मोदी की तारीफ करने वाले कांग्रेसियों पर भड़के खुर्शीद, कहा- ‘प्रधानमंत्री मोदी के काम में अच्छाई खोजना ठीक वैसा है जैसे भूसे के ढेर में सुई खोजना’

पीएम मोदी के काम में अच्छाई खोजना ठीक वैसा है जैसे भूसे के ढेर में सुई खोजना: सलमान खुर्शीद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के अच्छे कामों की तारीफ करने वाले कांग्रेसी नेताओं पर तंज कसते हुए कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद (Salman Khurshid) ने रविवार को एक बड़ा बयान दिया. खुर्शीद ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के काम में अच्छाई खोजना ठीक वैसा है जैसे भूसे के ढेर में सुई खोजना. साथ ही उन्होंने कहा कि वे किसी को सीधे-सीधे जवाब नहीं देना चाहते हैं क्योंकि उससे पार्टी में भ्रम पैदा होगा. अपने बयान में भले ही उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया हो लेकिन इशारों-इशारों में कांग्रेस नेता जयराम रमेश (Jairam Ramesh), शशि थरूर (Shashi Tharoor) और अभिषेक मनु सिंघवी … Read more

धीरे-धीरे रंग बदल रहे हैं केरल के कांग्रेस सांसद शशि थरूर

तिरुअनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर धीरे-धीरे रंग बदल रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ करने के बाद वह अपनी पार्टी के नेताओं के निशाने पर हैं. केरल प्रदेश कांग्रेस ने उन्हें नोटिस थमा दिया है कि मोदी की तारीफ क्यों की? थरूर से सफाई मांगने वालों में जयराम रमेश और अभिषेक मनु सिंघवी भी थे. शशि थरूर सफाई देने की बजाय उलटे कांग्रेस नेताओं को ही खरी-खोटी सुनाने लगे.

थरूर ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री मोदी की सरकार कोई अच्छा काम करती है तो उसकी तारीफ करना गलत नहीं है. उन्होंने अपने आलोचकों को आड़े हाथों लेते हुए कहा, मैंने संसद में पचास से ज्यादा बार हस्तक्षेप किया है और 17 विधेयकों पर कांग्रेस सांसद के रूप में अपनी बात रखी है. केरल में जो लोग मेरी आलोचना कर रहे हैं, क्या उन्होंने इतना काम कभी किया है, जितना मैं कर रहा हूं.

थरूर की आलोचना करने वालों में केरल के कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला, के मुरलीधरन, बेनी बेहनन और टीएन प्रतापन शामिल हैं. थरूर तीन बार तिरुअनंतपुरम लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं. उन्होंने मुस्लिम लीग के नेता पूर्व मंत्री एमके मुनीर और मुस्लिम यूथ लीग के अध्यक्ष सैयद मुनव्वर अली शहाब थंगल को धन्यवाद दिया है. इन दोनों नेताओं ने थरूर का समर्थन किया था.

थरूर और केरल प्रदेश कांग्रेस के नेताओं के बीच खींचतान से ये अटकलें भी तेज हो गई हैं कि अनेक नेता पाला बदलकर भाजपा में जा सकते हैं. गौरतलब है कि थरूर की दूसरी पत्नी सुनंद पुष्कर की रहस्यमय मौत का मामला अभी तक उलझा हुआ है. शशि थरूर को विदेश जाने के लिए अदालत से अनुमति लेनी पड़ती है. सुनंदा पुष्कर की मौत 17 जनवरी 2014 को दिल्ली के पांच सितारा होटल लीली पैलेस में हुई थी. दिल्ली पुलिस ने थरूर पर सुनंदा को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है. उन्हें बाहर रहने के लिए अदालत से जमानत लेनी पड़ती है.

शशि थरूर देख रहे होंगे कि भाजपा और हिंदुत्व के कट्टर विरोधी की छवि अर्जित कर चुके पी चिदंबरम के साथ क्या हो रहा है. वह एक जमाने में कांग्रेस सरकार के सबसे ताकतबर मंत्री थे. वित्त मंत्रालय और गृह मंत्रालय उन्होंने संभाला. लेकिन अब कानून पचड़ों में फंसे हुए हैं. सीबीआई के अधिकारी उन्हें घर से उठाकर ले गए थे. अब वह जिंदगी भर अदालतों के चक्कर लगाते रहेंगे, भले ही वह खुद सुप्रीम कोर्ट के नामी वकील हैं. जब चिदंबरम के साथ ऐसा हो सकता है, तो थरूर का कद तो उनसे छोटा ही है.

भाजपा को केरल में अपना जनाधार बढ़ाना है और अब उसे अन्य पार्टियों के नेताओं को अपना सदस्य बनाने में कोई एतराज नहीं है. दर्जनों की संख्या में कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी पार्टियों के नेता भाजपा में शामिल हो चुके हैं. केरल में भाजपा की मौजूदगी नगण्य है. केरल में विस्तार करना भाजपा की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए केरल के माहौल में रचे-बसे नेताओं की जरूरत है. शशि थरूर केरल के ही हैं और विद्वान हैं. कई किताबें लिख चुके हैं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में काम कर चुके हैं.

थरूर पर सुनंदा पुष्कर को आत्महत्या के लिए उकसाने के अलावा और कोई गंभीर आरोप भी नहीं है. जिस तरह थरूर के खिलाफ केरल के कांग्रेस नेता ही लामबंद हो रहे हैं, उससे थरूर कांग्रेस से विदा होने का विचार कर सकते हैं. हालांकि यह बहुत मुश्किल है क्योंकि वह सोनिया गांधी के विश्वस्त लोगों में शामिल है. लेकिन आजकल जिस हिसाब से राजनीति चल रही है, उसमें परेशानी से बचने के लिए बड़े-बड़े नेताओं का पाला बदल लेना आश्चर्य की बात नहीं है. अगर थरूर कांग्रेस से छोड़ते हैं तो भाजपा उनका स्वागत कर सकती है.

झारखंड के कई कांग्रेस नेता पार्टी छोड़ने के लिए तैयार

कांग्रेस की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. झारखंड (Jharkhand) में विधानसभा चुनाव (Assembly Election) होने वाले हैं. कांग्रेस (Congress) ने संगठन को मजबूत करने के लिए रामेश्वर उरांव को झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है. रामेश्वर उरांव (Rameshwar Oraon) पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं और सांसद रह चुके हैं. उनके साथ ही पांच कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए हैं. पार्टी ने यह कदम पार्टी में नेताओं के आपसी मतभेद दूर करने और संगठन को मजबूत करने के लिए उठाया है. लेकिन इससे नेताओं में असंतोष पैदा हो गया है. बताया जाता है कि झारखंड में कांग्रेस के कई नेता पार्टी छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं. … Read more

सिंधिया समर्थकों की इस्तीफे की धमकी के बीच सोनिया से मिले कमलनाथ, पर नहीं बनी बात

मध्यप्रदेश में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर उठा बवाल थमता नजर नहीं आ रहा है, प्रदेश के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) की नाराजगी और उनके समर्थन में कार्यकर्ताओं की इस्तीफे की धमकी के बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार सुबह कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) से मुलाकात की. कमलनाथ (Kamalnath) और सोनिया गांधी के बीच चली आधे घंटे की मुलाकात के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि पीसीसी चीफ का एलान हो जाएगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ, मुलाकात के बाद अब भी मप्र के नए पीसीसी चीफ को लेकर पेंच फंसा हुआ है. सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद सीएम कमलनाथ जब बाहर आए तो … Read more

हरियाणा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से अशोक तंवर को हटाने की तैयारी

हरियाणा (Haryana) में विधानसभा चुनाव की तैयारी के मद्देनजर कांग्रेस ने पार्टी नेताओं के अंदरूनी मतभेद दूर करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं. हरियाणा में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा (Bhupinder Singh Hooda) और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर (Ashok Tanwar) के बीच भारी मतभेद चल रहे हैं. पांच साल पहले राहुल गांधी ने अशोक तंवर को हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया था. इन दिनों हुड्डा और तंवर के बीच भारी खींचतान चल रही है, जिससे विधानसभा चुनाव में पार्टी की संभावनाओं पर विपरीत असर पड़ सकता है. हुड्डा लंबे समय से अशोक तंवर को प्रदेशाध्यक्ष पद से हटाने की मांग कर रहे हैं.

कांग्रेस महासचिव हरियाणा के प्रभारी गुलाम नबी आजाद (Gulam Nabi Azad) ने हाल ही प्रदेश के प्रमुख नेताओं से बातचीत की है और सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को भी परिस्थितियों से अवगत कराया है. इसके बाद तंवर को हटाने की संभावना मजबूत हो गई हैं. आजाद ने जिन नेताओं से विचार विमर्श किया है, उनमें हुड्डा और तंवर के अलावा कांग्रेस कार्यकारिणी सदस्य कुमारी शैलजा, विधायक दल की नेता किरण चौधरी, वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला (Randeep Singh Surjewala) और अजय यादव शामिल हैं. इन बैठकों को हरियाणा में नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है.

आजाद नए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर सभी गुटों में सहमति बनाने का प्रयास कर रहे हैं. कुमारी शैलजा के नाम पर सर्वसम्मति नजर आ रही है. कुमारी शैलजा (Kumari Selja) दलित नेता हैं और पार्टी में वरिष्ठ भी हैं. उनको प्रदेशाध्यक्ष बनाने से हरियाणा में पार्टी के अंदरूनी मतभेद दूर हो सकते हैं. शैलजा के अलावा रणदीप सिंह सुरजेवाला और अजय यादव भी प्रदेशाध्यक्ष बनने की दौड़ में शामिल हैं. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि फिलहाल कुमारी शैलजा का नाम तय नहीं हुआ है. भूपेन्द्र सिंह हुड्डा या उनके पुत्र दीपेन्द्र हुड्डा (Deependra Hooda) को भी प्रदेशाध्यक्ष बनाने पर विचार किया जा रहा है.

बड़ी खबर: हरियाणा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी ने खेला बड़ा दांव

एक कयास यह भी है कि कांग्रेस हाईकमान भूपेन्द्र हुड्डा की पार्टी पर दबाव बनाने की नीति से खुश नहीं है. हाल ही में रोहतक की रैली में हुड्डा ने बगावती तेवर दिखाए थे, जिससे पार्टी हाईकमान सतर्क भी है. एक संभावना यह भी है कि हुड्डा को कांग्रेस विधायक दल का नेता बनाया जा सकता है, भले ही विधानसभा का कार्यकाल कुछ ही दिनों में समाप्त हो रहा हो. कांग्रेस हाईकमान का मानना है कि हुड्डा को महत्व देना जरूरी है, जिससे कि वह विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रचार से पीछे न हटें.

सूत्रों ने बताया कि भूपेन्द्र सिंह हुड्डा को प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने की संभावना नहीं है, लेकिन प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) का पुनर्गठन किया जा सकता है. और प्रमुख नेताओं को सामूहिक जिम्मेदारी के आधार पर चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है. कांग्रेस हाईकमान को पूरा भरोसा है कि बगावती तेवर दिखाने के बावजूद हुड्डा कांग्रेस नहीं छोड़ेंगे.

सिंधिया समर्थकों की चेतावनी अगर 10 दिनों में पीसीसी अध्यक्ष नहीं बनाया तो देंगे इस्तीफा

सिंधिया समर्थकों की चेतावनी पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं मध्य प्रदेश कांग्रेस (Congress) के कद्दावर युवा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के राजनीतिक भविष्य को लेकर उनके समर्थकों की नाराजगी बढ़ती जा रही है. समर्थकों का दबाव है कि सिंधिया को प्रदेश कांग्रेस संगठन की कमान सौंपी जाए. ज्‍योतिरादित्‍य को मध्‍यप्रदेश कांग्रेस अध्‍यक्ष (MP Congress President) बनाने की मांग करते हुए उनके समर्थकों ने चेतावनी तक दे डाली है कि यदि प्रदेश अध्‍यक्ष नहीं बनाए गए तो इस्‍तीफा दे देंगे.

ज्योतिरादित्य सिंधिया को पीसीसी चीफ (PCC Chief) बनाए जाने की मांग ने एक बार फिर से जोर पकड़ लिया है. मध्यप्रदेश में उनके समर्थक खुलकर समर्थन में उतर गए है और कमान सिंधिया को सौंपने की मांग पर अड़ गए है. दतिया जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष अशोक दांगी बगदा ने इस्तीफा देते हुए हाईकमान को धमकी दी है कि अगर 10 दिन के अंदर ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष की कमान नहीं सौंपी तो जिले के 500 सिंधिया समर्थक इस्तीफा देंगे. इस घटनाक्रम के बाद एक बार फिर कांग्रेस में घमासान मच गया है.

वहीं जिला कांग्रेस कमेटी मुरैना के अध्यक्ष राकेश मावई ने एलान किया है कि अगर ज्योतिरादित्य सिंधिया अध्यक्ष नहीं बने तो मुरैना की कार्यकारिणी सहित वे खुद भी इस्तीफा दे देंगे. यह मांग मावई ने सीधे सोनिया गांधी और राहुल गांधी से की है. मंगलवार को जबलपुर में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर सिंधिया के पक्ष में प्रदर्शन किया.

कांग्रेस में ज्योतिरादित्य सिंधिया की भूमिका को लेकर अब उनके समर्थक चिंतित और परेशान होने लगे हैं. लोकसभा चुनाव से पहले जब प्रदेश अध्यक्ष का माहौल बना, तब उन्हें मध्य प्रदेश से हटाकर आधे उत्तर प्रदेश का प्रभारी बना दिया गया. उनके समर्थक सिंधिया की आम चुनाव में हुई हार के लिए इसी कारण को जिम्मेदार मानते हैं. समर्थकों का मानना है कि यदि सिंधिया मध्यप्रदेश में ही सक्रिय रहते तो न केवल खुद की, बल्कि आसपास की एक-दो सीटें और निकाल सकते थे.

यह भी पढ़ें: मध्यप्रदेश में भाजपा के सहयोग से ज्योतिरादित्य सिंधिया बन सकते हैं मुख्यमंत्री!

गौरतलब है कि लोकसभा में सिंधिया को प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) के साथ उत्तरप्रदेश का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया था और हाल ही में ज्योतिरादित्य सिंधिया को महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिये बनी स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है. इस पर सिंधिया समर्थकों की गहरी नाराजगी खुलकर सामने आ रही है. समर्थकों का कहना है कि अब जबकि राज्य में नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन का वक्त आया तो उन्हें महाराष्ट्र विधानसभा के लिए बनी स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाकर महाराष्ट्र में उलझा दिया है.

सिंधिया समर्थक मंत्री इमरती देवी तो खुलकर मैदान में आ चुकी हैं, उनका कहना है कि सिंधिया को मप्र में ही कोई जिम्मेदारी दी जानी थी, महाराष्ट्र में कौन पूछ रहा है. बता दें, इससे पहले भी सिंधिया समर्थकों ने उनको मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने की मांग की थी. जबकि कुछ समर्थकों ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की मांग को लेकर मध्यप्रदेश में पोस्टर भी लगवा दिए थे.

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सीएम की रैली में युवक का आत्मदाह का प्रयास, ‘जन उत्पीड़न बनी, जन आशीर्वाद यात्रा’- सुरजेवाला

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जन उत्पीड़न बनी हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ में एक युवक ने पेट्रोल छिड़क कर आत्मदाह का प्रयास किया. उस युवक को बचाने के प्रयास में चार लोग और झुलस गए. सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया. वहीं, आग लगाने वाले व्यक्ति की हालत गंभीर है, उसे रोहतक के पीजीआई रैफर किया गया है. गौरतलब है कि हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य की सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी- अपनी तैयारियों में जुट गईं हैं. अमित शाह के आहवान के बाद प्रदेश भाजपा भी अबकी बार 75 पार के साथ विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है. राज्य के सीएम … Read more