राजस्थान: 15वीं विधानसभा के चौथे सत्र की हंगामेदार शुरूआत, राज्यपाल के अभिभाषण का विपक्ष ने किया बायकॉट

गवर्नर के अभिभाषण का विपक्ष ने जमकर विरोध, बीजेपी के साथ रालोपा ने भी किया सदन से वॉकआउट, विधानसभा की कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान की 15वीं विधानसभा के चौथे सत्र की शुक्रवार को शुरुआत हंगामेदार हुई. सत्र की शुरूआत राष्ट्रगान के साथ हुई. उसके बाद जैसे ही राज्यपाल कलराज मिश्र ने अपना अभिभाषण पढना शुरू किया, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने गवर्नर के ​अभिभाषण का विरोध करना शुरू कर दिया. इस दौरान सत्ता पक्ष लगातार टेबल थपथपाता रहा तो विपक्ष विरोध. राज्यपाल का अभिभाषण करीब 40 मिनट चला जिसमें राज्यपाल ने सरकार द्वारा किये गये कार्यो की विस्तृत जानकारी सदन में दी. लेकिन इस अभिभाषण के शुरूआती 7 मिनट में ही नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया के नेेतृत्व सभी बीजेपी के साथ रालोपा के विधायकों ने सदन से वॉक आउट कर दिया. हालांकि 40 मिनिट बाद ही विधानसभा की कार्यवाही फिर से शुरु हुई. दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि देने के बाद विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने शनिवार, सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा की.

इससे पहले शुरुआती सत्र में राज्यपाल कलराज मिश्र ने जब अभिभाषण पढ़ने की शुरूआत की, तभी नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने खड़े होकर राज्यपाल के अभिभाषण सत्र को बुलाने के तरीके का विरोध किया. कटारिया ने सदन में कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में विरोध करना पड़े, इससे बड़ा दुर्भाग्य कोई हो नहीं सकता. इसके बाद बीजेपी व आरएलपी के ​विधायकों ने सदन का बायकॉट कर दिया. राज्यपाल का अभिभाषण करीब 40 मिनट चला जिसमें उन्होंने सरकार की विभिन्न उपलब्धियों को विस्तार से बताया.

बड़ी खबर: विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले हुई हंगामे की शुरुआत, राठौड़ ने की पायलट से माफी की मांग तो कटारिया ने कहा अचानक जागी सरकार

इससे पहले चौथे सत्र में सरकार को घेरने के लिए गुरूवार को भाजपा विधायक दल की बैठक आयोजित हुई. बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि शुक्रवार से विधानसभा का सत्र बुलाना सरकार की सबसे बडी असफलता है. कटारिया ने बताया कि लोकसभा व राज्यसभा में एससी-एसटी एक्ट पास हो गया था जिसमें राज्यों की सहमती की भी आवश्यक होती है. इस पर सहमती देने की अंतिम तारीख 25 जनवरी थी. दुर्भाग्य से नींद से सोई हुई सरकार वोट बैंक की राजनीति के कारण अचानक जागी और इस कारण आनन फानन में यह सत्र बुलाया गया है.

Leave a Reply