जीत का दावा करने वाले भाजपा के दिग्गज नहीं ढूंढ पा रहे हैं केजरीवाल का तोड़, अब कपिल मिश्रा पर दांव खेलने की तैयारी में भाजपा

कभी भी जारी हो सकती है भाजपा प्रत्याशियों की सूची, बीजेपी केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक आज, अरविंद केजरीवाल के नाम पर भाजपा में उधेडबुन जारी, नहीं मिल रहा केजरीवाल को टक्कर दे सकने वाला चेहरा

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पाॅलिटाॅक्स ब्यूरो. दिल्ली विधानसभा चुनाव से पूर्व हुए वोटर सर्वे में आम आदमी पार्टी को 70 में से 60 सीटें मिलने की चर्चा के बीच भाजपा के खेमे में केजरीवाल के नाम को लेकर चिंता साफ दिखाई दे रही है. दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी का सफाया और भाजपा की जीत का दावा करने वाले नेता अभी तक प्रत्याशियों के नाम की घोषणा नहीं कर पा रहे हैं. खासतौर पर बीजेपी के दिग्गज अरविंद केजरीवाल के सामने उतारने के लिए चेहरा ढूंढ रहे हैं जिसको लेकर माथापच्ची जारी है. बता दें, दिल्ली में 8 फरवरी को चुनाव होंगे और 11 फरवरी को परिणाम आएंगे.

यह अलग बात है कि काम के नाम पर वोट की बात करते हुए केजरीवाल ने दिल्ली की सभी सीटों के लिए अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर भाजपा और कांग्रेस से बाजी मारते हुए चुनावी ताल ठोक दी है. अब सभी की नजरें भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस के प्रत्याशियों की लिस्ट पर है. बीजेपी केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक आज है. माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद आज ही प्रत्याशियों का ऐलान किया जा सकता है और 17 जनवरी से प्रत्याशियों की नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. आप की सूची में मुख्यमंत्री केजरीवाल नई दिल्ली विधानसभा सीट से एक बार फिर से चुनाव लडेंगे. लेकिन नई दिल्ली सीट पर केजरीवाल के खिलाफ किसे उतारा जाए, इस पर भाजपा में जर्बदस्त मंथन और चिंतन चल रहा है.

भाजपा मेें चल रही चर्चा के अनुसार नई दिल्ली से कपिल मिश्रा को उतारा जा सकता है. कपिल मिश्रा कौन? कपिल मिश्रा केजरीवाल सरकार में मंत्री थे और अरविंद केजरीवाल ने 2018 में उनकी सरकार ही नहीं आम आदमी पार्टी से भी विदाई कर दी थी. यानि कपिल शर्मा को आप ने बहार का रास्ता दिखा दिया था. 2019 में कपिल मिश्रा ने भाजपा ज्वाइन करके मोदी सरकार का गुणगान शुरू कर दिया. यहां यह बात उल्लेखनीय है कि दिल्ली में हुए 2015 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी भाजपा ने केजरीवाल को मात देने के लिए पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी को अपना बडा चेहरा बनाया था लेकिन जब परिणाम आए तो खुद किरण बेदी बड़े अंतर से चुनाव हार गईं थीं.

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2015 के समय केजरीवाल के चेहरे के सामने भाजपा की दुविधा और चिंता दिखाई दी थी, वही दुविधा और चिंता 2020 के चुनाव में भी साफ नजर आ रही है.
अब केजरीवाल के सामने कपिल मिश्रा के नाम की चर्चा से साफ हो गया है कि भाजपा के पास केजरीवाल को कडी टक्कर दे सकने वाला कोई भी नेता नहीं है. हालांकि भाजपा खेमे में मनोज तिवारी को केजरीवाल के खिलाफ नई दिल्ली सीट से चुनाव लडाने की इच्छा रखने वाले नेताओं की भी कोई कमी नहीं है. खैर यह भाजपा के अंदरखाने की राजनीति की बात है.

दिल्ली भाजपा के अधिकांश कद्दावर नेताओं की नजर में कपिल मिश्रा केजरीवाल के सामने बिल्कुल फिट बैठ रहे हैं. इस चर्चा के बीच दो बातें साफ हो जाती है कि एक तो केजरीवाल के खिलाफ चुनाव लडाने के लिए भाजपा के पास कोई मजबूत चेहरा नहीं है, वहीं दूसरी बात इससे नई दिल्ली सीट के लिए भाजपा की गंभीरता भी साफ हो रही है. भाजपा खेमें में अभी तक भी अमित शाह के नेतृत्व में प्रत्याशियों के नामों पर आखिरी मंथन का दौर चल रहा है, जिन पर फाइनल मुहर आज होने वाली चुनाव समिति की बैठक में लग जाएगी. ऐसे में केजरीवाल की टक्कर में कपिल मिश्रा का नाम सामने आने के बाद भाजपा की स्थिति का आंकलन भी आसानी से किया जा सकता है.

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