते तो कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सकता था. चीन की लापरवाही के कारण वुहान से शुरू हुआ कोरोना वायरस दुनिया भर में तबाही मचा रहा है. इसे महामारी घोषित किया जा चुका है. कोरोना वायरस से अब तक 7,66,366 लोग दुनियाभर में संक्रमित हो चुके हैं जबकि 36,873 लोगों की मौत हो चुकी है. पॉजिटिव खबर ये है कि करीब 80 हजार लोग ठीक हो चुके हैं.

‘पेशेंट जीरो’ वेई गुइजियान के अनुसार, उसे बीते 10 दिसम्बर को हल्का जुकाम हुआ और वो इसे साधारण फ्लू समझकर नजदीकी क्लिनिक चली गई जहां उसे इंजेक्शन लगाकर घर भेज दिया गया. कुछ दिन कमजोरी बनी रही तो वो अगले दिन चीन के इलेवंथ अस्पताल चली गई. वहां भी सामान्य चिकित्सा देकर उसे भेज दिया गया लेकिन आराम तब भी नहीं मिला. इसके बाद वेई 16 दिसम्बर को वुहान यूनियन अस्पताल गई जहां उसमें कोरोना वायरस के लक्षण दिखाई दिए. रिपोर्ट आते ही उसे क्वारेंटाइन कर दिया गया. अस्पताल में उसे पता चला कि सी-फूड मार्केट में उसके जैसे लक्षण कई अन्य लोगों में भी देखे गए हैं. एक महीने के इलाज के बाद जनवरी में वो कोरोना वायरस के संक्रमण से पूरी तरह उबर चुकी है. आशंका जताई गई थी कि वायरस का संक्रमण उसे सार्वजनिक शौचालय से हुआ जहां दूसरे मांस विक्रेता आकर शौचालय इस्तेमाल करते थे.

वुहान के सरकारी अस्पताल के अनुसार चीनी महिला उन पहले 27 लोगों में से एक है जिनमें कोरोना वायरस के लक्षण देखे गए थे. इनमें से 24 लोग उसी मार्केट से जुड़े हुए थे. हालांकि वे पहली वायरस मरीज हैं, इसे लेकर संशय है क्योंकि लांसेट मेडिकल जर्नल के अनुसार उनसे 10 दिन पहले एक दिसंबर को एक अन्य व्यक्ति में कोरोना वायरस मिला था.

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चीन के अखबार ‘द पेपर’ के अनुसार, नया कोरोना वायरस दूसरी प्रजातियों में भी फैल सकता है. यह संकेत है कि भविष्य में नए कोरोना वायरस सामने आ सकते हैं. इसे लेकर बड़े स्तर पर शोध की जरूरत है. समाचार पत्र ने सिडनी और शंघाई के चिकित्सा विशेषज्ञों के अध्ययन के हवाले से यह दावा किया.

गौरतलब है कि चीन, जहां से ये खूनी खेल शुरु हुआ था, चीनी अधिकारियों के मुताबिक अब तक पूरे देश में 3300 लोगों की मौत हो चुकी है और 81 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हुए थे. 3,182 लोगों की मौत केवल हुबेई प्रांत में हुई. वैसे वर्तमान हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं. 98 फीसदी लोग ठीक हो चुके हैं और 50 फीसदी चीन वापस अपने कामकाज पर लौट चुका है.

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