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‘हां मैं रहती हूं भगवान भरोसे और सांवलिया जी के आशीर्वाद से आ रहा है हमारा समय’- वसुंधरा राजे

23 नवंबर 2021
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‘हां मैं रहती हूं भगवान भरोसे और सांवलिया जी के आशीर्वाद से आ रहा है हमारा समय’- वसुंधरा राजे

Politalks.News/Rajasthan. राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपनी ‘देवदर्शन‘ यात्रा को लेकर बड़ा बयान दिया है. मैडम राजे ने कहा कि, ‘देवदर्शन और अपने सहयोगियों के निधन पर संवेदना व्यक्त करने के कार्यक्रम को कुछ लोग राजनीतिक यात्रा बता कर भ्रम फैला रहे हैं, जबकि शोक व्यक्त करने का ये कार्यक्रम राजनीतिक यात्रा नहीं है. वे तो कोरोना के कारण चल बसे अपनों को श्रद्धा सुमन अर्पित करने और भगवान के दर्शन कर प्रदेश की ख़ुशहाली की कामना करने आई हैं’. मैडम राजे ने मंगलवार को चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया क़स्बे में भगवान सांवलिया जी के मंदिर में ढोक लगाकर कर अपनी यात्रा का आगाज किया और एक जनसभा … Read more

Politalks.News/Rajasthan. राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपनी ‘देवदर्शन‘ यात्रा को लेकर बड़ा बयान दिया है. मैडम राजे ने कहा कि, ‘देवदर्शन और अपने सहयोगियों के निधन पर संवेदना व्यक्त करने के कार्यक्रम को कुछ लोग राजनीतिक यात्रा बता कर भ्रम फैला रहे हैं, जबकि शोक व्यक्त करने का ये कार्यक्रम राजनीतिक यात्रा नहीं है. वे तो कोरोना के कारण चल बसे अपनों को श्रद्धा सुमन अर्पित करने और भगवान के दर्शन कर प्रदेश की ख़ुशहाली की कामना करने आई हैं’. मैडम राजे ने मंगलवार को चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया क़स्बे में भगवान सांवलिया जी के मंदिर में ढोक लगाकर कर अपनी यात्रा का आगाज किया और एक जनसभा को संबोधित करते हुए अपने विरोधियों को करारा जवाब दिया. इधर सांवलिया जी में जनसभा में उमड़ी भीड़ के कारण बनी अव्यवस्था के चलते मैडम राजे खुद नाराज हो गईं. वहीं लसाड़िया में मैडम राजे ने दिवंगत सिपहसालार गौतम लाल मीणा के परिवार के प्रण को पूरा कर लोगों का दिल जीत लिया.

‘मेरी बहू थी बीमार इसलिए नहीं आ पाई थी संवेदना जताने, ये यात्रा नहीं है राजनीतिक’
आपको बता दें कि मैडम राजे पिछले कुछ दिनों से फील्ड में नजर नहीं आ रही थीं, जिसको लेकर सियासी गलियारों में भी कई मायने निकाले जा रहे थे. इस पर आज मैडम राजे ने कहा कि, ‘मेरी बहू पिछले 10 महीनों से बीमार थी, लेकिन सांवलिया सेठ के आशीर्वाद से अब उनकी तबीयत में सुधार है. उनकी तबियत ख़राब होने के कारण कोविड में हुए हमारे सहयोगियों के निधन पर मैं संवेदना प्रकट करने नहीं आ सकी थी. इसलिए अब आई हूं. जिन-जिन का स्वर्गवास हुआ है उनके घर जा कर उन्हें श्रद्धांजलि दूंगी और जो रास्ते में जो धर्मस्थल आएंगे उनके दर्शन करूंगी. मेरा 4 दिनों का यह कार्यक्रम राजनीतिक नहीं है’.

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सबके साथ और विश्वास से हम फिर होंगे खड़े- मैडम राजे

आपको बता दें, राजस्थान कांग्रेस में जहां सुलह की बयार बह रही है, वहीं प्रदेश भाजपा गुटबाजी से जूझ रही है. उपचुनाव में करारी हार झेल रहे भाजपा नेताओं को बूस्ट करने के लिए मैडम राजे का दौरा संजीवनी साबित हो सकता है. भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे ने कहा है कि, ‘सबके साथ और विश्वास से हम फिर खड़े होंगे. साथ ही प्रदेश को विकसित कर सही जगह पहुंचाएंगे‘. मैडम राजे ने कहा कि, ‘सांवलिया सेठ से प्रार्थना है कि वे प्रदेश को ख़ुशहाल रखे और हम सब पर कृपा रखें कि आने वाला समय भाजपा, आपका और हमारा हो‘.

‘लोगों का प्यार और आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी दौलत ‘

मैडम राजे ने जनसभा में कहा कि, ‘लोगों का यही प्यार, यही आशीर्वाद और यही साथ ही हमारी सब से बड़ी दौलत है. इसके बिना हम अधूरे है. मेरी माता राजमाता साहब ने भी मुझे यही सिखाया है कि 36 की कौमों का साथ लेकर आगे बढ़ोगे तो कभी कोई दिक्कत नहीं आएगी, हर राह आसान हो जायेगी. हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का भी यही नारा है- सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास’.

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‘राजनीति पर नहीं धर्मनीति पर हूं चलती’

पूर्व सीएम मैडम राजे ने कहा कि, ‘वे शुरू से ही राजनीति में नहीं धर्म नीति में विश्वास करती है. कांग्रेस के लोग आरोप भी लगाते हैं कि ये तो भगवान भरोसे चलती है, हां मैं स्वीकार करती हूं कि मैं भगवान भरोसे ही हूं. मैं शुरू से ही राजनीति में नहीं धर्म नीति में विश्वास करती हूं’.

अपने कार्यकाल के काम गिनाए

मेवाड़ यात्रा के आगाज के मौके पर मैडम राजे ने श्रीसांवलियाजी में आयोजित एक आमसभा में कहा कि, ‘लोगों के प्यार, सहयोग व विश्वास से हम फिर खड़े होंगे और राजस्थान को विकसित कर सही जगह पहुंचाएंगे’. मैडम राजे ने कहा कि, ‘हमने मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए 550 करोड़ रुपये दिये थे. साथ ही विभिन्न महापुरुषों के 110 करोड़ की लागत से पैनोरमा बनवाए जिससे हमारी पीढ़ी को हमारा इतिहास याद रहे.

कन्हैया लाल का प्रण किया पूरा, मैडम राजे ने अपने हाथ से पहनाई पगड़ी

चित्तौड़गड़ से मैडम राजे उदयपुर जिले के लसाड़िया गांव पहुंचीं जहां उन्होंने पूर्व विधायक दिवंगत गौत्तम लाल मीणा को श्रद्धा सुमन अर्पित किए और मीणा के बड़े बेटे पूर्व प्रधान कन्हैया लाल मीणा को पगड़ी बंधवाई. यहां आपको बता दें कि, गौतम लाल मीणा के परिवार ने यह तय किया था कि पिता की पगड़ी बड़े बेटे कन्हैया जब ही पहनेंगे जब खुद वसुंधरा राजे उनके घर आकर पहनायेगी और आज ये रस्म मैडम राजे के हाथ से ही पूरी हुई. लसाड़िया में आज हुए इस आयोजन को लेकर चर्चा है कि अगर ये रस्म उपचुनाव से पहले हो गई होती तो आज उपचुनाव के परिणाम कुछ और ही होते. लसाडिया के बाद पूर्व सीएम मैडम राजे बांसवाड़ा ज़िले के अर्थुना गांव पहुंची जहां उन्होंने पूर्व मंत्री स्व.जीत मल खांट को श्रद्धाांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया.

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उमड़ी कार्यकर्ताओं की भीड़ , विरोधी खेमे ने बनाई दूरी

श्रीसांवलिया जी में हुई जनसभा के दौरानं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को देखने सुनने के लिए कार्यकर्ताओं और समर्थकों की इतनी भीड़ उमड़ी की अव्यवस्था फैल गई. खुद मैडम राजे ने इस पर नाराजगी जताई. मैडम राजे के आने पर हैलीपैड और बाद में जनसभा के मंच पर उनके स्वागत के लिए कार्यकर्ताओं की भीड़ उमड़ पड़ी. इधर, इस अवसर पर मैडम राजे के सिपहसालार सांसद चंद्र प्रकाश जोशी, पूर्व मंत्री श्रीचंद कृपलानी, विधायक अर्जुन लाल जीनगर, चंद्रभानसिंह एवं अशोक लाहोटी सहित कई विधायक और कार्यकर्ता मौजूद रहे. जबकि मैडम राजे के विरोधी गुट के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने मैडम राजे के इस दौरे से दूरी बनाई रखी.

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