विधायक पर हुआ हमला दर्शाता है कि प्रदेश में आमजन में भय है और अपराधी बेख़ौफ़ है- सतीश पूनियां

राहुल गांधी बनते है कांग्रेस अध्यक्ष तो यह देश के लिए होगा मनोरंजन का विषय, गहलोत के राज में आमजन में भय एवं अपराधियों में बढ़ा विश्वास, शराब की दुकान और बार खोले जा सकते है तो आस्था का केन्द्र मंदिर क्यों नहीं - पूनियां

सतीश पूनियां
सतीश पूनियां

पॉलिटॉक्स न्यूज़/राजस्थान. प्रदेश भाजपा कार्यालय पर बुधवार को पूर्व प्रदेशाध्यक्ष स्व. मदनलाल सैनी की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित हुआ. इस कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनियां ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर सीधा हमला करते हुए कहा कि पहले प्रदेश में पुलिस के प्रति अपराधियों में भय और आमजन में विश्वास हुआ करता था, लेकिन अब आमजन में भय व्याप्त है और अपराधी खुलेआम आपराधिक कृत्य कर रहे हैं.

बुधवार सुबह हिंडौन विधायक भरोसीलाल जाटव पर अपराधियों द्वारा खुलेआम फायरिंग करने के मामले में सरकार को आड़े हाथों लेते हुए सतीश पूनियां ने कहा कि चाहे पुलिस का कमजोर होता विश्वास हो या प्रशासनिक कमजोरी हो इस समय प्रदेश में अपराधियों के हौंसले बुलंद हैं. पिछले डेढ़ साल में सरकार की अनेक विफलताओं में जो सबसे बड़ी विफलता है वह अपराध नियंत्रण में सरकार का कमजोर होना है. प्रदेश में पिछले कुछ समय में हैसियत वाले लोगों पर हमले कई बार हुए है. आज सरकार के ही किसी व्यक्ति पर इस तरह का हमला होना इससे यह बात तय है कि अपराधियों को इस बात का इल्म है कि कुछ भी करेंगे तो वह बच निकलेंगे और किसी न किसी रूप से इन अपराधियों को कोई ना कोई संरक्षण मिलता होगा. यह इसी बात का संकेत है कि अपराधी बेखौफ है ओर उन्हें किसी भी तरह का भय नहीं है.

सीडब्लूसी की बैठक में राहुल गांधी को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने की सीएम गहलोत द्वारा पैरवी किये जाने को लेकर पत्रकारों के सवाल पर पूनियां ने कहा कि राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने पर हमें खुशी होगी क्योंकि सामने वाली टीम का खिलाड़ी जिस तरीके से देश के लोगों का मनोरंजन करता है. कोरोना में स्वस्थ रहें मस्त रहें इसलिए राहुल गांधी अध्यक्ष बनते हैं तो देश का मनोरंजन करेंगे. सीएम गहलोत पहले सोनिया गांधी की चमचागिरी करते थे लेकिन अब जब उनकी कुर्सी के पाए हिलने लग गए है तो राहुल गांधी में उनको अपना भविष्य नज़र आता है. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये भी मुख्यमंत्री खड़े होकर बात करते है, यह उनकी गांधी परिवार के प्रति श्रद्धा कम चापलूसी अधिक प्रतीत होती है. सीएम अशोक गहलोत के लिए महाराणा प्रताप का शौर्य कोई मायने नहीं रखता है और नेहरू-गाँधी परिवार की मिजाजपुर्सी ज्यादा महत्वपूर्ण है.

पूनियां ने राजस्थान में 10वीं के पाठ्यक्रम से महाराणा प्रताप ओर चेतक के प्रसंग को हटाने पर कहा कि एक उजला इतिहास पढ़ाया जाये जिसमें शौर्य का, स्वाभिमान का जिक्र हो, कांग्रेस को शायद ये एडिक्शन है कि महापुरूषों का अपमान होगा तो शायद उनका वोट बैंक खुश होगा. कांग्रेस के तुष्टिकरण का यह नतीजा है कि अकबर को महान बताते हैं और महाराणा प्रताप का अपमान करते है. 10वीं के पाठ्यक्रम में महराणा प्रताप और चेतक के प्रसंग को हटाया जाना यह कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है. युवा पीढ़ी को वास्तविक इतिहास से रूबरू करवाया जाना चाहिए, लेकिन अफसोसजनक और शर्मनाक है कि कांग्रेस हमारे महापुरूषों को इतिहास की पुस्तकों में से मिटाने का प्रयास कर रही है.

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प्रदेश में बुधवार से खोले गए होटल-बार को लेकर सतीश पूनियां ने कहा की मन्दिर नहीं खुलना सरकार की अक्षमता का परिचायक है. मन्दिर आस्था का पहलू है जबकि बार से राजस्व जुड़ा है. मंदिर खोलने के लिए शायद सरकार मानसिक तौर पर तैयार नहीं है. शराब की दुकानों और बार में भी भीड़ होती है, ऐसे में सोशल डिस्टेन्सिंग के नियमों की धज्जियां उड़ती हैं. मन्दिर खोलने पर भी सरकार को सभी पक्षों को देखते हुए विचार करना चाहिए. कोरोना काल में प्रदेश के समस्त कार्यालय खुलने और सभी जगह सरकार के द्वारा लोगों को छूट दिये जाने के बाद भी धार्मिक स्थल नहीं खोलने का मामला राज्य सरकार की विफलता को सीधे तौर पर दर्शाता है, क्योंकि मन्दिरों में लोगों की आस्था अधिक है और शायद सरकार को यह पसंद नहीं है.

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