PoliTalks News
बड़ी खबर

ममता का ‘मेगा भर्ती’ अभियान, दीदी की वरुण- मेनका सहित हिंदी बेल्ट के दिग्गज ‘नाराजों’ पर नजर

25 नवंबर 2021
साझा करें:
ममता का ‘मेगा भर्ती’ अभियान, दीदी की वरुण- मेनका सहित हिंदी बेल्ट के दिग्गज ‘नाराजों’ पर नजर

Politalks.News/Uttarpradesh. प. बंगाल की प्रचंड जीत के बाद ममता दीदी के हौसले सातवें आसमान पर है. TMC को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए ममता दीदी ने मेगा भर्ती अभियान छेड़ रखा है. अपने दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने कई नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कराया. उनमें कांग्रेस के पूर्व सांसद कीर्ति आजाद और राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले हरियाणा के अशोक तंवर जैसे दिग्गज शामिल हैं. TMC के रणनीतिकारों ने कांग्रेस से नाराज और निराश नेताओं को टारगेट कर रखा है. लेकिन अब कांग्रेस के बाद भाजपा के नाराज लोगों और बौद्धिक वर्ग के लोगों पर भी TMC की नजर है. चौंकाने वाली खबर और सियासी गलियारों … Read more

Politalks.News/Uttarpradesh. प. बंगाल की प्रचंड जीत के बाद ममता दीदी के हौसले सातवें आसमान पर है. TMC को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए ममता दीदी ने मेगा भर्ती अभियान छेड़ रखा है. अपने दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने कई नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कराया. उनमें कांग्रेस के पूर्व सांसद कीर्ति आजाद और राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले हरियाणा के अशोक तंवर जैसे दिग्गज शामिल हैं. TMC के रणनीतिकारों ने कांग्रेस से नाराज और निराश नेताओं को टारगेट कर रखा है. लेकिन अब कांग्रेस के बाद भाजपा के नाराज लोगों और बौद्धिक वर्ग के लोगों पर भी TMC की नजर है. चौंकाने वाली खबर और सियासी गलियारों में जिस बात की चर्चा जोरों पर है, क्या भाजपा सांसद वरुण गांधी और उनकी मां मेनका गांधी भी तृणमूल कांग्रेस में शामिल होंगे? हालांकि ये तो समय ही बताएगा. यह तय है कि हिंदी बेल्ट में उपस्थिति दर्ज करवाने के लिए TMC बेताब है.

वरुण और मेनका जाएंगीं दीदी के साथ!
देश के सियासी गलियारों में चर्चा है कि ममता बनर्जी के इस मेगा भर्ती अभियान की अगली कड़ी में ‘बड़ा धमाका’ होने की अटकलें हैं. सूत्रों का कहना है कि ममता दीदी वरुण गांधी को पार्टी में शामिल करा सकती हैं. जैसा की सभी को पता है कि वरुण गांधी पिछले काफी दिन से अपनी पार्टी भाजपा की लाइन से हटकर बयानबाजी कर रहे हैं. किसान आंदोलन में उन्होंने खुल कर किसानों का साथ दिया है. लखीमपुर खीरी की घटना के बाद वरुण ने अपनी ही पार्टी के सांसद और केंद्रीय मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोला. तीनों विवादित कानून वापस लेने की प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद भी वरुण ने कहा कि, ‘किसान आंदोलन इतने भर से खत्म नहीं होगा, एमएसपी का कानून भी बनाना होगा और आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों को मुआवजा भी देना होगा’.

यह भी पढ़ें- कैटरिना-कंगना और शराब पर बयान बने सुर्खियां, कुर्सी मिलते ही कांग्रेसी दिग्गजों की जुबान हुई ‘बेलगाम’

पार्टी लाइन से हटकर चलने के चलते हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी से विदाई!
सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा है कि, ‘पार्टी लाइन से अलग हटकर बयानबाजी के चलते ही और मुखर होते वरुण गांधी की भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी से विदाई हुई है. साथ ही वरुण की माताजी मेनका गांधी को भी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह नहीं दी गई है. किसान आंदोलन और लखीमपुर कांड को लेकर वरुण मोदी सरकार और गन्ना किसानों की समस्या को लेकर योगी सरकार पर लगातार हमले कर रहे हैं. गांधी ने योगी सरकार को पत्र लिखकर गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग की थी.

यह भी पढ़ें- राजभर के बयान से हुआ साफ़, ओवैसी BJP की नहीं सपा की है B टीम, अब होगी सांप्रदायिक नौटंकी- सिंह

कई और नेताओं को लेकर भी जारी हैं अटकलें
भाजपा की गांधी परिवार के बीच बढ़ती तल्खी के चलते उनका पार्टी में बने रहना मुश्किल लग रहा है. ये भी कहा जा रहा है कि उनको भी पता है कि तृणमूल कांग्रेस में फिलहाल कोई बहुत चमकदार भविष्य नहीं है लेकिन भाजपा के मौजूदा नेतृत्व के रहते तो भाजपा में भी कोई भविष्य नहीं है.TMC में शामिल होने वाले नेताओं भाजपा के सांसद वरुण गांधी के अलावा कांग्रेस के कई नेताओं के नामों की भी अटकलें हैं. दरअसल हिंदी इलाके में अपना विस्तार करने के प्रयास में लगीं ममता बनर्जी कुछ और हिंदी भाषी नेताओं के संपर्क में हैं.

संबंधित समाचार

महत्वपूर्ण खबरें

PoliTalks News - Authoritative News Portal