हत्या के आरोप में मंत्री पद से हटा ये राजस्थानी देता है चन्नी को आदेश- हरीश चौधरी पर भड़के कैप्टन

पंजाब राजनीति का पंगा, कैप्टन और चौधरी आमने सामने, चौधरी ने कैप्टन के भाजपा और मोदी से मिले होने के लगाया आरोप तो कैप्टन बोले ये राजस्थान चला रहा है चन्नी सरकार, हत्या के आरोप में हटाया गया है मंत्री पद से, पत्नी को कांग्रेस द्वारा जारी नोटिस पर भड़के कैप्टन

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हत्या के आरोप में मंत्री पद से हटा है ये...
हत्या के आरोप में मंत्री पद से हटा है ये...
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Politalks.News/Punjab. पंजाब (Punjab) की सियासत में इन दिनों वार-पलटवार का दौर अपने चरम पर है. सूबे के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjeet Singh Channi) आप पार्टी और अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) पर हमलावर हैं. तो वहीं नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) विपक्ष के साथ अपनी सरकार पर सवाल उठाने से पीछे नहीं हट रहे हैं. लेकिन पंजाब की सियासी बयानबाजी का दौर यहीं पर ख़त्म नहीं होता. अब एक नई जंग छिड़ गई है. पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Amrinder Singh) ने अब पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी (Harish Choudhary) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.

आपको बता दें, हरीश चौधरी ने हाल ही में मुख्यमंत्री रहते हुए कैप्टन के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के साथ मिले होने की बात कही थी. इस पर पलटवार करते हुए कैप्टन ने कहा कि, ‘राजस्थान में एक हत्या के मामले में आरोप लगने के कारण मंत्री पद से हटाए गए विधायक को सफाई देने के लिए बाध्य नहीं हूं मैं‘. इससे पहले कैप्टन सीएम गहलोत के लिए कहा था कि, ‘आलाकमान का अगला निशाना गहलोत होंगे‘. अब चौधरी और कैप्टन की ये बयानबाजी पंजाब की राजनीति को गर्मा रही है.

दरअसल, पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी ने हाल ही में एक पत्रकार वार्ता के दौरान कैप्टन अमरिंदर सिंह पर निशाना साधा था. प्रभारी हरीश चौधरी ने किसान आंदोलन के मुद्दे पर मीडिया से बात करते हुए कहा था कि, ‘मुख्यमंत्री रहते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी से मिले हुए थे. उसी के कारण देश के किसानों के खिलाफ तीनों कृषि कानून लाये गए‘. अब हरीश चौधरी के इस बयान पर पलटवार करते हुए कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि, ‘यदि मेरी बीजेपी के साथ मिलीभगत होती तो मैं कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन का समर्थन नहीं करता.’

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अमरिंदर सिंह ने आगे कहा कि, ‘हरीश चौधरी के सवाल बिल्कुल बेबुनियाद हैं. अगर मैं बीजेपी के साथ मिला होता तो फिर मैं विधानसभा में कानून रद्द करने का प्रस्ताव पारित नहीं करवाता.’ कैप्टन अमरिंदर सिंह ने चौधरी पर निजी हमला बोलते हुए कहा कि ‘वह राजस्थान में एक हत्या के मामले में आरोप लगने के कारण मंत्री पद से हटाए गए विधायक को सफाई देने के लिए बाध्य नहीं हैं.’ कैप्टन ने हरीश चौधरी को चंडीगढ़ में मंत्रियों को दिया जाने वाला बंगला मिलने पर भी ऐतराज जताया. कैप्टन ने सवाल पूछा कि, ‘आखिर यहां उनकी रिहायश का खर्च कौन उठा रहा है?’.

वहीं हरीश चौधरी ने कैप्टन की पत्नी परनीत कौर के पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए नोटिस भी जारी किया था. परनीत कौर को पार्टी ने एक सप्ताह के अंदर जवाब देने के लिए कहा है. इस पर पलटवार करते हुए कैप्टन ने कहा कि ‘आप मुझे बताएं कि कांग्रेस से जुड़ने के लिए कितने लोगों ने आम आदमी पार्टी छोड़ी है. लेकिन कांग्रेस में ऐसे कई लोग हैं. परनीत ने पार्टी व्हिप का उल्लंघन नहीं किया है. फिर ऐसे नोटिस का क्या मतलब बनता है.’ कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि, ‘हरीश चौधरी खुद संवैधानिक मर्यादा का उल्लंघन कर रहे हैं. वह पंजाब सरकारी की कैबिनेट मीटिंग में बैठते हैं. मैंने ऐसे कई वीडियोज देखे हैं, जिसमें मीटिंग्स के दौरान वह चन्नी को आदेश देते नजर आते हैं. वह चन्नी को आदेश देते हैं और पूरे पंजाब को चला रहे हैं.’

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आपको बता दें, कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जब से कांग्रेस का दामन छोड़ा है, तभी से कांग्रेस के खिलाफ अमरिंदर एक के बाद एक बड़े बयान देकर सुर्खियां बटोर रहे हैं. अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस आलाकमान पर सीधा निशाना साधा है तो वहीं राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार पर समय समय सवाल उठाये हैं. कैप्टन अमरिंदर द्वारा दिए गए हालिया बयान में उन्होंने कहा था कि ‘राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कांग्रेस का अगला निशाना होंगे, क्योंकि कांग्रेस पार्टी मजबूत मुख्यमंत्रियों को बिलकुल पसंद नहीं करती है‘.

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