Rudranil Ghosh Biography in Hindi – इस लेख में हम आपको रुद्रनील घोष जीवनी, शिक्षा, परिवार, बच्चों और राजनीतिक करियर के बारे में बताएंगे.
रुद्रनील घोष की जीवनी (Rudranil Ghosh Biography in Hindi)
Rudranil Ghosh Latest News – रुद्रनील घोष बंगाल भाजपा के ऐसे नेता है जिनकी बांग्ला फिल्म जगत में एक विशेष स्थान है. वे अब तक अस्सी से ज्यादा फिल्मो में काम कर चुके है. फिल्मो के अलावा वे कई टीवी धारावाहिक में भी देखे गए है. भाजपा में शामिल होने से पहले घोष तृणमूल कांग्रेस में थे. भाजपा ने उन्हें इस बार राज्य में अपना उम्मीदवार बनाया है. इस लेख में हम आपको अभिनेता से नेता बने रुद्रनील घोष के जीवन परिचय (Rudranil Ghosh Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.
रुद्रनील घोष जन्म और परिवार (Rudranil Ghosh Birth & Family)
रुद्रनील घोष का जन्म 6 जनवरी 1973 को पश्चिम बंगाल के हावड़ा में हुआ था. उनके पिता का नाम स्वर्गीय रवींद्रनाथ घोष है. रुद्रनील घोष धर्म से हिन्दू है. उनपर 0 आपराधिक मामलें दर्ज है.
रुद्रनील घोष शिक्षा (Rudranil Ghosh Education)
रुद्रनील घोष ने पश्चिम बंगाल राज्य बोर्ड के अंतर्गत आनेवाले ‘संतरागाची केदारनाथ संस्थान’, हावड़ा से अपनी प्रारंभिक शिक्षा की. उन्होंने वर्ष 1995 में कलकत्ता विश्वविद्यालय से संबद्ध नरसिंह दत्त कॉलेज से स्नातक (बीएससी) की.
रुद्रनील घोष का शुरुआती जीवन (Rudranil Ghosh Early Life)
रुद्रनील घोष बंगाली फिल्म के जाने-मानें अभिनेता है. उन्होंने अब तक आधे दर्जन से भी अधिक टीवी सीरियल और करीब अस्सी से ज्यादा बंगाली फिल्मो में काम किया है. उनकी प्रसिद्ध टीवी धारावाहिक ब्योमकेश है, जो 2014 में आयी थी, यह धारावाहिक ब्योमकेश बख्शी की जासूसी खोज पर केंद्रित है, जो बंगाली लेखक शरदिंदु बंद्योपाध्याय द्वारा रचित हैं. उनकी फिंल्मों में दुर्घटना, जियो काका, ब्योमकेश बख्शी, लव सर्कस, कालबेला, तीन यारी कथा, चलो चलें, हैलो कोलकाता, शरणार्थी, कांतातार, लव एक्सप्रेस, सत्यन्वेशी ब्योमकेश, स्वास्तिक संकेत, अबर बिबाहो ओभिजान, मैदान और धूमकेतु है. उनके फ़िल्मी करियर में उन्हें अब तक कई अवार्ड्स से सम्मानित किया जा चुका है.
रुद्रनील घोष राजनीतिक करियर (Rudranil Ghosh Political Career)
पेशे से अभिनेता रहे रुद्रनील घोष की राजनीतिक यात्रा नब्बे के दशक के शुरुआत में छात्र राजनीति से आरंभ हुई. पढाई के दौरान ही वे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) में शामिल हो गए थे. पश्चिम बंगाल देश का एक ऐसा राज्य है, जो वामपंथी पार्टियों के लिए के सेफ-जोन रहा है. रुद्रनील घोष वर्ष 1991 से लेकर 2011 तक सीपीएम (मार्क्सवादी) के सक्रिय सदस्य रहे. यह वह समय था, जब बंगाल में वामपंथी पार्टी अंतिम सांसे गिन रही थी. राज्य में ममता बनर्जी के नेतृत्व में लगातार आंदोलन और प्रचार किये जा रहे थे. इसी के बाद रुद्रनील 2011 में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए.
टीएमसी में शामिल होकर उन्हें राज्य में बड़े पद की प्राप्ति हुई. उन्हें पश्चिम बंगाल राज्य व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद का अध्यक्ष बना दिया गया. बंगाल चुनाव से ठीक कुछ दिन पहले रुद्रनील घोष तीसरी बार पार्टी बदलते हुए इस बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए. पार्टी में शामिल होने के बाद भाजपा ने उन्हें भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बनाया. बंगाल की भवानीपुर विधानसभा सीट राज्य की राजधानी कोलकाता जिले में स्थित है और यह क्षेत्र कोलकाता का प्रमुख ऐतिहासिक और पॉश आवासीय क्षेत्र भी कहलाता है.
इस चुनाव में रुद्रनील घोष का मुख्य मुकाबला टीएमसी के सोवंदेब चटर्जी से था. बंगाल की यह विधानसभा सीट वैसी दुर्लभ सीटों में से एक है, जहाँ वामपंथी पार्टी कमजोर स्थिति में रही है. यहाँ से 2011 से लगातार टीएमसी जीतती आ रही है, जबकि उससे पहले केवल एक बार को छोड़कर कांग्रेस जीतती आ रही थी. इस सीट से केवल एक बार 1969 में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की जीत हुई थी. इस चुनाव में रुद्रनील घोष की 28,719 वोटों के अंतर से हार हुई. अब 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें शिबपुर विधानसभा क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बनाया है. इस चुनाव में उनका मुख्य मुकाबला टीएमसी के राणा चटर्जी से है.
रुद्रनील घोष संपत्ति (Rudranil Ghosh Property)
2021 में विधानसभा चुनाव में दाखिल किये गए घोषणापत्र के अनुसार रुद्रनील घोष की कुल संपत्ति 1.69 करोड़ रूपये हैं, जबकि उनपर 69 लाख का कर्ज हैं.
इस लेख में हमने आपको रुद्रनील घोष जीवनी (Rudranil Ghosh Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.










