Swapan Dasgupta Biography in Hindi – इस लेख में हम आपको स्वपन दास गुप्ता जीवनी, शिक्षा, परिवार, बच्चों और राजनीतिक करियर के बारे में बताएंगे.
स्वपन दास गुप्ता की जीवनी (Swapan Dasgupta Biography in Hindi)
Swapan Dasgupta Latest News – डॉ. स्वपन दासगुप्ता बंगाल भाजपा के बौद्धिक चेहरा माने जाते है. पेशे से लेखक रहे स्वपन दासगुप्ता राज्यसभा सदस्य भी रह चुके है. इस बार वे बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार भी है. स्वपन दासगुप्ता ऐसे व्यक्तित्व का नाम है, जिसने आधुनिक माहौल में रहकर भी मजबूती से सनातन संस्कृति के ध्वज को बुलंद रखा है. इंग्लैंड में रहकर वहां के प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च शिक्षा ग्रहण करने के बावजूद, उनके विचार में हिंदुत्व और राष्ट्रवाद कूट-कूट कर भरा है. इतना ही नहीं उन्होंने देश की अंग्रेजी भाषी लोगो के साथ ही वैश्विक मंचो पर भी हिंदुत्व की जड़ को मजबूत करने का काम किया है. डॉ. दासगुप्ता पश्चिम बंगाल सरकार की बंगाली भाषा के प्रति कट्टरता वाले विचारधारा का भी खुलकर विरोध किया है, उनका मानना है इससे राष्ट्रवाद को हानि हो सकती है. इस लेख में हम आपको स्वपन दास गुप्ता जीवनी (Swapan Dasgupta Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.
स्वपन दास गुप्ता जन्म और परिवार (Swapan Dasgupta Birth & Family)
स्वपन दास गुप्ता का जन्म 3 अक्टूबर 1955 को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में हुआ था. उनके पिता का नाम समरेंद्र चंद्र दासगुप्ता है. उनकी शादी श्रीमती रेशमी रे दासगुप्ता से हुई है, जो द इकोनॉमिक टाइम्स में लाइफस्टाइल एडिटर हैं. उनका एक बेटा है, जिनका नाम सौम्या सृजन दासगुप्ता है और जो वर्तमान में, भारत के सर्वोच्च न्यायालय में वकील है. उनकी पत्नी और बेटा दोनों ही नई दिल्ली में रहते हैं. स्वपन दास गुप्ता धर्म से हिन्दू है. उनपर 0 आपराधिक मामलें दर्ज है.
स्वपन दास गुप्ता शिक्षा (Swapan Dasgupta Education)
डॉ. स्वपन दास गुप्ता ने सेंट पॉल स्कूल और ला मार्टिनियर कलकत्ता से अपनी स्कूली शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 1975 में सेंट स्टीफंस कॉलेज से स्नातक किया, जहाँ उन्हें प्रतिष्ठित इनलैक्स छात्रवृत्ति से सम्मानित किया गया. दास गुप्ता ने स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज से एमए और वर्ष 1980 में पीएचडी (डॉक्टरेट) किया.
स्वपन दास गुप्ता का शुरुआती जीवन (Swapan Dasgupta Early Life)
स्वपन दास गुप्ता का शुरुआती जीवन राजनीति से दूर बिता. लंदन से पीएचडी करने के बाद वे वर्ष 1979 में कुछ समय के लिए भारत लौटकर कलकत्ता केमिकल कंपनी में प्रबंधन पद को संभाला, जो उनका एक पारिवारिक व्यवसाय था. लेकिन वे एक वर्ष के भीतर ही इंग्लैंड लौट चले गए और ऑक्सफोर्ड के नफिल्ड कॉलेज में जूनियर रिसर्च फेलो के रूप में काम करने लगे, जहाँ उन्होंने दक्षिण एशियाई राजनीति का अध्यापन और शोध किया.
स्वपन दास गुप्ता राजनीतिक करियर (Swapan Dasgupta Political Career)
इंग्लैंड में रहते हुए स्वपन दास गुप्ता का वैचारिक झुकाव हिंदुत्व की ओर गया और यही उनके राजनीति में आने के आधार बन गए. उनपर भाजपा का गहरा प्रभाव पड़ा और वे दक्षिणपंथी के गहरे समर्थक बन गए. इसी के बाद वे नब्बे के दशक की शुरुआत में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए. चूँकि भाजपा भी उस समय अपनी जमीन मजबूत करने के लिए संघर्ष कर रही थी और खासकर बंगाल में तो पार्टी का जनाधार नगण्य ही था. इसी कारण पार्टी को स्वपन जैसे विद्वान व्यक्तित्व की सख्त जरूरत थी. यही से स्वपन दिल्ली की राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय हो गए.
जब केंद्र में मोदी के नेतृत्व में 2014 में भाजपा की सरकार आयी, तब दो वर्ष बाद अप्रैल 2016 में दासगुप्ता को साहित्य के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व के रूप में राज्यसभा के लिए मनोनीत किया. चूँकि राज्यसभा में ऐसे क्षेत्र से भी सदस्यों के मनोनीत करने का संवैधानिक प्रावधान है, जो कला, साहित्य या खेल जगत के दिग्गज हस्ती होते है. इसी के तहत केंद्र की मोदी सरकार ने उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किया. 6 वर्ष के कार्यकाल पूरा होने से पहले ही उन्होंने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया. वह समय बंगाल विधानसभा चुनाव का था.
दरअसल, 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें राज्य की प्रत्यक्ष राजनीति में उतारने का मन बनाया. भाजपा ने उन्हें तारकेश्वर विधानसभा क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बनाया. बंगाल की तारकेश्वर विधानसभा सीट राज्य के हुगली जिले में स्थित है. इस चुनाव में स्वपन दास गुप्ता का मुख्य मुकाबला टीएमसी के रामेंदु सिन्हाराय से था. लेकिन वे 7000 से अधिक वोटों से हार गए. एक महीने बाद, दासगुप्ता को उनके मूल कार्यकाल के शेष समय के लिए राज्यसभा में पुनः मनोनीत किया गया. इस तरह वे 2022 तक राज्यसभा के सदस्य रहे.
2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव में एक बार फिर वे राज्य की राजनीति में सक्रिय है, और इस बार भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें ‘राशबेहरी विधानसभा सीट’ से अपना उम्मीदवार बनाया है. इस बार उनका मुख्य मुकाबला तत्कालीन टीएमसी विधायक देबासिस कुमार से है.
स्वपन दास गुप्ता संपत्ति (Swapan Dasgupta Property)
2021 में विधानसभा चुनाव में दाखिल किये गए घोषणापत्र के अनुसार स्वपन दास गुप्ता की कुल संपत्ति 6.69 करोड़ रूपये हैं, जबकि उनपर 34 लाख का कर्ज हैं.
इस लेख में हमने आपको स्वपन दास गुप्ता जीवनी (Swapan Dasgupta Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.










