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आजाद की सोनिया से मुलाकात मिटा पाएगी दूरियां? गांधी परिवार की खिलाफत से बचते दिखे G-23 के नेता

17 मार्च 2022
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आजाद की सोनिया से मुलाकात मिटा पाएगी दूरियां? गांधी परिवार की खिलाफत से बचते दिखे G-23 के नेता

Politalks.News/Congress G-23 Leaders. उत्तरप्रदेश (Uttar Pradesh) समेत 5 राज्यों में कांग्रेस की करारी हार के बाद से G-23 कहा जाने वाला पार्टी का असंतुष्ट खेमा काफी सक्रिय है. बुधवार को सीनियर लीडर गुलाम नबी आजाद (Gulam nabi azad) के घर पर 18 नेताओं की बैठक हुई, जिसमें कुछ लोग जी-23 का हिस्सा हैं, जबकि कई और नए नेता भी शामिल रहे. बैठक को लेकर कहा जा रहा था कि इसमें कांग्रेस (Congress) में बड़े बदलावों की मांग के साथ कुछ प्रस्ताव पारित हो सकते हैं, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है. नेताओं ने सामूहिक और समावेशी लीडरशिप (Collective and Inclusive Leadership) की मांग की है. सूत्रों की माने तो … Read more

Politalks.News/Congress G-23 Leaders. उत्तरप्रदेश (Uttar Pradesh) समेत 5 राज्यों में कांग्रेस की करारी हार के बाद से G-23 कहा जाने वाला पार्टी का असंतुष्ट खेमा काफी सक्रिय है. बुधवार को सीनियर लीडर गुलाम नबी आजाद (Gulam nabi azad) के घर पर 18 नेताओं की बैठक हुई, जिसमें कुछ लोग जी-23 का हिस्सा हैं, जबकि कई और नए नेता भी शामिल रहे. बैठक को लेकर कहा जा रहा था कि इसमें कांग्रेस (Congress) में बड़े बदलावों की मांग के साथ कुछ प्रस्ताव पारित हो सकते हैं, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है. नेताओं ने सामूहिक और समावेशी लीडरशिप (Collective and Inclusive Leadership) की मांग की है. सूत्रों की माने तो मीटिंग में गैर-गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बनाने या फिर संगठन चुनावों को लेकर कोई मांग नहीं की गई. लेटर पर गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा और विवेक तन्खा समेत 18 असंतुष्ट नेताओं ने साइन किए हैं. सूत्रों के मुताबिक गुलाम नबी आजाद गुरुवार को कांग्रेस के अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Congress interim president Sonia Gandhi) से मुलाकात करेंगे. इस दौरान राहुल और प्रियंका के भी मौजूद रहेंगे. आजाद से हाईकमान G-23 पर फाइनल बातचीत कर सकती हैं. यानि की बीच का कोई रास्ता निकाला जाना तय माना जा रहा है.

आजाद के घर जुटे दिग्गजों ने 2024 के लिए दिए अहम सुझाव
हालांकि इन नेताओं ने पार्टी को सुझाव दिया है कि कांग्रेस को उन दलों के साथ गठबंधन करना चाहिए, जो उसकी विचारधारा से सहमति रखते हैं. खासतौर पर 2024 के आम चुनाव के लिए यह सुझाव दिया गया है. इन नेताओं ने कहा कि, ‘कांग्रेस को कोशिश करनी चाहिए कि वह विपक्षी दलों के बीच अलग-थलग न पड़े. बयान में कहा गया कि, ‘हम मानते हैं कि कांग्रेस के आगे बढ़ना का एक ही तरीका है कि वह सामूहिक लीडरशिप के मॉडल को अपना ले. इसके अलावा हर स्तर पर निर्णय की प्रक्रिया हो. बयान में कहा गया कि, ‘भाजपा का मुकाबला करने और कांग्रेस को मजबूत करने के लिए हम मांग करते हैं कि कांग्रेस समान विचारधारा वाले दलों के साथ एक प्लेटफॉर्म पर आए. तभी 2024 के लिए एक बेहतर विकल्प दिया जा सकेगा’.

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आजाद आज सोनिया गांधी से करेंगे मुलाकात
सूत्रों की माने तो बैठक में हुई बातचीत को लेकर गुलाम नबी आजाद गुरुवार को कांग्रेस के अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे. इस दौरान राहुल और प्रियंका के भी मौजूद रहेंगे, आजाद से हाईकमान G-23 पर फाइनल बातचीत कर सकती हैं.

ये कोई G-23 की नहीं बल्कि फ्रेंडली मीटिंग थी- तन्खा
डिनर पार्टी से निकलने के बाद राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि, ‘मैं पहली बार नहीं आया हूं. ये कोई G-23 की नहीं, बल्कि फ्रेंड्ली मीटिंग थी’. बैठक से पहले शशि थरूर ने एक ट्वीट किया. थरूर ने लिखा कि, ‘मैं अपनी गलतियों से सीखता आया हूं. इसलिए अब एक और गलती करना चाहता हूं’. थरूर के इस बयान के सियासी गलियारों में मायने निकाले जा रहे हैं.

सिब्बल के घर होना था डिनर लेकिन अचानक बदला वेन्यू
गुलाब नबी आजाद के घर पर बीती रात 18 नेताओं की बैठक हुई. गांधी परिवार पर ही सीधा हमला करने वाले कपिल सिब्बल के अलावा आनंद शर्मा और पृथ्वीराज चव्हाण भी इस बैठक का हिस्सा थे. आपको बता दें कि सभी नेता जी-23 ग्रुप का हिस्सा रहे हैं, जिन्होंने दो साल पहले सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर बदलावों की मांग की थी. यही नहीं इस बार की बैठक में भूपिंदर सिंह हुड्डा, राज बब्बर, शंकर सिंह वाघेला और मणिशंकर अय्यर भी शामिल थे. दिलचस्प बात यह है कि केरल के बड़े नेता और पूर्व विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर भी इस मीटिंग में पहुंचे. वह दो साल पहले सोनिया को खत लिखने वाले नेताओं में शामिल थे, लेकिन तब से ही उससे दूरी बनाए हुए थे.

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गांधी परिवार के खिलाफ जाने से बचता दिखा ग्रुप!
सूत्रों की माने तो यह ग्रुप गांधी परिवार के खिलाफ जाने से भी बचता दिखा. इसका संकेत इस बात से मिलता है कि पहले यह मीटिंग कपिल सिब्बल के घर पर होनी तय हुई थी, लेकिन अंत समय में प्लान चेंज हो गया और सभी नेताओं का जमावड़ा गुलाम नबी आजाद के घर पर लगा. दरअसल एक इंटरव्यू में कपिल सिब्बल ने सीधा हमला गांधी फैमिली पर किया था. ऐसे में उनके घर पर मीटिंग को टाल दिया गया ताकि यह संदेश न जाए कि यह गुट गांधी परिवार के खिलाफ जा रहा है.

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