उद्दव ठाकरे की सेना पर फडणवीस की सर्जिकल स्ट्राइक, एक रात में पलटा सत्ता का पासा

Devendra Fadanvis Motabhai

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. लगता है उद्दव ठाकरे की गठबंधन की सेना के सैनिकों पर देवेंद्र फडणवीस ने आधी रात को सर्जिकल स्ट्राइक कर दी. इस सर्जिकल स्ट्राइल की फडणवीस की ओर से अगुवाई की एनसीपी के विधायक दल के नेता अजित पवार ने जिन्होंने अपनी ही पार्टी में तोड़ फोड करते हुए 54 विधायकों की समर्थन की चिट्ठी फडणवीस तक पहुंचा दी और इसी आधार पर शनिवार सुबह 5:47 बजे महाराष्ट्र से राष्ट्रपति शासन समाप्त करने की घोषणा हुई और सुबह 8:05 बजे राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की उपस्थिति में देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री और अजित पवार ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ग्रहण की. (Motabhai) हालांकि एनसीपी में वर्तमान हालात … Read more

राजनीति में फिर से साबित हुआ ‘मोदी है तो मुमकिन है’, रातों-रात बनी महाराष्ट्र में फडणवीस सरकार

Devendra4Maharashtra

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. महाराष्ट्र की राजनीति (Devendra4Maharashtra) में शुक्रवार की रात एक ऐसी रात रही जिसके लिए ‘भूचाल’ शब्द का इस्तेमाल किया जाए, वो भी कम होगा. शुक्रवार शाम तक शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस एक स्वर में कह रही थी कि प्रदेश में गठबंधन की सरकार बनेगी और उद्दव ठाकरे मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं. रात में सियासी चक्र उलटी दिशा में घूमा और सुबह 8:05 बजे देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने दूसरी बार राजभवन के एक बंद कमरे में मुख्यमंत्री और अजित पवार (Ajit Pawar) ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ले ली. गहरी नींद से जागी महाराष्ट्र की जनता, तीनों पार्टियों के नेताओं सहित एक-आध मीडिया को छोड़कर ज्यादातर … Read more

वीडियो खबर: शिवसेना को मिल रहे झटके पर झटके

PoliTalks news

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर नित नये मोड़ से सस्पेंस बढ़ता ही जा रहा है. आज से नया परिवर्तन जो आने वाला है वो यह कि अब तक महाराष्ट्र में सत्ता की राजनीति जो मुंबई में चल रही थी वो अब दिल्ली शिफ्ट हो गई है. एनसीपी प्रमुख शरद पवार से लेकर शिवेसना के खेवनहार संजय राउत तक सब दिल्ली आ गए हैं. शिवसेना को एनडीए से बाहर किए जाने से नाराज संजय राउत ने बीजेपी पर जबरदस्त हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली में बड़े-बड़े बादशाह आए ओर चले गए लेकिन लोकतंत्र कायम है. कोई भी अपने आप को भगवान समझने की कोशिश ना करे, जनता सबसे बड़ा भगवान है.

अब ममता बनर्जी ने साधा महाराष्ट्र के राज्यपाल पर निशाना, कहा – कुछ लोग बन गए हैं भाजपा के मुखपत्र

Mamata Banerjee

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. अपने राजनीतिक कटू वचनों के लिए जानी जाने वाली बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने बिना नाम लिए महाराष्ट्र और बंगाल के राज्यपाल की जमकर क्लास ली. बिना नाम लिए दोनों गवर्नर पर निशाने साधते हुए ममता ने कहा कि कुछ लोग ऐसे भी हैं जो भाजपा के मुखपत्र की तरह काम कर रहे हैं. ये नामित व्यक्ति अच्छा व्यवहार नहीं कर रहे, साथ ही समानान्तर सरकार चलाना चाहते हैं. ये निशाना बंगाल के राज्यपाल (Jagdeep Dhankad) और महाराष्ट्र के गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी पर था. ममता (Mamata Banerjee) ने कहा, ‘हमारे संविधान के अनुसार, संघीय ढांचे को काम करना चाहिए और उन्हें काम करने देना … Read more

महाराष्ट्र सरकार बनने से पहले बिगड़ी संजय राउत की तबीयत, सीने में दर्द की शिकायत के बाद हुए भर्ती

Sanjay Raut

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. महाराष्ट्र में जारी भारी घमासान के बीच शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस की सरकार बनते दिख रही है. इसी बीच शिवसेना के लिए एक बुरी खबर आयी है. शिवसेना की सरकार बनने में मुख्य सूत्रधार और शिवसेना के मुख पत्र ‘सामना’ के संपादक व राज्यसभा सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) की तबीयत अचानक खराब हो गयी. उन्हें सोमवार दोपहर सीने में दर्द की शिकायत के बाद मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जहां वरिष्ठ चिकित्सकों ने की देखरेख में उनका इलाज जारी है. महाराष्ट्र में भाजपा से गठबंधन तोड़ने और सरकार बनाने में एनसीपी को लाने में संजय राउत (Sanjay Raut) का अहम योगदान रहा है. इस बार राउत … Read more

वीडियो खबर: तेल थोड़ा कम पड़ गया

Maharashtra Shiv Sena BJP

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के परिणाम आते ही शिवसेना आक्रमक हो गयी है. भाजपा ने 101 और शिवसेना ने 60 सीटों पर कब्जा जमाया. इसके बाद ​शिवसेना प्रमुख उद्दव ठाकरे और पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने तीखे तेवर अपनाते हुए स्पष्ट तौर पर सरकार में 50-50 की भागीदारी की मांग की. इसके बाद शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ (Saamana) में एक लेख के जरिए बीजेपी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को घेरने की कोशिश की. इस लेख में शीर्षक लिखा ”तेल लगाए पहलवान बन अखाड़े में कूदे थे सीएम पर बूढ़े शरद पवार ने दिया पटक”.

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019 से जुड़ी कुछ रौचक और दिलचस्प जानकारी

Maharashtra

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. बीते गुरुवार को महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित किए गए, जिसमें महाराष्ट्र में भाजपा को 105 सीटों पर जीत मिली, शिवसेना को 56 सीटों पर, एनसीपी को 54 सीटों पर तो कांग्रेस को 44 सीटों पर जीत मिली. महाराष्ट्र में चुनाव परिणामों के बाद आये नतीजों का विश्लेषण करने पर कुछ रौचक और दिलचस्प जानकारी सामने आई है. दिल्ली की एक गैर लाभकारी संस्था पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च ने महाराष्ट्र में चुने गए विधायकों के प्रोफाइल के आंकडों का विश्लेषण किया है. जिसके तहत पिछले विधानसभा की तुलना में, कुछ दिलचस्प तथ्यों के खुलासे इस रिसर्च में सामने आये है. पीआरएस के रिर्सच के अनुसार सभी … Read more

महाराष्ट्र में आक्रामक हुई भाजपा-शिवसेना की ‘दवाब पॉलिटिक्स’

Maharashtra

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. महाराष्ट्र में शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी के सरकार गठन में कुर्सी को लेकर खींचतान जारी है. प्रदेश में सरकार बनाने का सबसे बड़ा दावेदार भाजपा-शिवसेना गठबंधन सत्ता की कुर्सी पर अपने अपने प्रतिनिधियों को बिठाने पर अड़ गया है. वैसे तो प्रदेश में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी लेकिन एकल बहुमत से दूर से गयी. 60 सीटों पर कब्जा कर शिवसेना भी ठाकरे परिवार के चश्मोचिराग आदित्य ठाकरे को आधे समय के लिए मुख्यमंत्री बनाने पर अड़ी हुई है. वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस बात से साफ इनकार कर दिया.

शिवसेना जहां सरकार में मुख्यमंत्री का पद चाहती है. वहीं भारतीय जनता पार्टी ने साफ किया है कि महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद देवेंद्र फडणवीस के पास ही रहेगा. इस मसले पर फडणवीस ने कहा कि हमारे पास सिर्फ प्लान एक है, प्लान बी और सी नहीं है.शिवसेना की मांगों पर मेरिट के आधार पर विचार किया जा रहा है. उन्होंने ये भी कहा कि शिवसेना के मुखपत्र सामना में जो भी छप रहा है, पार्टी उससे नाराज है. लेख में भाजपा के खिलाफ बहुत कुछ लिखा जा रहा है. उन्हें कांग्रेस और एनसीपी के बारे में भी सख्ती से लिखना चाहिए. फडणवीस ने कहा कि सीएम पद को लेकर 50-50 फॉर्मूले को लेकर कोई वादा नहीं हुआ. मैं ही मुख्यमंत्री बनूंगा, इसमें कोई शक नहीं.

बड़ी खबर: BJP ने बदले अपने सुर, शिवसेना के साथ मिलकर सरकार बनाने का फिर किया दावा

इधर शिवसेना ने अपने तेवर पहले से तीखे करते हुए हरियाणा में दुष्यंत चौटाला का उदाहरण देते हुए कहा, ‘महाराष्ट्र में कोई दुष्यंत नहीं है जिसके पिता जेल में है. हमारे पास भी विकल्प है.’ गौरतलब है कि हरियाणा में जेजेपी प्रमुख दुष्यंत चौटाला ने प्रदेश भाजपा को समर्थन देते हुए खट्टर सरकार बनाने में अहम रोल निभाया. शपथ ग्रहण वाले दिन पिछले 6 साल से जेल में बंद दुष्यंत चौटाला के पिता अजय सिंह चौटाला को मिली बेल को उनके भाजपा से हाथ मिलाने की शर्त के तौर पर देखा जा रहा है.

इस मसले में चौटाला परिवार का नाम घसीटने पर दुष्यंत चौटाला ने भी नाराजगी व्यक्त की. जेजेपी प्रमुख ने शिवसेना को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि मेरे पिता पिछले 6 साल से जेल में थे. तब शिवसेना को उनकी याद नहीं आयी. पार्टी के भाजपा को समर्थन देने को उनकी पेरोल से जोड़ना गलत है. पिता पर बयान अपमानजनक है.

बता दें, सरकार बनाने के लिए भाजपा को शिवसेना या फिर एनसीपी के सहयोग की आवश्यकता है. ऐसे में शिवसेना ने चुनाव परिणाम के मौके को भुनाते हुए आदित्य ठाकरे के मुख्यमंत्री पद में हिस्सेदारी की मांग तेज कर दी और किसी भी हालात में पीछे हटने को तैयार नहीं. भाजपा अकेले सरकार बना नहीं सकती और एनसीपी प्रमुख शरद पवार का नाम महाराष्ट्र कोपरेटिव बैंक घोटाले में घसीटने के बाद उनके पास जाने में हिचक रही है. ऐसे में शिवसेना कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाने का मौका ताड़ रही है. यही वजह है कि शिवसेना अपने मुख पत्र में शरद पवार और उनकी लीडरशिप की जमकर तारीफ कर रही है. साथ ही देवेंद्र फडणवीस और प्रदेश भाजपा को जमकर आड़े हाथ ले रही है.

वहीं शिवसेना के साथ सरकार बनाने में पेच फंसने पर भी बीजेपी बैकफुट पर आने को तैयार नहीं है. अब दोनों ही प्रमुख पार्टियां निर्दलीयों को भी अपने अपने पाले में लाने का जी तोड़ प्रयत्न कर रही हैं. ऐसा करके शिवसेना को बीजेपी ये संदेश देने की कोशिश में है कि वह इस चुनाव में किसी तरह से कमजोर नहीं हुई. बीजेपी के अनुसार, पार्टी को 15 निर्दलीयों का भी समर्थन मिला है और छोटे दलों के कुछ विधायक भी संपर्क में हैं. हाल में विनोद अग्रवाल और महेश बालदी सहित दोनों नव निर्वाचित विधायकों ने दो निर्दलीय विधायकों ने देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर अपना समर्थन जताया है. वहीं सोमवार को अहमदनगर जिले के नेवासा विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक शंकर राव गड़ाख ने सोमवार को पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर उन्हें समर्थन पत्र सौंपा. अब शिवसेना के पास 61 सीटों पर समर्थन है.

अब सारे तीन-पांच करने के बाद भी गौर करने वाली बात ये है कि 288 विधानसभा सीटों वाले महाराष्ट्र में सत्ता पाने के लिए किसी भी संगठन को 145 विधायकों का समर्थन हासिल होना जरूरी है. भाजपा के पास 103 विधायक हैं. शिवसेना के पास 60, एनसीपी के पास 56 और कांग्रेस के पास 44 विधायक हैं. निर्दलीय विधायकों की संख्या केवल 25 है. सभी विधायकों का समर्थन के बावजूद भाजपा बहुमत पाने में सक्षम नहीं है और न ही कांग्रेस-शिवसेना-निर्दलीय मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं. ऐसे में सत्ता की चाबी पूरी तरह से शरद पवार के पास आ गयी है. हालांकि पवार पहले ही ये स्पष्ट कर चुके हैं कि वे शिवसेना से गठबंधन की जगह विपक्ष में बैठना पसंद करेंगे लेकिन शिवसेना के बदले सुर और कांग्रेस का समर्थन मिलकर अगर शरद पवार को एलाइंस में शामिल कर लेते हैं तो लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने का सपना देख रहे देवेंद्र फडणवीस को सिर्फ यही कहना पड़ेगा ‘अंगुर खट्टे हैं’.

पूनियां ने बेनिवाल को दी नसीहत, कहा- बेनीवाल अपनी पार्टी चलाने में ध्यान दें तो बेहतर होगा, पायलट को दिया धन्यवाद

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. शनिवार को राजस्थान प्रदेश भाजपा मुख्यालय में दीपोत्सव कार्यक्रम मनाया गया. इस दौरान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने पत्रकारों सेबात करते हुए हनुमान बेनीवाल के ट्वीट पर कहा कि वे गठबंधन की मर्यादा का पालन करें. पूनियां ने कहा कि बेनीवाल को पहले भी समझाया गया था कि वे अपनी पार्टी चलाने में ध्यान दें तो बेहतर होगा. बेनीवाल हमारी पार्टी के नेताओं पर बयानबाजी करना बंद करे, उन्हें एक बार और समझाया जाएगा. प्रदेश में होने वाले निकाय चुनावों में हाईब्रीड फॉर्मूले के सवाल पर पूनियां ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ही हाइब्रिड है. सतीश पूनियां ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट हाईब्रीड फॉर्मूले का विरोध करने … Read more

भावनात्मक मुद्दों से लम्बे समय तक जनता को मूर्ख नहीं बनाया जा सकता, भाजपा को लेना चाहिए सबक- चुनाव परिणामों पर बोले पायलट

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान सहित देश के अन्य राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव परिणामों पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट (Sachin Pilot-Congress) ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) को इससे सबक लेना चाहिए कि भावनात्मक मुद्दों से लम्बे समय तक जनता को मूर्ख नहीं बनाया जा सकता. वहीं प्रदेश में हुए उपचुनावों परिणामों पर पायलट ने कहा कांग्रेस पार्टी का प्रदर्शन बहुत ही शानदार रहा. मंडावा में रीटा चौधरी (Rita Choudhary) को मिली भारी मतों से जीत को कार्यकर्ताओं और कांग्रेस सरकार की उपलब्धि बताया. साथ ही खींवसर में मिली हार के लिए पायलट ने कहा कि वहां पर हार का अंतर ना के बराबर था सरकार और संगठन ने जो मेहनत की है उसी का परिणाम है कि हरेंद्र मिर्धा को इतना बहुमत मिला लेकिन वो जीत में थोड़े से अंतर से वंचित रह गए.

राजस्थान विधानसभा उपचुनाव में मंडावा में मिली भारी जीत और खींवसर में बहुत कम मतों से हुई पराजय के परिणामों बाद शुक्रवार को पीसीसी चीफ व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot-Congress) प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय पहुंचे. पायलट ने पीसीसी कार्यालय में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को उपचुनाव में अच्छे प्रदर्शन के साथ दिवाली की शुभकामनाएं दी इस दौरान पीसीसी कार्यालय में कार्यरत सभी कर्मचारियों से भी पायलट ने मुलाकात की और दिवाली की शुभकामनांए दी.

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पायलट ने मंडावा-खींवसर उपचुनावों में कांग्रेस के अच्छे प्रदर्शन के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं का आभार जताते हुए कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने मिलजुल कर ताकतवर तरीके से यह चुनाव लडा जिससे माहौल कांग्रेस के पक्ष में रहा. पायलट ने कहा कि मैं पहले भी कहता आया हूं जब हम विपक्ष में थे तब भी सभी उपचुनाव हमने जीते थे. आज सत्ता में है तो सरकार के कामों पर मोहर लगी है. उपचुनावों में लगातार कांग्रेस पार्टी का प्रदर्शन पहले से अच्छा होता जा रहा है.

वहीं महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव परिणामों पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने कहा कि महाराष्ट्र और हरियाणा में जो चुनाव परिणाम आये है वो सभी आंकलनों से हटकर आये है जो लोगों ने कभी सोचा ही नहीं था. देश में कांग्रेस संगठन मजबूत है धरातल पर अच्छा काम कर रहा है. महाराष्ट्र में जनता कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन के साथ थी पर भविष्यवाणी करने वाले लोग साथ नहीं थे. हरियाणा और महाराष्ट्र में एनसीपी गठबंधन के साथ कांग्रेस लगभग सरकार बनाने की स्थिती में आ गयी थी पर थोडी कसर रह गयी. इन चुनावों में सत्ता में बैठी भाजपा ने स्थानीय मुददों की बात नहीं कि इसलिए जनता ने विपक्ष में बैठी पार्टियों को अपना आर्शीवाद दिया.

देश के मौजूदा आर्थिक हालातों पर केंद्र सरकार को घेरते हुए पायलट ने कहा कि आज जो हालात देश में बने हुुए है. देश में राज्यों में आर्थिक स्थिती जो बनी हुई है वो अनुकूल नहीं है. इसलिए सत्ताधारी दल के जो लोग दिल्ली में बैठे है उन्हे समझना पडेगा कि भावनात्मक मुददों को बहुत ज्यादा समय तक देश की जनता के सामने नहीं रख सकते. इसके साथ ही पायलट ने कहा कि जब वोट पडता है तो लोग नौकरी, अर्थव्यवस्था, मंहगाई के मुददों पर वोट करते है. इन दिनों देश का आर्थिक वातावरण नकारात्मक दिशा में जा रहा है और इसका जनता ने स्पष्ट संकेत दे दिया है. इन विधानसभा चुनावों से कांग्रेस को ताकत मिली है.

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देश में होने वाले दिल्ली, झारखंड, बिहार विधानसभा चुनावों पर बोलते हुए पायलट ने दावा किया कि- मुझे लगता नहीं है कि सत्ताधारी दल जो दिल्ली में है वो किसी भी राज्य में अपनी सरकार बना पायेगा. भाजपा को इन चुनावों के परिणाम के बाद बहुत बडा सबक लेना चाहिए और आत्मचिंतन करना चाहिए. आज देश में जो मुददे है दाल रोटी के, नौकरी के, अर्थव्यवस्था के, बैंक कालेप्स के ये सब एक बडा मिसमैनेजमेंट का संकेत करते हैं और ये बडा संकेत जनता के मतदाताओं ने अपने वोट के जरिये दे दिया है. भाजपा को जो घमंड था उस पर जनता ने उन्हें आइना दिखा दिया है.

सचिन पायलट (Sachin Pilot-Congress) ने पंचायतों के पुर्नगठन पर कहा कि बहुत जल्द प्रदेश में पंचायतों के पुर्नगठन कि प्रक्रिया को पूरा कर रिपोर्ट चुनाव आयोग को दे दी जायेगी. जिससे नयी वोटर लिस्ट पर काम शुरू हो सके. पंचायत चुनाव के जनवरी या फरवरी में होने के बात भी इस दौरान पायलट ने कही.