Hanuman Beniwal I Rajasthan I Nagaur
प्रदेश की सियासत से जुड़ी बड़ी खबर, जयपुर जिले की मौजमाबाद तहसील के भैराणा (बिचून) स्थित श्री दादूपालकां भैराणा धाम को लेकर संत समाज में देखने को मिलबरहा गहरा आक्रोश, जहां पावन स्थल को औद्योगिक क्षेत्र में परिवर्तित करने के विरोध में आंदोलन हुआ तेज, वही मंगलवार को विभिन्न संतों ने नागौर आवास पर सांसद हनुमान बेनीवाल से मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत कराया, संतों की पीड़ा सुनते हुए सांसद हनुमान बेनीवाल ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा- संत-महापुरुषों की उपेक्षा किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है और सरकार का दायित्व है कि वह उनकी भावनाओं का सम्मान करे तथा संवाद स्थापित करे, वही सांसद बेनीवाल ने प्रदेश की आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा- यह भूमि सदियों से संतों और महात्माओं की तपोभूमि रही है, जहां से सत्य, अहिंसा और सेवा का संदेश पूरे समाज को मिला है, ऐसे में यदि संत समाज खुद को आहत महसूस कर रहा है तो यह गंभीर चिंता का विषय है, इसके साथ ही सांसद हनुमान बेनीवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा- वह इस आंदोलन में संत समाज के साथ मजबूती से खड़े हैं और उनकी आवाज को हर स्तर पर उठाएंगे, जिससे यह मुद्दा अब राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही स्तरों पर चर्चा का केंद्र बनता जा रहा है
प्रदेश की सियासत से जुड़ी बड़ी खबर, जयपुर जिले की मौजमाबाद तहसील के भैराणा (बिचून) स्थित श्री दादूपालकां भैराणा धाम को लेकर संत समाज में देखने को मिलबरहा गहरा आक्रोश, जहां पावन स्थल को औद्योगिक क्षेत्र में परिवर्तित करने के विरोध में आंदोलन हुआ तेज, वही मंगलवार को विभिन्न संतों ने नागौर आवास पर सांसद हनुमान बेनीवाल से मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत कराया, संतों की पीड़ा सुनते हुए सांसद हनुमान बेनीवाल ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा- संत-महापुरुषों की उपेक्षा किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है और सरकार का दायित्व है कि वह उनकी भावनाओं का सम्मान करे तथा संवाद स्थापित करे, वही सांसद बेनीवाल ने प्रदेश की आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा- यह भूमि सदियों से संतों और महात्माओं की तपोभूमि रही है, जहां से सत्य, अहिंसा और सेवा का संदेश पूरे समाज को मिला है, ऐसे में यदि संत समाज खुद को आहत महसूस कर रहा है तो यह गंभीर चिंता का विषय है, इसके साथ ही सांसद हनुमान बेनीवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा- वह इस आंदोलन में संत समाज के साथ मजबूती से खड़े हैं और उनकी आवाज को हर स्तर पर उठाएंगे, जिससे यह मुद्दा अब राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही स्तरों पर चर्चा का केंद्र बनता जा रहा है

