गौतम देब की जीवनी | Goutam Deb Biography in Hindi

Goutam Deb Biography in Hindi – इस लेख में हम आपको गौतम देब की जीवनी, शिक्षा, परिवार, बच्चों और राजनीतिक करियर के बारे में बताएंगे.

Goutam Deb Latest News –  गौतम देब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बड़े नेता माने जाते है. छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक करियर की नींव रखने वाले देब, ममता बनर्जी के भरोसेमंद सिपाहियों में से एक हैं. समूचे उत्तर बंगाल में टीएमसी की नींव को मजबूती देने में देब सबसे आगे माने जाते है. वे राज्य सरकार में विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री भी रह चुके है. वे बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के अंतर्गत आने वाली ‘डबग्राम-फुलबारी विधानसभा सीट’ से दो बार विजयी रहे है, हालांकि पिछले बार के चुनाव में उन्हें भाजपा की शिखा चटर्जी से भारी मतों से हार मिली थी. अब इस बार के बंगाल चुनाव में वे फिर से अपना भाग्य आजमा रहे है. इस लेख में हम आपको गौतम देब की जीवनी (Goutam Deb Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.

गौतम देब की जीवनी (Goutam Deb Biography in Hindi)

पूरा नामगौतम देब
उम्र69 साल
जन्म तारीख06 जनवरी 1957
जन्म स्थानसिलीगुड़ी, पश्चिम बंगाल
शिक्षाएलएलबी
कॉलेजकलकत्ता विश्वविद्यालय
वर्तमान पद
व्यवसायवकील, राजनीतिक
राजनीतिक दलतृणमूल कांग्रेस (टीएमसी)
वैवाहिक स्थितिविवाहित
पिता का नामस्वर्गीय तेजेंद्र बिनोद देब
माता का नाम
पत्नी का नामश्रीमती शुक्ला देब
बेटें का नामश्रेया देब
बेटी का नामशाश्वत देब
स्थाई पता145, बिपिन पाल सारणी, कॉलेज पारा, सिलीगुड़ी
वर्तमान पता
फोन नंबर+91 99320 99320
ईमेलinfo@gautamdeb.com

गौतम देब का जन्म और परिवार (Goutam Deb Birth & Family)

गौतम देब का जन्म 6 जनवरी 1957 को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी जिले में हुआ था. उनके पिता का नाम स्वर्गीय तेजेंद्र बिनोद देब है, जो एक सरकारी वकील थे और उन्होंने वर्ष 1971 से 1988 तक कलकत्ता उच्च न्यायालय में भारत सरकार के स्थायी वकील के तौर पर काम किया.

उनके बड़े भाई का नाम स्वर्गीय अनुप देब है, जो पेशे से वरिष्ठ वकील व न्यायाधीश थे. वे सिक्किम के राज्य महाधिवक्ता थे और उन्होंने गुवाहाटी, उड़ीसा और सिक्किम उच्च न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में भी कार्य किया. इसके साथ ही उनके बड़े भाई तेजेंद्र बिनोद देब ने कुछ समय के लिए सिक्किम उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में भी कार्य किया.

उनकी पत्नी का नाम श्रीमती शुक्ला देब है. चुनाव में दिए गए हलफनामें के अनुसार उनकी पत्नी राजनीति में सक्रिय है और वह सिलीगुड़ी नगर निगम के वार्ड नंबर 17 से पार्षद चुनी गई हैं. उनके दो बच्चे है, जिनके नाम श्रेया देब (बेटी) और शाश्वत देब (बेटा) है.

उनके बेटे वीआईटी भोपाल से कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं जबकि उनकी बेटी श्रेया देब कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेज और अस्पताल से एमबीबीएस करने के बाद सेंट जॉ,न्स मेडिकल कॉलेज, बेंगलुरु से एमडी की पढ़ाई कर रही है.

गौतम देब धर्म से हिन्दू है और जाति से कायस्थ (सामान्य वर्ग) है. उनपर 0 आपराधिक मामलें दर्ज है.

गौतम देब की शिक्षा (Goutam Deb Education)

गौतम देब ने शुरूआती पढाई सिलीगुड़ी बॉयज़ हाई स्कूल से की और फिर वर्ष 1979 में उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय के अधीन सिलीगुड़ी महाविद्यालय से कला में स्नातक की, बाद में, उन्होंने वर्ष 1984 में कलकत्ता विश्वविद्यालय के अधीन सुरेंद्र नाथ विधि महाविद्यालय से विधि में स्नातक (LLB) की.

गौतम देब का शुरुआती जीवन (Goutam Deb Early Life)

गौतम देब पेशे से वकील रहे है. लॉ की पढाई के बाद, उन्होंने वर्ष 1982 में सिलीगुड़ी बार में एक वकील के रूप में अपने नाम को रजिस्टर्ड कराया. देब वर्ष 1986 से लेकर 1995 तक दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कूच बिहार और पश्चिम दिनाजपुर जिला न्यायालयों और मध्यस्थताओं के लिए भारतीय रेलवे के पैनल वकील के साथ साथ स्थायी वकील भी रह चुके है.

गौतम देब का राजनीतिक करियर (Goutam Deb Political Career)

पेशे से वकील रहे गौतम देब की राजनीतिक यात्रा सत्तर के दशक के मध्य में छात्र राजनीति से आरंभ हुई. पढाई के दौरान 1975 में उन्होंने दार्जिलिंग जिले की छात्र परिषद (सीपी) के सदस्य के रूप में राजनीति में प्रवेश किया. बंगाल देश के उन राज्यों में शामिल हैं जहां वामपंथी विचारधारे की नींव बहुत अंदर तक गई हुई है और यह राज्य में कई दशकों से लोगो की सोच में शामिल रही है. 1978 में, उन्हें उत्तरी बंगाल के सिलीगुड़ी कॉलेज में छात्र परिषद के महासचिव के रूप में सीधे चुना गया जबकि वर्ष 1978 से लेकर वर्ष 1986 तक वे दार्जिलिंग जिले की छात्र परिषद के अध्यक्ष चुने गए थे.

इसके बाद उनकी राजनीतिक यात्रा लगातार जारी रही और इसी क्रम में वे वर्ष 1988 से 2015 तक चार बार सिलीगुड़ी नगर निगम के पार्षद रहे, हालांकि 2004 से 2009 की अवधि में वे पार्षद नहीं थे क्योकि तब यह सीट आरक्षित थी. वे दार्जिलिंग जिले की युवा कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके है, जबकि वे दो बार सिलीगुड़ी नगर निगम में विपक्ष के नेता रहे है.

1998 में गौतम देब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में शामिल हो गए. इसके बाद, देब 2004 से दार्जिलिंग जिला तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे हैं. वे उत्तर बंगाल की तृणमूल कांग्रेस कोर कमेटी के अध्यक्ष भी रहे. उन्हें 8 जिलों वाले उत्तर बंगाल में टीएमसी को मजबूत करने के लिए जाना जाता है.

वे 2011 और 2016 में लगातार दो बार डबग्राम-फुलबारी विधानसभा क्षेत्र से टीएमसी के टिकट पर चुने गए पर 2021 में भाजपा के शिखा चटर्जी से लगभग अट्ठाइस हजार मतों के अंतराल से हार गए. इस बार के बंगाल विधानसभा चुनाव में एक बार फिर से टीएमसी ने उन्हें यहाँ से अपना उम्मीदवार बनाया है. पिछले बार की भांति इस बार भी उन्हें भाजपा की शिखा चटर्जी से कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ रहा है.

गौतम देब की संपत्ति (Goutam Deb Property)

2026 में विधानसभा चुनाव में दाखिल किये गए घोषणापत्र के अनुसार गौतम देब की कुल संपत्ति 4.52 करोड़ रूपये हैं.

इस लेख में हमने आपको गौतम देब की जीवनी (Goutam Deb Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.