महाराष्ट्र: BJP ने बदले अपने सुर, शिवसेना के साथ मिलकर सरकार बनाने का फिर किया दावा

BJP विधायक दल के नेता बने देवेंद्र फडणवीस, भाषण में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे का अदा किया शुक्रिया, कहा - सहयोगी पार्टी की डिमांड को शीघ्र सुलझा लिया जाएगा

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Devendra Fadnavis
Devendra Fadnavis

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) को भाजपा विधायक दल का नेता चुन लिया गया है. बुधवार को हुई विधायक दल की बैठक के बाद अब स्पष्ट हो गया है कि प्रदेश में भाजपा में भाजपा की तरफ से मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ही होंगे. विधायक दल के नेता बनते ही फडणवीस ने अपने सुर नरम करते हुए कहा कि जनता अफवाहों पर ध्यान न दें, भाजपा शिवसेना के साथ मिलकर ही सरकार बनाएगी. फडणवीस ने कहा कि 2014 और 2019 में हमने फ्रंटफुट पर चुनाव लड़ा और जीता भी. जो भी अफवाहें हैं, उनपर ध्यान नहीं देना चाहिए. शिवसेना (Shiv Sena) की कुछ डिमांड हैं, उन्हें सुलझा लिया जाएगा.

देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने अपने भाषण में शिवसेना प्रमुख उद्दव ठाकरे का शुक्रिया भी अदा किया. भगवा पगड़ी बांध कर विधायक दल की बैठक में पहुंचे फडणवीस ने कहा कि वह पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह का शुक्रिया अदा करते हैं जिन्होंने मुझ जैसे छोटे से कार्यकर्ता पर लगातार दूसरी बार भरोसा जताया. भाजपा नेता ने कहा कि इस बार हमें कुछ निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन प्राप्त हुआ है, मैं उनका और अपनी अन्य सहयोगी पार्टियों का भी समर्थन देने के लिए आभार प्रकट करता हूं.

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इससे पहले महाराष्ट्र विधान भवन में बीजेपी के विधायक दल की बैठक में प्रदेश भाजपा के प्रमुख चंद्रकांत पाटिल और वरिष्ठ नेता सुधीर मुनगंटीवार ने देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) को विधायक दल का नेता चुने जाने का प्रस्ताव रखा जिसे सर्वमत से पारित किया गया. केंद्रीय आलाकमान की ओर से नरेंद्र सिंह तोमर और अविनाश राय खन्ना को पर्यवेक्षक बनाया गया है जो विधायक दल की बैठक में मौजूद रहे.

हाल में महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को 105 और शिवसेना को 56 सीटों पर विजयश्री हासिल हुई है. अगर दोनों की मिली जुली सरकार प्रदेश में बनती है तो 288 सीटों वाली विधानसभा में दोनों के पास 161 विधायक होंगे जो बहुमत के आंकड़े से काफी अधिक है. वहीं कांग्रेस को 44 और एनसीपी को 56 सीटें मिली. भाजपा को लगातार निर्दलीय विधायकों का समर्थन मिलता जा रहा है. साहूवाडी से जनसूर्या पार्टी के विधायक विनय कोरे, युवा स्वाभिमानी पार्टी के रवि राणा, मीरा-भयंडर से गीता जैन, बारसी से राजेंद्र राउत, उरान से महेश बाल्दी, गोंदिया से विनोद अग्रवाल अभी तक महाराष्ट्र बीजेपी को अपना समर्थन दे चुके हैं. वहीं अहमदनगर जिले के नेवासा विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक शंकर राव गड़ाख ने ठाकरे से मुलाकात कर उन्हें समर्थन पत्र सौंपा.

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बता दें, विधानसभा चुनाव के 24 अक्टूबर को परिणाम आने के बाद शिवसेना बागी तेवर अपनाते हुए सत्ता में 50-50 फीसदी की हिस्सेदारी की मांग पर अड़ गयी है. शिवसेना प्रमुख उद्दव ठाकरे (Uddav Thackeray) और पार्टी सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) को ढाई साल का सीएम बनाने और वादे को लिखित में देने को कहा है. वहीं देवेंद्र फडणवीस ने डिप्टी सीएम का पद आॅफर करते हुए कहा कि सीएम मैं ही बनूंगा. इस बीच दोनों पार्टियों ने अलग-अलग विकल्प होने की बात तक कह दी और निर्दलीय विधायकों को अपने पाले लाने की हौड़ में लग गए. लेकिन विधायक दल की बैठक में फडणवीस के नरम पड़ते सुर को देखने के बाद शिवसेना का रवैये का इंतजार हो रहा है. आज कल में सभी स्थितियां स्पष्ट होने की उम्मीद है.

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