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सालाना 300 रुपये भी नहीं हैं कांग्रेस के विधायक-मंत्रियों के पास? 50 फीसदी नेताओं ने नहीं जमा कराया पार्टी फंड का पैसा

03 जनवरी 2020
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सालाना 300 रुपये भी नहीं हैं कांग्रेस के विधायक-मंत्रियों के पास? 50 फीसदी नेताओं ने नहीं जमा कराया पार्टी फंड का पैसा

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. यूं तो कांग्रेस विधायक और मंत्रियों का मानदेय अच्छा खासा है लेकिन अजीब बात है कि बावजूद इसके पार्टी फंड में सालाना 300 रुपये जमा कराने में भी उन्हें जोर आ रहा है. यह बात कोई मजाक नहीं बल्कि सच है. पार्टी के 50 फीसदी नेताओं का नो ड्यूज अभी भी बाकी चल रहा है. इसके चलते मनमोहन कमेटी (Manmohan Committee) की सिफारिशों का साफ तौर पर उल्लंघन हो रहा है. इसके मुताबिक 31 दिसम्बर तक पार्टी फंड में मंत्री और विधायकों को पैसा जमा कराना था लेकिन अभी तक केवल 50 फीसदी नेताओं ने ही इस काम को अंजाम दिया है. मनमोहन कमेटी (Manmohan Committee) की सिफारिशों … Read more

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. यूं तो कांग्रेस विधायक और मंत्रियों का मानदेय अच्छा खासा है लेकिन अजीब बात है कि बावजूद इसके पार्टी फंड में सालाना 300 रुपये जमा कराने में भी उन्हें जोर आ रहा है. यह बात कोई मजाक नहीं बल्कि सच है. पार्टी के 50 फीसदी नेताओं का नो ड्यूज अभी भी बाकी चल रहा है. इसके चलते मनमोहन कमेटी (Manmohan Committee) की सिफारिशों का साफ तौर पर उल्लंघन हो रहा है. इसके मुताबिक 31 दिसम्बर तक पार्टी फंड में मंत्री और विधायकों को पैसा जमा कराना था लेकिन अभी तक केवल 50 फीसदी नेताओं ने ही इस काम को अंजाम दिया है.

मनमोहन कमेटी (Manmohan Committee) की सिफारिशों के बाद बने नियमों के अनुसार, कांग्रेसी मंत्री, विधायकों और लाभ के पदों पर बैठे नेताओं को एक महीने का वेतन हर साल पार्टी फंड में जमा कराना जरूरी है. पीसीसी सदस्यों को सालाना 300 रुपए और एआईसीसी सदस्यों को 600 रुपए सालाना पार्टी फंड में जमा करवाना होता है. इस नियम के मुताबिक 31 दिसंबर तक पार्टी फंड में मंत्री विधायकों को पैसा जमा करवाना था. हालांकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, डिप्टी सीएम एवं पीसीसी चीफ सचिन पायलट एक महीने का वेतन पार्टी फंड में चैक के जरिए जमा करवा चुके हैं.

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हद तो तब हो गई जब कांग्रेस के कई मंत्री और नेता नकद पैसा पार्टी फंड में जमा कराने की बात पर अड़ गए. लेकिन पार्टी ने नकदी लौटाते हुए चैक से ही पैसा पार्टी फंड में जमा करवाने को कहा. ऐसा इसलिए है क्योंकि पार्टी फंड में 2000 रुपए से ज्यादा का योगदान नकद नहीं लेने के नियम की सख्ती से पालना की जा रही है. राजस्थान के एक वरिष्ठ कांग्रेस विधायक तो नकद पैसा जमा नहीं करने पर नाराज होकर प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट तक पहुंच गए. हालांकि पायलट ने भी उन्हें चैक से ही पैसा जमा कराने की सलाह देकर वापिस भेज दिया.

गौरतलब है कि कांग्रेस के टिकट पर किसी भी तरह का चुनाव लड़ने से पहले पार्टी से नो ड्यूज सर्टिफिकेट लेना होता है. ऐसे में एक तरह से परम्परा सी चली आ रही है कि चुनावों के वक्त ही अधिकांश नेता पार्टी फंड का बकाया चुकाते हैं. वजह ये है कि कई पीसीसी और एआईसीसी सदस्य पंचायत चुनाव लड़ना चाहते हैं, इसलिए वे अब पैसा जमा कराने की लाइन में खड़े हो गए हैं. इस संबंध में कांग्रेस के प्रदेश संगठन महासचिव महेश शर्मा का कहना है कि 50 फीसदी नेताओं ने पार्टी फंड में पैसा जमा करा दिया है. यह एक सतत प्रक्रिया है. अन्य नेता भी पैसे जमा करवा रहे हैं. जल्द पैसा जमा हो जाएगा.

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