पॉलिटॉक्स ब्यूरो. AIMIM नेता वारिस पठान (Waris Pathan) ने गुलबर्गा में पार्टी अध्यक्ष और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी की मौजूदगी में भड़काऊ बयान दिया. उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘हम 15 करोड़ हैं लेकिन 100 करोड़ पर भारी हैं. याद रख लेना ये बात..आजादी लेनी पड़ेगी और जो चीज मांगने से नहीं मिलती उसे छीनना पड़ेगा’. आगे पठान ने कहा कि वो हमारी जुबान की आतिशबाजी का मुकाबला नहीं कर सकते. हमने ईंट का जवाब पत्थर से देना सीख लिया है, मगर अब इक्ट्ठा होकर चलना होगा. वारिस पठान की इस आग बरसाती तेजाब वाली जुबान पर अब जमकर बवाल हो रहा है. साथ ही पठान सोशल मीडिया पर भी पॉलुपर हो रहे हैं. करीब करीब हर तीसरे ट्वीट में वारिस पठान का वीडियो वायरल हो रहा है.
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यहां एक यूजर ने कहा कि हमारे देश में जयचंदो की कमी नहीं है. वहीं एक अन्य यूजर ने कहा कि उन्हें तो शांति का नोबेल पुरस्कार देने की हिमाकत करनी चाहिए.
वारिस पठान को सुनो, बचो मत, सुनो
एक एक शब्द
वारिस पठान सच बोल रहा हैं
वारिस पठान वो सच बोल रहा हैं जो हर और दिख रहा हैं, हर रोज हो रहा हैं
लेकिन हम सच सुनना नहीं चाहते, सच देखना नहीं चाहते, सच से भागना चाहते हैं pic.twitter.com/xnTI8vbqvr— Manohar Chandne (@MChandne) February 20, 2020
बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने ट्वीट करते हुए लिखा कि वारिस पठान वो सच बोल रहा हैं जो हर और दिख रहा हैं लेकिन हम सुनना नहीं चाहते और सच से भागना चाहते हैं.
वारिस पठान को सुनो, बचो मत, सुनो
एक एक शब्द
वारिस पठान सच बोल रहा हैं
वारिस पठान वो सच बोल रहा हैं जो हर और दिख रहा हैं, हर रोज हो रहा हैं
लेकिन हम सच सुनना नहीं चाहते, सच देखना नहीं चाहते, सच से भागना चाहते हैं https://t.co/0tOirp0k03
— Kapil Mishra (@KapilMishra_IND) February 20, 2020
जदूय नेता डॉ.अजय आलोक ने भी सोशल मीडिया के जरिए वारिस पठान पर हमला करते हुए उन्हें एनएसए में बंद करने की अपील की. आलोक ने कहा कि संविधान भी पागल कुत्तों को मारने से मना नहीं करता.
AIMIM के लोगों को बीमारी हो गयी हैं पहले अकबरुद्दीन अब वारिस पठान ,देश का साम्प्रदायिक माहौल कैसे ख़राब करे इसी की चिंता हैं । वैसे संविधान भी पागल कुत्तों को मारने से मना नहीं करता , राज्य और केंद्र सरकार से निवेदन हैं की ऐसे लोगों को अविलम्ब NSA में बंद करे @AmitShah https://t.co/q48ph2Jx9Z
— Dr Ajay Alok (@alok_ajay) February 20, 2020
वहीं एक सोशल मीडिया यूजर ने वारिस पठान का वीडियो वायरल करते हुए कहा कि किसी ने सही कहा है… हमारे देश में जयचंदो की कमी नहीं है.
https://twitter.com/SonuCha85251420/status/1230447001000529920?s=20
एक अन्य यूजर ने वारिस पठान को शांति का नोबेल पुरस्कार देने की की बात कहते हुए कहा कि हिमायत करना ही सच्ची गंगा-जमुनी तहज़ीब मानी जायेगी.
वारिस पठान चाहते तो लोगों को हथियार उठाने को भी कह सकते थे लेकिन वो शांति, अहिंसा, सभ्यता एवं सहअस्तित्व में विश्वास रखते हैं इसलिए सिर्फ ऐसे हल्के से डरा कर मामला ख़त्म कर रहे हैं। इन्हें शांति के नोबेल पुरुस्कार देने की हिमायत करना ही सच्ची गंगा-जमुनी तहज़ीब मानी जायेगी।
— THE SKIN DOCTOR (@theskindoctor13) February 20, 2020
ऐसी ही मिलती जुलती बात पवन पंडित ने भी कही. उन्होंने लिखा कि इससे ज्यादा शांति प्रिय और देशहित की बात हो ही नहीं सकती.
संविधान बचाने के इनके दो तरीके हैं, और दोनों इस्तेमाल हो रहे हैं
एक तरीके में शाहीन बाग में लोग दो महीने से ज्यादा सड़क पर प्रदर्शन कर रहे हैं
दूसरे वाले में वो वारिस पठान कह रहा है कि 100 करोड़ पर 15 करोड़ भारी है
इससे ज्यादा शांति प्रिय और देशहित की बात हो नहीं सकती।
— पवन चौबे (@Real_pawan1) February 20, 2020
एक यूजर ने चुटकी लेते हुए कहा कि अकबरुद्दीन ओवैसी ने करीब आठ साल पहले अपने एक भाषण में कहा था कि भारत में 15 करोड़ मुस्लिम हैं. अब 2020 में ओवैसी का नेता वारिस पठान भी यही कह रहा है. कोई मुझे बताएगा कि आखिर हो क्या रहा है.
https://twitter.com/RameshwarArya/status/1230183013109108736?s=20
वहीं एक अन्य यूजर ने कहा कि ख़ुदा से नहीं तो #SharjeelImam से डरो वारिस पठान.
ख़ुदा से नहीं तो #SharjeelImam से डरो वारिस पठान https://t.co/4wIj8E5euJ
— विकास प्रीतम सिन्हा (@VikashPreetam) February 20, 2020










