PoliTalks News
बड़ी खबर

गिरगिट से भी तेज रंग बदलती राजनीति – शाहीन बाग आंदोलन से जुड़े नेता हुए बीजेपी में शामिल

19 अगस्त 2020
साझा करें:
गिरगिट से भी तेज रंग बदलती राजनीति – शाहीन बाग आंदोलन से जुड़े नेता हुए बीजेपी में शामिल

Politalks.News/Delhi-Bihar. कहते हैं गिरगिट रंग बदलता है और वो भी बहुत तेजी से, लेकिन गिरगिट से भी तेज रंग बदल जाते हैं राजनीति के. ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है दिल्ली और बिहार की राजनीति में, जहां दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं ने जिस शाहीन बाग आंदोलन और उससे जुडे नेताओं को जी भर कर कोसा, सिर्फ कोसा ही नहीं कई भाजपा नेताओं ने तो उन्हें देश द्रोही तक कहकर प्रचारित किया, उसी शाहीन बाग आंदोलन से जुडे नेता अब भाजपा में शामिल हो रहे हैं और भाजपा की तारीफ करते नजर आना शुरू हो चुके हैं. खैर सब वोटों का खेल है. बिहार विधानसभा चुनाव … Read more

Politalks.News/Delhi-Bihar. कहते हैं गिरगिट रंग बदलता है और वो भी बहुत तेजी से, लेकिन गिरगिट से भी तेज रंग बदल जाते हैं राजनीति के. ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है दिल्ली और बिहार की राजनीति में, जहां दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं ने जिस शाहीन बाग आंदोलन और उससे जुडे नेताओं को जी भर कर कोसा, सिर्फ कोसा ही नहीं कई भाजपा नेताओं ने तो उन्हें देश द्रोही तक कहकर प्रचारित किया, उसी शाहीन बाग आंदोलन से जुडे नेता अब भाजपा में शामिल हो रहे हैं और भाजपा की तारीफ करते नजर आना शुरू हो चुके हैं. खैर सब वोटों का खेल है. बिहार विधानसभा चुनाव से पहले शाहीन बाग आंदोलन से जुड़े बड़े नेता शहजाद अली ने भाजपा जॉइन की है.

शाहीन बाग के नेता शहजाद अली का भाजपा ज्वाइन करने का तर्क भी सुनिए, शहजाद ने कहा – ‘शाहीन बाग का विरोध किसी पार्टी का विरोध नहीं था, वो तो गलत बात का विरोध था. कोई भी बात तब तक गलत होती है, जब तक सही बात समझ नहीं आए. हम मुसलमानों में यह माहौल बनाया गया है कि बीजेपी हमारी दुश्मन है. तो बीजेपी को ज्वाइन करके ही निर्णय लिया जा सकता है कि वो मुसलमानों की दुश्मन है, या दोस्त. जहां तक बात सीएए और एनआरसी के विरोध की बात है, वो मसला हम मिलकर सुलझाएंगे. अनेकता में एकता तो भारत में आज की बात नहीं हजारों साल की मिसाल है.’

वाह, शहजाद वाह, राष्ट्रभक्ति से जुडी ऐसी बात सुनने के बाद हर किसी का मन हर्षित होगा. बीजेपी के नेता शहजाद को भाजपा ज्वाइन कराते समय बहुत ही खुश नजर आ रहे थे. वो अलग बात है कि भाजपा का विपक्ष उस पर आरोप लगाता रहा है कि वो मुसलमानों को टिकट नहीं देती है.

यह भी पढ़ें: राजस्थान की सत्ता और संगठन में भागीदारी का फॉर्मूला तय करेगी कांग्रेस की तीन सदस्यी कमेटी

खैर, यह राजनीतिक मामला है और चुनाव से पहले बहुत कुछ होता है, सो शाहीन बाग भी हो गया. सारे राजनीतिक दलों ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में शाहीन बाग को चूल्हे का तवा बनाकर जमकर राजनीतिक रोटियां सेकीं. ओर अब आ चुके हैं बिहार विधानसभा चुनाव, बिहार में मुसलमान वोटों की काफी बडी तादाद है. भाजपा की मोदी सरकार द्वारा लाए गए सीएए कानून और एनआरसी का मुददा बिहार चुनाव का बडा मुददा है. कई राजनीतिक दल इस मुददे पर भाजपा और जदयू को घेरने के लिए बडे स्तर पर काम कर रहे हैं.

ऐसे में बिहार चुनाव से पहले शाहीन बाग में सीएए और एनआरसी के खिलाफ बडा आंदोलन चलाने में भूमिका निभाने वाले शहजाद अली सहित अन्य मुस्लिम एक्टिविस्ट के भाजपा में आने के बाद भाजपा उन्हें बिहार चुनाव में मुसलमानों और भाजपा पर मुस्लिम विरोधी आरोप लगाने वालों को राजनीतिक जवाब देगी.

संबंधित समाचार

महत्वपूर्ण खबरें

PoliTalks News - Authoritative News Portal