राजभर के बयान से हुआ साफ़, ओवैसी BJP की नहीं सपा की है B टीम, अब होगी सांप्रदायिक नौटंकी- सिंह

ओमप्रकाश राजभर के बयान पर सिद्धार्थ नाथ सिंह की कड़ी प्रतिक्रिया, सपा सहित विपक्ष को लिया आड़े हाथ- 'एक तरफ सपा सभी दलों को ला रही है अपने साथ तो उन्हें कांग्रेस को भी ले लेना चाहिए साथ क्योंकि उसमें अब नहीं बचा है कुछ भी'

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ओवैसी BJP की नहीं सपा की है B टीम
ओवैसी BJP की नहीं सपा की है B टीम
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Politalks.News/UttarPradesh. उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव (UttarPradesh Assembly Election) में अब कुछ ही महीनों का समय शेष है. चुनाव से पहले छोटे दलों का सपा के साथ जुड़ना लगातार जारी है. सपा (SP) के साथ गठबंधन कर चुके सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर (OmPrakash Rajbhar) ने ओवैसी (Asaduddin Owaisi) को लेकर बड़ा बयान दिया है. ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि ओवैसी चुनाव में अखिलेश (Akhilesh Yadav) के साथ आ सकते हैं. लेकिन उन्हें 100 सीटों पर लड़ने की डिमांड को छोड़ना होगा. ओम प्रकाश राजभर द्वारा असदुद्दीन ओवैसी और सपा के बीच गठबंधन को लेकर दिए गए बयान पर अब बीजेपी भड़क गई है. योगी (Yogi Adityanath) सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ सिंह (Sidharth Singh) ने कहा कि राजभर के बयान से अब यह स्पष्ट हो गया है कि ओवैसी बीजेपी (BJP) की बी टीम नहीं है बल्कि सपा की बी टीम है.

उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव सभी राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण है. बीजेपी जहां सत्ता में वापसी की पुरजोर कोशिश कर रही है तो वहीं सपा भी छोटे छोटे दलों के साथ गठबंधन कर आगे बढ़ रही है. हाल ही में साइकिल पर सवार हुई सुभासपा ने अपने पूर्व सहयोगी AIMIM को सपा के साथ लाने वाला बयान देकर सुर्ख़ियों में आ गए हैं. राजभर के इस बयान पर अब बीजेपी भी हमलावर है. योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि ‘आज जो सच था वह अब लोगों के सामने आ गया है. ओमप्रकाश राजभर के बयान से यह साबित हो गया है कि ओवैसी बीजेपी की बी टीम नहीं है बल्कि सपा की बी टीम है.’

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सिद्धार्थ नाथ सिंह ने आगे कहा कि ‘सपा और एआईएमआईएम व अन्य दल एक साथ मिलकर प्रदेश में सांप्रदायिकता का माहौल बना रहे हैं और असदुद्दीन ओवैसी तो सांप्रदायिकता फैलाने में इन सबसे ज्यादा माहिर है.’ सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा है कि’ यूपी चुनाव में जितनी सांप्रदायिक नौटंकी कर सकते हैं उतनी ज्यादा ओवैसी करेंगे, उससे जो लाभ है वह समाजवादी पार्टी को मिलेगा और अब इसी दिशा में आगे काम हो रहा है.’ उन्होंने कहा है कि ‘अब सच सामने है और जनता ही इस मामले में कोई फैसला करेगी.’

वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव से आप नेता संजय सिंह से हुई मुलाकात पर तंज कसते हुए सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि ‘अब सभी विपक्षी दल यह अच्छी तरह से जान चुके हैं कि बीजेपी को हराना नामुमकिन है. इससे पहले भी विपक्षी दलों ने भाजपा को हराने की पुरजोर कोशिश की थी लेकिन उनकी हर कोशिश नाकाम रही. पिछले आम चुनाव में बीजेपी के खिलाफ बबुआ और बुआ पहले भी गठबंधन कर चुके हैं.’ इसके साथ ही साथ यूपी में दो लड़कों के बीच हुए गठबंधन को भी जनता नकार चुकी है. अब क्या होगा ये आप सब अच्छी तरह जानते हो.’ सिद्धार्थ नाथ सिंह ने आगे कहा कि ‘सभी विपक्षी पार्टियां एक साथ मिलकर भारतीय जनता पार्टी से लड़ना चाहती है लेकिन वह उसे हरा नहीं पायेगी.’

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विपक्षी दलों को चुनौती देते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि ‘जहां एक तरफ सपा सभी दलों को अपने साथ ला रही है तो फिर कांग्रेस को क्यों छोड़ रहे हैं? उन्हें कांग्रेस को भी साथ ले लेना चाहिए क्योंकि कांग्रेस में अब वैसे भी कुछ बचा नहीं है. और सभी पार्टियों को मिलकर भाजपा से मुकाबला करना चाहिए. लेकिन मैं यह साफ कर दूँ कि सभी विपक्षी पार्टियां अगर एक साथ भी आ जाएगी तो भी भाजपा के विजय रथ को रोक नहीं पाएगी.’ सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि ‘2022 के विधानसभा चुनाव में 60 फीसदी वोट लेकर भाजपा सरकार बनाएगी, जबकि 40 फ़ीसदी वोटों में विपक्ष के दलों में ही बंटवारा होगा.’

सिद्धार्थ नाथ सिंह का यह बयान सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के बयान के बाद आया. ओमप्रकाश राजभर ने कहा था कि ‘ओवैसी चुनाव में अखिलेश के साथ आ सकते हैं. लेकिन उन्हें 100 सीटों पर लड़ने की डिमांड को छोड़ना होगा. हमने कहा कि 100 सीट मत मांगिए, कोई नहीं देगा. 10 सीट पर लड़ना है तो बताइए फिर बात करें.’

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