पिल्ली सुभाष चंद्र बोस की जीवनी | Pilli Subhash Chandra Bose Biography in Hindi

Pilli Subhash Chandra Bose Biography in Hindi – इस लेख में हम आपको पिल्ली सुभाष चंद्र बोस जीवनी, शिक्षा, परिवार, बच्चों और राजनीतिक करियर के बारे में बताएंगे.

पिल्ली सुभाष चंद्र बोस की जीवनी (Pilli Subhash Chandra Bose Biography in Hindi)

Pilli Subhash Chandra Bose Latest News –  पिल्ली सुभाष चंद्र बोस आंध्रप्रदेश के वरिष्ठ नेता हैं, कांग्रेस से अपनी राजनीतिक यात्रा आरंभ करने वाले पिल्ली राज्य सरकार में पहले कैबिनेट मंत्री और बाद में, उपमुख्यमंत्री भी रह चुके हैं. वे राज्य में तीन बार विधायक और एक बार विधान परिषद के सदस्य (एमएलसी) चुने जा चुके हैं. वर्तमान में, वे आंध्रप्रदेश से वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सांसद है. उच्च सदन में एक वरिष्ठ नेता होने के कारण उन्हें अब तक कई प्रमुख संसदीय समितियों का सदस्य भी बनाया जा चुका हैं.  इस लेख में हम आपको पिल्ली सुभाष चंद्र बोस जीवनी (Pilli Subhash Chandra Bose Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.

पिल्ली सुभाष चंद्र बोस जन्म और परिवार (Pilli Subhash Chandra Bose Birth & Family)

पिल्ली सुभाष चंद्र बोस (Pilli Subhash Chandra Bose) का जन्म 8 अगस्त 1950 को आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी स्थित हसनबाड़ा में हुआ था. उनके पिता का नाम सूर्यनारायण और माता का नाम मुत्यालम्मा था.

उनकी शादी 31 मई 1975 को सत्यनारायणम्मा से हुई. चुनाव में दिए गए हलफनामें के अनुसार उनकी पत्नी गृहिणी हैं. उनकी तीन संतान हैं, दो बेटा और एक बेटी. उनपर 0 आपराधिक मामलें दर्ज है.

पिल्ली सुभाष चंद्र बोस शिक्षा (Pilli Subhash Chandra Bose Education)

पिल्ली सुभाष चंद्र बोस ने वर्ष 1972 में आंध्र विश्वविद्यालय के वीएसएम कॉलेज, रामचंद्रपुरम से बी.एससी किया.

पिल्ली सुभाष चंद्र बोस राजनीतिक करियर (Pilli Subhash Chandra Bose Political Career)

पिल्ली सुभाष चंद्र बोस ने अपने राजनीतिक करियर का विकास कांग्रेस के साथ रह कर की. पहली बार वे वर्ष 1989 में कांग्रेस के टिकट पर आंध्र प्रदेश के रामचंद्रपुरम विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज की. पर बाद के दो लगातार चुनाव 1994 और 1999 में इसी सीट से हार गए. लेकिन उसके बाद फिर 2004 और 2009 के दो लगातार चुनाव में उनकी जीत हुई. इस तरह वे आंध्रप्रदेश से तीन बार विधायक चुने गए. वर्ष 2011 में उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए. विधानसभा सदस्य रहते हुए दल बदलने के कारण उन्हें अपनी सीट भी गवानी पड़ी थी. इसी कारण रामचंद्रपुरम सीट पर 2012 में उपचुनाव कराया गया और इसमें बोस ने भी भाग लिया पर इस बार उनकी पार्टी वाईएसआर कांग्रेस थी. उपचुनाव में उनकी हार हुई. उन्हें कांग्रेस के थोता त्रिमूर्ति ने पराजित किया. इसके बाद एक बार फिर उन्होंने 2014 में यही से भाग्य आजमाया पर फिर हार गए. इसके बाद फिर कभी भी उनकी यहाँ से जीत नहीं हुई. विधानसभा जाने के लिए उन्होंने विधान परिषद का सहारा लिया और वे 2015 में आंध्र प्रदेश के विधान परिषद के सदस्य चुने गए. इस पद पर वे इस सभा की समाप्ति तक यानि वर्ष 2020 तक रहे. 

वे आंध्र प्रदेश में कांग्रेस की शासन वाली सरकार में वर्ष 2007 से लेकर वर्ष 2009 तक समाज कल्याण मंत्री रह चुके हैं. वाईएस राजशेखर रेड्डी सरकार में दो बार जबकि पूर्व मुख्यमंत्री कोनिजेटी रोसैया के मंत्रिमंडल में एक बार मंत्री रह चुके हैं. इसी बीच 2011 में उन्होंने रामचंद्रपुरम से विधायक पद के साथ-साथ के. रोसैया के मंत्रिमंडल से भी इस्तीफा दे दिया और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए, जो वाईएस राजशेखर रेड्डी के पुत्र वाईएस जगनमोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली पार्टी है. 2019 में, वे वाईएस जगनमोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली कैबिनेट में आंध्र प्रदेश के पांच उप मुख्यमंत्रियों में से एक बने. उपमुख्यमंत्री रहते उनके पास राजस्व, पंजीकरण और स्टाम्प मंत्रालय का प्रभार था. बाद में, जब आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा आंध्र प्रदेश विधान परिषद को समाप्त करने का निर्णय लिया गया तब वाईएसआर कांग्रेस ने उन्हें राज्यसभा के लिए टिकट दे दिया और फिर इसी के बाद जून 2020 को वे वाईएसआर कांग्रेस पार्टी से आंध्र प्रदेश से राज्यसभा के लिए चुने गए. वर्तमान में वे इसी पद पर हैं. उनका यह कार्यकाल इसी वर्ष यानि जून 2026 में समाप्त होने वाला हैं.

राज्यसभा में सांसद बनने के बाद बोस समय-समय पर अलग-अलग समितियों के सदस्य बनाये गए. अब तक वे उद्योग समिति, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस समिति, विधि एवं न्याय मंत्रालय की सलाहकार समिति, अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति, रसायन और उर्वरक समिति के सदस्य, सदन समिति, व्यापार सलाहकार समिति, सामान्य प्रयोजन समिति और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य रह चुके हैं.

पिल्ली सुभाष चंद्र बोस संपत्ति (Pilli Subhash Chandra Bose Property)

2020 में राज्यसभा चुनाव में दाखिल किये गए घोषणापत्र के अनुसार पिल्ली सुभाष चंद्र बोस की कुल संपत्ति 32 लाख रूपये हैं, जबकि उनपर कोई कर्ज नहीं हैं.

इस लेख में हमने आपको पिल्ली सुभाष चंद्र बोस जीवनी (Pilli Subhash Chandra Bose Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.