2003 व 13 के बाद अब 23 का सियासी शंखनाद, कल से मैडम राजे की ‘देव दर्शन यात्रा’ की शुरुआत

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का चुनावी शंखनाद, मेवाड़ और अजमेर संभाग में अगले चार दिन गरमाएगा सियासी तापमान, देवदर्शन के साथ मैडम राजे जताएंगी संवेदना भी, पुराने खास सिपहसालारों ने संभाला मोर्चा, विरोधियों को दिखाएंगी 'धरातल' तो उपचुनाव की हार से निराश कार्यकर्ताओं को मिलेगा एनर्जी बूस्टअप और संजीवनी

0
अगले चार दिन राजेस्थान
अगले चार दिन राजेस्थान
Advertisement2

Politalks.News/Rajasthan. राजस्थान में कांग्रेस की गहलोत सरकार में किए गए भारी फेरबदल के बाद अब बात की जाए प्रदेश भाजपा की, तो उपचुनाव की हार के बाद बीजेपी में भी एक अलग तरह का माहौल बनने लगा है. इसी बीच 2003 में ‘परिवर्तन यात्रा‘ और 2013 में ‘सुराज संकल्प यात्रा‘ से सत्ता प्राप्त कर चुकीं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे एक बार फिर कल से ‘देव दर्शन यात्रा‘ शुरु करने जा रही हैं. कहने को तो यह मैडम राजे का एक धार्मिक दौरा है, लेकिन राजनीति के जानकार इसे मैडम राजे की इस ‘सियासी शंखनाद यात्रा‘ मानकर चल रहे हैं. इस यात्रा के जरिए मैडम राजे अपने विरोधियों को सियासी धरातल दिखाना चाहती हैं. इससे पहले की सभी यात्राएं मेवाड़ से शुरू करने वालीं मैडम राजे इस बार भी अपनी यात्रा की शुरुआत मेवाड़ से ही करने वालीं हैं.

आपको बता दें, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे 23 से 26 नवम्बर तक मेवाड़ और अजमेर संभाग में देव दर्शन यात्रा करेंगी. इसके साथ ही यात्रा के दौरान मैडम राजे भाजपा के दिवंगत विधायकों और कार्यकर्ताओं के परिवारों से मुलाकात कर संवेदना भी जताएंगी. मेवाड़ की धरा से मैडम राजे अगले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी प्रभाव और शक्ति का प्रदर्शन करेंगी. इस यात्रा को लेकर मैडम राजे के खास सिपहसालार और समर्थक दिवाली पहले से ही तैयारियों में जुटे हुए हैं. यहां यह भी बता दें कि अबकी बार राजस्थान में बीजेपी की तरफ से मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा, यह तस्वीर अभी साफ नहीं है, लेकिन राजनीति के गूढ़ जानकारों का मानना है कि पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के चेहरे को आगे किए बिना भाजपा की सत्ता में वापसी नामुमकिन है.

यह भी पढ़ें- गहलोत सरकार गिरने का दावा करने वाली बीजेपी के हाथ लगी मायूसी, लेकिन बयानों की रस्मअदायगी जारी

वहीं दूसरी ओर आपको बता दें, राजस्थान में सियासी कहावत है कि जिसने मेवाड़ जीत लिया उसकी राजस्थान फतह तय है. मैडम वसुंधरा राजे भी इस बात को अच्छे से जानती हैं. इसलिए मैडम राजे ने इस बार भी मिशन 2023 का शंखनाद मेवाड़ से करना तय किया है. पहले भी मैडम राजे चारभुजा जी के दर्शन कर चुनावी शंखनाद कर चुकी हैं. देवदर्शन मैडम राजे का चिर-परिचित अंदाज है, जिससे उनका चुनावी शंखनाद होता है. साल 2018 विधानसभा चुनाव से पहले भी राजे ने मेवाड़ से गौरव यात्रा शुरु की थी. सियासी जानकारों का कहना है कि इसके साथ ही मैडम राजे राजस्थान में चुनाव मोड में आ जाएंगी और इसके बाद अलग-अलग यात्राएं करेंगी.

अब आपको एक खास संयोग बताते हैं, मैडम राजे इससे पहले 2003 और 2013 में सियासी यात्राएं कर सत्ता में काबिज हो चुकी हैं. ऐसे में 2003 व 2013 के बाद अब 2023 में यानि 3-13-23 का संयोग बनाने के लिए मैडम राजे ने कमर कस ली है. वहीं यह भी जान लें कि हाल फिलहाल बीजेपी की स्थिति ऐसी नहीं है कि वो चुनाव आसानी से जीत सकती है और यही कारण है कि मैडम वसुंधरा राजे पूरा जोर इस चुनाव में लगा देना चाहती हैं. यहां पर ध्यान देने वाली बात ये है कि उनकी यह तीसरी यात्रा होगी जब भाजपा को सत्ता में काबिज करवाने का संकल्प मैडम राजे ले रहीं हैं. आपको बता दें कि 2003 में मैडम राजे ने ‘परिवर्तन यात्रा‘ की थी. इस यात्रा के कारण ही उस समय के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 120 सीटें मिली थी और मैडम वसुंधरा राजे राज्य में सरकार बनाने में कामयाब हो पायी थीं. इसके बाद 2013 में ‘सुराज संकल्प यात्रा‘ की थी और उस समय बीजेपी ने 163 सीटें जीतने में कामयाबी हासिल की थी. 200 विधायक वाली राजस्थान विधानसभा में एक पार्टी द्वारा इतना ज्यादा सीट में विजय प्राप्त कबीले तारीफ इतिहास बन गया. पिछली दो यात्राओं ने मैडम राजे को राजस्थान की सत्ता के सिंहासन पर पहुंचाया था. लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब यह है कि क्या तीसरी बार भी ये यात्रा उनके लिए लकी साबित होगी?

ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं कि समस्या ये है कि पिछली यात्राओं यानी 2003 और 2013 में जहां बीजेपी विपक्ष में थी सत्ता विरोधी लहर कांग्रेस के खिलाफ थी. वही उसके उलट इस बार राजस्थान में सरकार के खिलाफ अब तक ऐसा कोई माहौल बन नहीं पाया है. उपचुनाव में लगातार कांग्रेस अच्छे से अच्छा प्रदर्शन कर रही है. सियासी जानकारों का मानना है की भाजपा की गुटबाजी अब तक पार्टी की लुटिया डूबोती रही है. अब इस गुटबाजी को मैडम राजे और भाजपा आलाकमान किस तरीके से संभालते हैं ये देखने वाली बात होगी.

मैडम राजे की यह देवदर्शन और शोक संवेदना जताने वाली यात्रा उस समय हो रही है जब कांग्रेस में सियासी कलह खत्म होने की संभावना जताई जा रही है और वहीं मेवाड़ की दो विधानसभा सीटों वल्लभनगर और धरियावाद में हुए उपचुनाव में मिली करारी हार से बीजेपी अभी उबर नहीं पाई है. धौलपुर में पंचायतीराज के चुनाव में भी बीजेपी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है. इसलिए ऐसा माना जा रहा है कि इस समय में मैडम राजे का यह दौरा भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए एनर्जी बूस्टअप और संजीवनी देने का काम करेगा.

यह भी पढ़ें- ‘मंत्री बनने के लिए कौनसी विशेष योग्यता की आवश्यकता होती है?’- विधायकों की नाराजगी आई सामने

सिपहसालारों ने संभाला मोर्चा
मैडम राजे के इस दौरे की तैयारियां दिवाली से पहले से चल रही थीं. मैडम राजे के खास सिपहसालार पूर्व मंत्री यूनुस खान, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, राजपाल सिंह शेखावत, हरिसिंह और नाथूलाल गुर्जर ने इस यात्रा की तैयारी एक महिने पहले ही कर दी थी.

मेवाड़ यात्रा- सुबह सांवरिया दर्शन, शाम को त्रिपुरा सुंदरी

23 नवंबर से 26 नवंबर के दौरान देवदर्शन यात्रा के दौरान मैडम राजे का कार्यक्रम इस प्रकार रहने वाला है कि, 23 नवंबर को चित्तौड़गढ़ के सांवरिया जी मंदिर के दर्शन कर मैडम राजे अपने दौरे का आगाज करेंगी. इसके बाद मैडम राजे प्रतापगढ़ के लसाड़िया में धरियावद के दिवंगत विधायक गौतम मीणा के घर जाएंगी. यहां से बांसवाड़ा के अरथूना में पूर्व राज्यमंत्री दिवंगत जीतमल खांट के घर और बांसवाड़ा में भवानी जोशी के घर जाकर शोक जताने का कार्यक्रम हैं. शाम को मैडम राजे त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में दर्शन करेंगी. साथ ही रात को त्रिपुरा सुंदरी मंदिर गेस्ट हाउस में ही ठहरने का कार्यक्रम है.

जनप्रतिनिधियों के घर संवेदना, चारभुजा-द्वारकेश-एकलिंग नाथ दर्शन
24 नवंबर को मैडम राजे उदयपुर के झाड़ोल में मावली विधायक धर्मनारायण जोशी के भाई के निधन पर उनके घर शोक संवेदना जताने जाएंगी. उदयपुर में राजसमंद से दिवंगत विधायक किरण माहेश्वरी के घर जाने का कार्यक्रम हैं यहां वे विधायक दीप्ति माहेश्वरी से मुलाकात करेंगी. यहां से मैडम राजे का चारभुजानाथ मंदिर, द्वारकेश मंदिर, एकलिंग मंदिर में दर्शन कर नाथद्वारा पहुंचने का कार्यक्रम है.

यह भी पढ़ें- पायलट खुश, गुटबाजी को नकार बोले-फिर बनेगी कांग्रेस की सरकार, बड़ा सवाल- क्या होंगे 2023 में चेहरा?

श्रीनाथजी मंदिर दर्शन कर आचार्य महाश्रमण की शरण
25 नवंबर को मैडम राजे नाथद्वारा में श्रीनाथजी मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगी. यहां से मैडम राजे चित्तौड़गढ़ के बेगूं में आचार्य महाश्रमण जी के दर्शन तक विभिन्न विषयों पर चर्चा करेंगी. यहां से मैडम राजे पूर्व मंत्री रहे दिवंगत चुन्नीलाल धाकड़ के घर संवेदना जताने जाएंगी. मैडम राजे का यहां से भीलवाड़ा के जहाजपुर जाने का कार्यक्रम है. यहां वे गोवर्धनपुरा में करेड़ा के पूर्व मंडल अध्यक्ष दिवंगत नाथूलाल गुर्जर की मूर्ति का अनावरण करेंगी. यहीं पर उनके रात्रि विश्राम का कार्यक्रम है.

श्नी निम्बार्क पीठ और पुष्कर ब्रह्माजी मंदिर में लगाएंगी ढोक
26 नवम्बर को मैडम राजे अजमेर के सलेमाबाद में श्री नीम्बार्क पीठ में पूजा अर्चना करेंगी. यहां से वे पुष्कर जाएंगी और सरोवर, ब्रह्मा जी मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगी यहां से मैडम राजे का जयपुर लौटने का कार्यक्रम है.

Leave a Reply