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अखिलेश-राजभर एक मंच पर, बोले- दिल्ली व लखनऊ में कुछ लोग हो रहे होंगे लाल-पीले, अब होगा खदेड़ा

27 अक्टूबर 2021
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अखिलेश-राजभर एक मंच पर, बोले- दिल्ली व लखनऊ में कुछ लोग हो रहे होंगे लाल-पीले, अब होगा खदेड़ा

Politalks.News/Uttarpradesh. उत्तरप्रदेश के चुनावी घमासान में आज का दिन महत्वपूर्ण है. सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने अपनी पार्टी के 19वें स्थापना दिवस के अवसर पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को अपने मंच पर बुलाकर चुनावों में सियासी तड़का लगा दिया है. राजभर की ओर से प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में छोटे बड़े दलों के गठबंधन को मंच मुहैया कराने की कोशिश की है. मंच से ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि, ‘वह भावी सीएम को आपके सामने लेकर आए हैं हम समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ेंगे. अखिलेश यादव के साथ रैली में ओपी राजभर ने कहा कि, ‘बंगाल में … Read more

Politalks.News/Uttarpradesh. उत्तरप्रदेश के चुनावी घमासान में आज का दिन महत्वपूर्ण है. सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने अपनी पार्टी के 19वें स्थापना दिवस के अवसर पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को अपने मंच पर बुलाकर चुनावों में सियासी तड़का लगा दिया है. राजभर की ओर से प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में छोटे बड़े दलों के गठबंधन को मंच मुहैया कराने की कोशिश की है. मंच से ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि, ‘वह भावी सीएम को आपके सामने लेकर आए हैं हम समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ेंगे. अखिलेश यादव के साथ रैली में ओपी राजभर ने कहा कि, ‘बंगाल में ‘खेला होबे’ हुआ था तो यूपी में ‘खदेड़ा होबे’ होगा. 2022 में अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बनेंगे’. राजभर ने दाव चलते हुए ये भी कह दिया कि सरकार बनी तो घरेलू बिजली का बिल 5 साल तक माफ किया जाएगा’. दरअसल मिशन 2022 के लिए अखिलेश यादव छोटे दलों को साथ लेकर वोट प्रतिशत बढ़ाने में जुटे हैं.

संयुक्त ताकत देख दिल्ली-लखनऊ में लोग हो रहे लाल-पीला- अखिलेश
सुभासपा के स्थापना दिवस समारोह में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और ओमप्रकाश राजभर ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर गठबंधन की औपचारिक घोषणा की. इस दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा. पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने महापंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि, ‘मैंने ओमप्रकाश जी का भाषण बड़े ध्यान से सुना. मैं उनसे पूरी तरह से सहमत हूं’. उन्होंने महापंचायत में शामिल हजारों सुभासपा और सपा कार्यकर्ताओं को देखकर उनका उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि, ‘यहां इस महापंचायत में पीली रंग और लाल रंग की संयुक्त ताकत को देखकर कोई दिल्ली तो कोई लखनऊ में लाल-पीला हो रहा होगा’.

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महापंचायत के मंच से की गई ‘वादों की बारिश’!
महापंचायत के मंच से अखिलेश यादव ने कहा कि, ‘सपना दिखाया की चप्पल पहनने वाला हवाई जहाज में चलेगा, आज महंगाई के कारण चप्पल पहनने वाले व्यक्ति की मोटरसाइकिल भी चल नहीं पा रही है. आज पेट्रोल की कीमत क्या है? क्या हालत कर दी जनता की’. अखिलेश यादव ने कहा, ‘जब कोरोना जैसी महामारी आई तब सरकार ने बेसहारा छोड़ दिया सरकार ने मदद नहीं की’. इससे पहले ओपी राजभर ने कहा कि, ‘यूपी के लोग बीजेपी की विदाई के इंतजार में हैं जब नेता वोट मांगने आए तो महंगाई पर सवाल करें. यूपी की जनता महंगाई से निजात चाहती है. राजभर ने एक के बाद एक कई वादे भी किए’. राजभर ने कहा कि, ‘अखिलेश सरकार बनने पर गरीबों का फ्री में इलाज का कानून पास कराएंगे. पुलिस विभाग की ड्यूटी 8 घंटे की करेंगे. गृह जिलों के पास पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी, सभी पुरानी सरकारी पेंशन बहाल कराएंगे. सरकारी स्कूलों में प्राइवेट स्कूलों जैसी सुविधा देंगे. पूरे उत्तर प्रदेश को शिक्षित करने का लक्ष्य, जो बच्चों को स्कूल नहीं भेजेगा उनको जेल भेजेंगे’.

मऊ साबित होगा राजनीतिक महायुद्ध का कुरुक्षेत्र- अखिलेश
अखिलेश यादव ने कहा कि, ‘पूर्वांचल के लोग चल देते हैं तो इतिहास बन जाता है. यूपी से भाजपा का सफाया जरूरी है. हम लोग बाबा साहब के साथ महापुरुषों पर चलने वाले लोग हैं. इस ताकत का कोई मुकाबला नहीं है.’ इसके पहले फेसबुक पर एक पोस्‍ट में यादव ने लिखा कि, ‘ग़रीबों, दमितों, शोषितों, वंचितों, दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों, मज़दूरों, किसानों, महिलाओं, युवाओं, शिक्षकों, कारोबारियों, नौकरीपेशा व पेशेवरों के अधिकारों की रक्षा के लिए झूठी व फ़रेबी भाजपा-सत्ता के ख़िलाफ़ ‘मऊ का हलधरपुर मैदान एक राजनीतिक महायुद्ध का कुरुक्षेत्र साबित होगा’.

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अखिलेश ने बनाई है ये खास रणनीति!
मिशन यूपी-2022 के लिए अखिलेश एक खास रणनीति पर काम कर रहे हैं. वह काफी पहले यह साफ कर चुके हैं कि इस चुनाव में समाजवादी पार्टी किसी बड़े दल से समझौता नहीं करेगी. सिर्फ छोटे दलों से ही समझौता किया जा सकता है. अखिलेश के इस ऐलान के बाद अलग-अलग दलों के साथ उनका गठबंधन धीरे-धीरे आकार ले रहा हैं. अलग-अलग इलाकों में क्षेत्रीय ताकतों को इस तरह जोड़ जा रहा है ताकि जातीय समीकरण सपा के वोट बैंक को बढ़ाने में मदद करें. सपा की कोशिश इस बार 10 प्रतिशत वोट की छलांग लगाने की है. इस मुहिम में रालोद, सुभासपा, जनवादी पार्टी, एनसीपी, महान दल, तृणमूल कांग्रेस सपा के हमसफर बन रहे हैं. इसी क्रम में पिछले चुनाव में भाजपा का सहयोगी दल सुभासपा भी सपा के साथ आया है. सपा को भरोसा है कि सुभासपा के आने से पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में राजभर व अन्य ओबीसी वर्ग उनके साथ आ सकता है. उधर, पश्चिमी यूपी के संभल, कासगंज, बदायूं, व पूर्वांचल के प्रयागराज, कुशीनगर व मिर्जापुर आदि क्षेत्रों में असर रखने वाले महान दल सपा का साझेदार है. महान दल ने हाल में सपा के समर्थन में प्रदेश भर में रैली निकाली है. इसी तरह जनवादी पार्टी सोशलिस्ट भी सपा को जिताने की अपील के साथ प्रदेश में जनक्रांति यात्रा निकाल चुकी है.

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